काम की बात: इनएक्‍टिव बैंक अकाउंट बंद नहीं किया तो हो सकते हैं ये खतरे

Last Updated: रविवार, 29 मई 2022 (15:28 IST)
हमें फॉलो करें
कई बार लोगों के एक से ज्‍यादा बैंक अकाउंट हो जाते हैं, ऐसा ज्‍यादातर उन लोगों के साथ होता है जो नौकरी बदलते हैं। दरअसल, नौकरी बदलने पर सैलेरी अकाउंट बदल जाता है। वहीं कुछ लोग अलग अलग कारणों से बैंक अकाउंट खोल लेते हैं, बाद में उनका इस्‍तेमाल नहीं हो पाता है। ऐसे में क्‍या आपको पता है कि ऐसे अनउपयोगी अकाउंट आपके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं।

क्‍या नुकसान हैं ऐसे बैंक अकाउंट का?
बैंक खातों में मासिक औसत बैलेंस रखना होता है, जो अलग अलग बैंक की पॉलिसी पर निर्भर

करता है।

यह 500 रुपए से लेकर 15 हजार तक हो सकता है। औसत बैलेंस नहीं रखने पर बैंक आपके खाते से पैसे काट सकता है।

जीरो बैलेंस वाला आपका सैलरी वाले अकाउंट में अगर लगातार 3 महीनों तक सैलरी ना आए तो बैंक उसे सेविंग अकाउंट में बदल देती है। उसे आपको फिर सेविंग अकाउंट की तरह मैनेज करना होगा।

बैंक अपने डेबिट कार्ड पर भी फीस चार्ज करती है। यह सालाना 100 से 1000 रुपए तक हो सकती है। अगर अकाउंट का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तब भी आपको डेबिट कार्ड की फीस देना होती है। फोन पर SMS भेजने का चार्ज भी 30 रुपए प्रति तीन महीने हो सकता है।

तो इनएक्‍टिव हो जाएगा अकाउंट
अगर आप लगातार 12 महीने तक अपने बैंक अकाउंट से कोई लेनदेन नहीं करते हैं तो बैंक आपके खाते को इनएक्टिव अकाउंट मान लेगा। इनएक्टिव अकाउंट में ट्रांजेक्शन करने के लिए बैंक मना नहीं करते लेकिन किसी डॉर्मेंट अकाउंट से आप नेट बैकिंग, एटीएम ट्रांजेक्शन या मोबाइल बैंकिग नहीं कर सकते।

हो सकता है फ्रॉड
आज लोग नेट बैंकिंग का भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सभी का पासवर्ड याद रखना बहुत ही मुश्किल काम होता है। निष्क्रिय अकाउंट का इस्‍तेमाल नहीं करने से इसके साथ फ्रॉड या धोखाधड़ी होने का चांस बहुत अधिक होता है, क्‍योंकि आप लंबे समय तक इसका पासवर्ड नहीं बदलते हैं। इससे बचने के लिए अकांउट या नेट बैंकिंग को बंद करा देना चाहिए।



और भी पढ़ें :