योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से मिलकर मुख्यमंत्री पद से सौंपा इस्तीफा

Last Updated: शुक्रवार, 11 मार्च 2022 (22:06 IST)
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उनसे अन्य व्यवस्था होने तक मंत्रिमंडल के साथ कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में यथावत शासन का कार्य देखते रहने का अनुरोध किया।
इसके पहले योगी ने अपनी मौजूदा सरकार की मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की आखिरी बैठक की जिसमें में भारतीय जनता पार्टी को मिले पूर्ण बहुमत के लिए जनता-जनार्दन का आभार प्रकट करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, निर्वाचन आयोग, सुरक्षाकर्मियों, अधिकारियों और राज्य तथा केंद्र के पुलिस बल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

राजभवन से जारी बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम को राजभवन, लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपा।

इस अवसर पर राज्यपाल ने योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए, उनसे अन्य व्यवस्था होने तक मंत्रिमंडल के साथ कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में यथावत शासन का कार्य देखते रहने का अनुरोध किया। इससे पहले राजभवन के समस्त अधिकारियों द्वारा योगी को विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 में भारी बहुमत से पार्टी की विजय पर पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी।

उत्तर प्रदेश में 403 सीटों वाली विधानसभा के लिए सात चरणों में संपन्न हुए की बृहस्पतिवार को घोषणा हुई और भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर कुल 273 सीटें जीतीं एवं पूर्ण बहुमत हासिल किया। अब राज्‍य में दोबारा भाजपा की सरकार बनेगी।

योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में विधानसभा निर्वाचन में भारतीय जनता पार्टी को अपार जनसमर्थन एवं आशीर्वाद प्रदान करने के लिए जनता जनार्दन का अभिनन्दन करते हुए आभार प्रकट किया गया। मंत्रिपरिषद ने नेतृत्व एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

यहां जारी सरकारी बयान के अनुसार विधानसभा निर्वाचन सकुशल संपन्न कराने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने भारत एवं निर्वाचन से जुड़े हुए सभी अधिकारियों/कर्मचारियों, केंद्रीय पुलिसकर्मियों/राज्य पुलिसकर्मियों व इससे जुड़े अन्य सभी को हृदय से धन्यवाद दिया है।

बैठक में पारित प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि जनता ने न केवल भारतीय जनता पार्टी की नीतियों में विश्वास व्यक्त करते हुए उसे प्रचंड बहुमत देकर प्रदेश में सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया है, अपितु अन्य दलों को यह संदेश भी दे दिया है कि अब प्रदेश में विकास एवं सुशासन के अलावा खोखले नारों, जातिवाद एवं परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। इस बैठक के बाद योगी आदित्‍यनाथ राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने शपथ ली थी। पांच वर्षों के योगी के कार्यकाल में सुशासन, विकास और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने के साथ ही बेहतर कानून-व्यवस्था का दावा किया गया है।(भाषा)



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