यूपी की 11 सीटों पर था कांटे का मुकाबला, 500 से भी कम वोटों से भाजपा ने जीती 7

पुनः संशोधित शुक्रवार, 11 मार्च 2022 (12:09 IST)
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब एक दर्जन सीटों पर भाजपा की और सपा की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच बेहद कांटे का मुकाबला हुआ और जीत व हार का फैसला 500 से भी कम मतों के अंतर से हुआ।

चुनावी नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि 11 सीटों पर जीत और हार का अंतर 500 मतों का रहा जबकि डेढ़ दर्जन सीटें ऐसी रहीं जहां हार और जीत का फैसला एक हजार से भी कम मतों से हुआ।

भाजपा गठबंधन के उम्मीदवारों ने 7 सीटों पर सपा गठबंधन के प्रत्याशियों को 500 से भी कम मतों के अंतर से शिकस्त दी वहीं सपा गठबंधन के उम्मीदवारों ने इसी तरह 4 सीटों पर भाजपा गठबंधन के उम्मीदवारों को पराजित किया।
उत्तर प्रदेश की 403 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव में भाजपा, अपना दल (एस) और निषाद पार्टी ने मिलकर 273 सीटों पर कब्जा जमाया वहीं समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी के गठबंधन के खाते में 125 सीटें गईं। अकेले भाजपा ने 255 सीटों पर जबकि समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत दर्ज की।

इस बार के चुनाव में सबसे कांटे का मुकाबला बिजनौर जिले की तीन और बाराबंकी की दो विधानसभा सीटों पर हुआ। बिजनौर जिले की धामपुर विधानसभा सीट पर जबरदस्त टक्कर हुई। बेहद करीबी मुकाबले में यहां भाजपा के अशोक कुमार राणा ने सपा के नईम उल हसन को सिर्फ 203 मतों से पराजित किया।
बिजनौर की चांदपुर सीट पर भी जबदरस्त मुकाबला देखने को मिला लेकिन जीत अंतत: सपा के स्वामी ओमवेश को मिली। उन्होंने भाजपा के कमलेश सैनी को 234 मतों से हराया। इसी जिले की नहटौर सीट पर दिलचस्प मुकाबला हुआ और कई दौर की उठापटक के बाद आखिरकार भाजपा के ओमकुमार ने रालोद के मुंशीराम को 258 मतों से हराया।

बाराबंकी जिले की कुर्सी विधानसभा सीट पर भी बेहद कांटे का मुकाबला हुआ। भाजपा के सकेंद्र प्रताप ने यहां सपा के राकेश कुमार वर्मा को 217 मतों से पराजित किया।
बाराबंकी जिले की रामनगर सीट पर सपा के फरीद किदवई ने भाजपा के शदकुमार अवस्थी को 261 मतों से पराजित किया। सुल्तानपुर जिले की इसौली विधानसभा सीट पर भी कांटे का मुकाबला हुआ। यहां से सपा के ताहीर खान ने भाजपा के ओम प्रकाश पांडे को 269 मतों से हराया।

रामपुर जिले की बिलासपुर विधानसभा सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। यहां हुई कांटे की टक्कर के बाद भाजपा के बलदेव सिंह औलाख को जीत मिली। उन्होंने सपा के अमरजीत सिंह को 307 मतों से शिकस्त दी।
बागपत जिले की बड़ौत सीट पर भी मुकाबला कड़ा हुआ। अंतत: जीत भाजपा के कृष्णपाल मलिक की हुई। उन्होंने रालोद के उम्मीदवार जयवीर को 315 मतों से हराया।

सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा में भी भाजपा और सपा के बीच जबरदस्त टक्कर हुई। यहां से भाजपा के मुकेश चौधरी ने सपा के धरम सिंह सैनी को 315 मतों से पराजित किया। सैनी मुख्यमंत्री योगी की सरकार में मंत्री थे और चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे।
गोंडा जिले की कटरा विधानसभा सीट पर भी कांटे की टक्कर हुई। यहां भाजपा के वीर विक्रम सिंह ने सपा के राजेश यादव को 357 मतों से मात दी वहीं औरैया जिले की दिबियापुर सीट पर सपा के प्रदीप कुमार यादव ने भाजपा के लखन सिंह राजपूत को 473 मतों से हराया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 8 सीटों पर जीत और हार का फासला एक हजार से कम मतों का था। इनमें से 5 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को जबकि 2 सीटों पर बहुजन समाज पार्टी और 1 सीट पर सपा के उम्मीदवार को जीत मिली थी। पिछले चुनाव में सबसे कांटे का मुकाबला डुमरियागंज सीट पर हुआ था। यहां भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सपा की सैयदा खातून को 171 मतों से पराजित किया था।



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