मुफ्त के मेंटर होंगे माही! गांगुली ने कहा टी-20 विश्वकप में फीस नहीं लेंगे धोनी

पुनः संशोधित मंगलवार, 12 अक्टूबर 2021 (20:21 IST)
नई दिल्ली: अध्यक्ष सौरव गांगुली ने मंगलवार को कहा कि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी यूएई और ओमान में होने वाले में भारतीय क्रिकेट टीम के ‘मेंटर’ के तौर पर कोई फीस नहीं लेंगे।बीसीसीआई ने पिछले महीने घोषणा की थी कि विश्व कप के दौरान धोनी भारतीय टीम के मेंटर होंगे।

गांगुली ने कहा ,‘‘ धोनी भारतीय टीम के मेंटर के तौर पर कोई फीस नहीं लेंगे ।’’चालीस वर्ष के धोनी पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हो गए थे । उन्होंने भारत के लिये आखिरी मैच 2019 विश्व कप सेमीफाइनल खेला था जिसमें भारत को न्यूजीलैंड ने हराया था।

समझा जाता है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट के कुशल रणनीतिकार धोनी को उनके अनुभव के लिये यह जिम्मेदारी दी गई है । जिस दिन धोनी को मेंटर नियुक्त किया गया था गांगुली ने बीसीसीआई के एक ट्वीट में कहा था , ‘धोनी को टीम में शामिल करना टी20 विश्व कप के लिये उनके अपार अनुभव का इस्तेमाल करने का तरीका है। मैं धोनी का शुक्रिया करता हूं कि उन्होंने इस टूर्नामेंट के लिये टीम की मदद के लिये बीसीसीआई की पेशकश स्वीकार कर ली।’

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में शुमार विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी की अगुवाई में भारत ने दो विश्व कप खिताब – दक्षिण अफ्रीका में 2007 टी20 विश्व कप और भारत में 2011 वनडे विश्व कप – जीते हैं। इसके अलावा धोनी ने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी। धोनी इस समय अपनी इंडियन प्रीमियर लीग टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हैं और अपनी टीम को रिकॉर्ड 9वीं बार फाइनल में पहुंचा चुके हैं।

धोनी ने पिछले साल 15 अगस्त को इंस्टाग्राम पोस्ट पर क्रिकेट से संन्यास का फैसला करके सभी को चौंका दिया था। उसके बाद से इस मसले पर उन्होंने बात नहीं की है।उन्होंने भारत के लिये 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 वनडे खेलकर क्रमश: 4876, 10773 और 1617 रन बनाये हैं।

सौरव गांगुली अब भी मानते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट को काफी कुछ दे सकते हैं। जब सौरव गांगुली कप्तान थे तो उन्होंने ही विकेटकीपर के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी को मौका दिया था। उन्होंने दिनेश कार्तिक के ऊपर महेंद्र सिंह धोनी को तरजीह दी थी और भारतीय क्रिकेट का भविष्य बदल दिया था।

साल 2007 से 2016 तक कप्तान रहे धोनी

साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी सौंप कर बोर्ड ने भारतीय क्रिकेट का भविष्य बदल कर रख दिया था। पूरे टूर्नामेंट में भारत सिर्फ न्यूजीलैंड से मैच हारी थी। लीग मैच के बाद भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में 5 रनों से हराकर पहला विश्व टी-20 जीता था।

हालांकि इसके बाद लगातार 3 टी-20 विश्वकप में टीम इंडिया का प्रदर्शन लचर रहा। साल 2009, साल 2010 और साल 2012 में भारतीय टीम सेमीफाइनल में प्रवेश नहीं कर पायी।

साल 2014 में भारतीय टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। फाइनल में पहुंचने के बाद वह श्रीलंका के खिलाफ बड़ा स्कोर नहीं बड़ा सकी। यह फाइनल मलिंगा के अंतिम ओवरों के लिए आज भी जाना जाता है। फाइनल को 5 विकेट से जीत श्रीलंका ने पहला टी-20 विश्वकप जीता।

साल 2016 में भारत क्वार्टफाइनल तक भी ना पहुंच पाता अगर धोनी अंतिम गेंद पर बांग्लादेश के रहमान को रनआउट नहीं कर पाते। 2 रनों से जीता हुआ यह मैच आज भी फैंस के दिल में ताजा है। भारत ने इस विश्वकप में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि सेफीफाइनल में वेस्टइंडीज के हाथों भारत को 7 विकेट से हार मिली जिसने यह विश्वकप भी जीता।



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