COVID काल के पहले टी-20 विश्वकप में मिला कोरोना केस तो ऐसे होगा अंतिम फैसला

पुनः संशोधित मंगलवार, 12 अक्टूबर 2021 (15:17 IST)
दुबई: कोविड काल में पिछले अगस्त क्रिकेट शुरु हुआ इसके बाद आईपीएल शुरु हुआ, खेलों का महाकुंभ ओलंपिक का भी समापन हुआ और अब कोविड काल में खेला जाने वाला पहला आयोजन के लिए तैयार है।

पिछले साल नवंबर में यह टी-20 विश्वकप ऑस्ट्रेलिया में खेला जाने वाला था लेकिन यह अब में खेला जाएगा। हालांकि इसका मेजबान ऑस्ट्रेलिया नहीं भारत रहेगा। ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में अगले साल विश्वकप खेला जाएगा। भारत में कोरोना संक्रमण के कारण इसे संयुक्त अरब अमीरात में खेलने का निर्णय आईसीसी ने लिया।

हालांकि दो बार आईपीएल और कुछ सीरीज में खलल डाल चुका कोरोना टी-20 विश्वकप में भी आयोजकों के सिर का दर्द बन सकता है।

उल्लेखनीय है कि टी-20 विश्व कप 17 अक्टूबर को ओमान की राजधानी मस्कट में शुरू होगा। यहां क्वालीफाइंग दौर के मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें सबसे पहले ओमान और पापुआ न्यू गिनी भिड़ेंगे। इस दौर से चार टीमें मुख्य प्रतियोगिता यानी सुपर आठ में शामिल होंगी, जो 23 अक्टूबर से शुरू होगी।

अंतिम फैसले लेने का अधिकार आसीसी के पास

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्योफ अलार्डिस ने पुष्टि की कि अगर किसी टीम में मामला सामने आता है तो किसी भी मैच पर फैसला करने का अधिकार आईसीसी द्वारा गठित समिति का होगा। इससे उन्होंने स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय मुकाबलों की तरह कोई भी सदस्य देश इस संबंध में फैसला नहीं कर सकता।

आईसीसी ने पहले ही एक चिकित्सीय विशेषज्ञों की समिति बना दी है जिसमें बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) के डा. अभिजीत साल्वी भी शामिल है क्योंकि समझा जा सकता है कि बायो-बबल होने के बावजूद भी कुछ पॉजिटिव मामले सामने आ सकते हैं।

अलार्डिस ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम सदस्यों के साथ अपने संवाद में काफी स्पष्ट रहे हैं। टूर्नामेंट के दौरान कोई भी पॉजिटिव मामला आता है तो उसकी देखभाल के लिये हमने एक समिति गठित की है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैचों के संबंध में कोई भी फैसला उस समिति द्वारा ही लिया जायेगा और इसका निपटारा सदस्य देशों द्वारा नहीं लिया जायेगा जैसा कि वे द्विपक्षीय क्रिकेट में कर सकते हैं। ’’

अलार्डिस ने साथ ही कहा कि टी20 विश्व कप के दौरान प्रत्येक टीम को दो डीआरएस रैफरल दिये जायेंगे।उन्होंने ‘वर्चुअल कांफ्रेंस कॉल’ के दौरान कहा, ‘‘हम पिछले 12 महीनों में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिये अपनायी गयी खेलने की शर्तों के साथ जारी रहेंगे जिसमें प्रत्येक टीम को दो रिव्यू दिये जाते रहे हैं इसलिये इस टूर्नामेंट को अलग तरह का मानने के बजाय हम उन्हीं नियमों पर जारी रहेंगे जिनके साथ हम पिछले 12 या 18 महीनों से खेल रहे हैं। ’’
अंतरिम सीईओ ने संकेत दिया कि तटस्थ अंपायरों की भी जल्द वापसी हो सकती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही हालात अनुकूल होते हैं क्रिकेट संस्था तटस्थ अंपायरों का इस्तेमाल शुरू कर देगी।

कोविड-19 के बाद आईसीसी ने यात्रा और ‘लॉजिस्टिकल’ मुद्दों के कारण घरेलू अंपायरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम अपने एलीट पैनल अंपायरों और रैफरियों को इस टूर्नामेंट (आईसीसी पुरूष टी20 विश्व कप) में अंपायरिंग के लिये लाने में सक्षम हैं, यूएई ऐसा देश है जो यात्रा करने में ज्यादा पांबदियां नहीं लगा रहा है। ’’

अलार्डिस ने कहा कि विभिन्न देशों की विभिन्न पाबंदियां लगायी हुई हैं जिससे इसमें मुश्किल आ रही थी।उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू अंपायरों ने पिछले 18 महीनों में शानदार काम किया है।

टी-20 विश्वकप का लुत्फ उठा सकेंगे 70% दर्शक

आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में सभी स्टेडियम्स पर 70 फीसदी दर्शकों को प्रवेश की अनुमति होगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने हाल ही में इसकी घोषणा की थी।

उल्लेखनीय है कि इस साल जून में यूएई में आयोजित पीएसएल (पाकिस्तान सुपर लीग) का दूसरा भाग दर्शकों की गैर मौजूदगी में आयोजित हुआ था, जबकि वर्तमान में यहां जारी आईपीएल 2021 में कम क्षमता के साथ स्टेडियम्स में दर्शकों की मौजूदगी दिख रही है। जैसा कि पहले खबरें चल रहीं थी कि आईपीएल मैचों के लिए प्रशंसकों को प्रवेश देना टी-20 विश्व कप के लिए संयुक्त अरब अमीरात में स्थानीय सरकारों, आईसीसी और बीसीसीआई के लिए एक तरह की ड्रेस रिहर्सल भी है।



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