फिंच ने पहले ही वार्नर को लेकर की थी बड़ी भविष्यवाणी, पत्नी ने आलोचकों पर कसा तंज

Last Updated: सोमवार, 15 नवंबर 2021 (18:05 IST)
दुबई: ऑस्ट्रेलिया को पहली बार खिताब जितवाने वाले कप्तान एरोन फिंच ने कहा है कि उन्हें के फॉर्म पर कभी संदेह था ही नहीं। उन्होंने कुछ महीनों पहले जब वार्नर फाॅर्म में नहीं थे, खास कर आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे तो टीम के मुख्य कोच को फोन किया था और उनसे कहा था कि वार्नर के बारे में चिंता मत करो, वह टी-20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट होंगे।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने मैच के बाद डेविड वार्नर से संबंधी एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने टीम के साथी और सलामी जोड़ीदार डेविड वार्नर को उनके खराब प्रदर्शन के बावजूद टी-20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीतने को लेकर समर्थन किया।

फिंच ने कहा, “ मुझे निजी तौर पर यह भी लगा कि एडम जैम्पा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट होना चाहिए था, लेकिन वार्नर एक महान खिलाड़ी हैं। वह सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में से एक हैं और एक फाइटर हैं। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जब सभी चीजें उनके खिलाफ होती हैं, तभी आपको उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन देखने को मिलता है। आखिरी दो पारियां उनके लिए टूर्नामेंट का यादगार अंत था।”
उल्लेखनीय है कि वार्नर ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दिया। टी-20 में ऑस्ट्रेलिया की पहली विश्व खिताब जीत के बाद उन्होंने टूर्नामेंट के दूसरे सर्वाधिक रन स्कोरर के रूप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ पुरस्कार हासिल किया।

ऑस्ट्रेलिया के पहली बार टी20 विश्व चैंपियन बनने के बाद जब कप्तान आरोन फिंच प्रेस कांफ्रेंस के लिए उतरे तो उन्हें टीम की खिताबी जीत के नायक रहे वार्नर से जुड़े सवालों की झड़ी का सामना करना पड़ा।
एक संवाददाता ने कहा, ‘‘मैं डेविड वार्नर के बारे में पूछ रहा हूं। आपने उसका समर्थन कैसे किया? किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि वह प्लेयर आफ द टूर्नामेंट बनेगा।’’फिंच ने इसके जवाब में कहा, ‘‘आपने ऐसी उम्मीद नहीं की थी? मैंने निश्चित तौर पर की थी।’’

वार्नर के लिए पिछले दो महीने निराशा और आशा से भरे रहे। यूएई में ही आईपीएल के दूसरे चरण में सनराइजर्स की अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलने से उन्हें निराशा हाथ लगी लेकिन टी20 विश्व कप उनके लिए परिकथा जैसा रहा और वह ‘प्लेयर आफ द टूर्नामेंट’ बने।
वार्नर की पत्नी कैंडिस की नाराजगी और पीड़ा को उनके व्यंग्यात्मक ट्वीट से समझा जा सकता है। उन्होंने लिखा, ‘‘खराब फॉर्म, काफी उम्रदराज, धीमा!’’कुछ मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण वार्नर को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
वार्नर के लिए पिछले दो महीने आसान नहीं रहे। सनराइजर्स के लिए भारतीय चरण में खराब प्रदर्शन और फिर यूएई चरण में दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद सीमित ओवरों की क्रिकेट के इस दिग्गज खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया गया।
सत्र के बीच में कप्तानी से हटाए जाने को टीम के खराब प्रदर्शन के कारण सही ठहराया जा सकता है लेकिन टॉम मूडी, ट्रेवर बेलिस और मुथैया मुरलीधरन की मौजूदगी वाले टीम प्रबंधन ने वार्नर को अंतिम एकादश से ही बाहर कर दिया।वार्नर को एक दिन स्टेडियम आने से रोका गया और फिर उन्हें डग आउट से दूर रहने को कहा गया।

सनराइजर्स के अंतिम मैचों में से एक के दौरान वार्नर को टीम जर्सी में स्टैंड में टीम का झंडा लहराते हुए देखा गया। रविवार को शायद उनका एक छक्का उस जगह भी गिरा हो जहां वह उस दिन बैठे थे।संभवत: आईपीएल के दौरान चीजें इतनी खराब हो गई कि स्ट्रैटेजिक टाइम आउट के दौरान ड्रिंक लेकर जाने और जूनियर खिलाड़ियों से बात करने के वार्नर के आग्रह को भी कथित तौर पर ठुकरा दिया गया।
वार्नर हालांकि गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के दौरान इससे बुरा समय देख चुके थे जब प्रतिबंध के कारण एक साल तक क्रिकेट नहीं खेल पाए।वार्नर ने इसके बाद वापसी की नींव रखी। उन्होंने ट्रेनिंग का समय दोगुना कर दिया। उन्होंने नेट पर बल्लेबाजी की, थ्रो डाउन अभ्यास किया और होटल में भी बल्ला अपने हाथ से नहीं छोड़ा।

वार्नर के लिए यह जीत 2015 विश्व कप जितनी ही बड़ी है।उन्होंने रविवार रात फाइनल के बाद कहा, ‘‘निश्चित तौर पर यह 2015 (विश्व कप) के बराबर है, एक दशक पहले इंग्लैंड के खिलाफ हार (2010 टी20 विश्व कप फाइनल) से पीड़ा पहुंची थी।’’
अपने साथियों की सराहना करते हुए वार्नर ने कहा, ‘‘टीम में शानदार खिलाड़ी हैं, शानदार सहयोगी स्टाफ और हमें दुनिया भर में अच्छा समर्थन मिलता है विशेषकर स्वदेश में। हमेशा जोश से भरे रहते हैं, शानदार प्रदर्शन करना चाहते हैं। फाइनल में थोड़ा नर्वस थे लेकिन खिलाड़ियों ने कर दिखाया।’’वार्नर को अब एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ उतरना है।
जहां तक आईपीएल का सवाल है तो उनके प्रशंसकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। वह इस बार होने वाली बड़ी नीलामी के दौरान पुरानी या फिर नई टीम का हिस्सा होंगे या हो सकता है कि इससे पहले ही खिलाड़ी ड्राफ्ट में से उन्हें चुन लिया जाए।वार्नर को अगर सनराइजर्स के खिलाफ खेलने का मौका मिलता है तो यह रोमांचक मुकाबला होगा।



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