नीरज की नजरें अब ओलंपिक रिकॉर्ड पर,90 मीटर पार फेंकना चाहते हैं भाला

Last Updated: शुक्रवार, 17 सितम्बर 2021 (22:16 IST)
कोलकाता: भारत के के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने कहा कि तोक्यो में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनकी नजरें ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ने पर टिकी हैं।

नीरज का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88.07 मीटर है। उन्होंने टोक्यो खेलों में 87.58 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता था।

ओलंपिक रिकॉर्ड आंद्रियास थोरकिल्डसेन के नाम है जिन्होंने 2008 में बीजिंग में 90.57 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता था। नीरज ने कहा कि यह एक और उपलब्धि हासिल करना शानदार होगा।

ओलंपिक में एथलेटिक्स का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय 23 साल के नीरज ने पहली बार कोलकाता आने पर कहा, ‘‘ओलंपिक स्वर्ण पदक सर्वोच्च होता है। लेकिन एथलेटिक्स में आप एक और चीज अपने स्वर्ण पदक में जोड़ सकते हो- ओलंपिक रिकॉर्ड।’’

अपने लक्ष्य के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय रिकॉर्ड 88.07 मीटर के साथ मेरे नाम पर है जबकि ओलंपिक रिकॉर्ड 90.57 मीटर है। अगर मैं एक कदम और आगे बढ़ पाता तो यह निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक होता।.’’

नीरज निजी सम्मान समारोह के लिए यहां दो दिवसीय यात्रा पर आए हैं। कोलकाता पुलिस ने उन्हें सम्मानित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं रोजाना नए लोगों से मिल रहा हूं, इतने सारे समारोह में हिस्सा ले रहा हूं। सबसे बड़ा बदलाव मुझे ओलंपिक में शामिल खेलों के लिए नजर आया। मुझे हमेशा से पता था कि स्वदेश लौटने पर अलग माहौल होगा।’’

व्यस्त कार्यक्रम के कारण नीरज 2021 सत्र में अब और टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लेंगे। नीरज ने कहा कि अगले साल विश्व चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और डाइमंड लीग के रूप में तीन महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जल्द ही ट्रेनिंग शुरू करूंगा और इसके बाद असली लक्ष्य पर ध्यान लगाऊंगा।’’भाला फेंक के इस खिलाड़ी को इससे पहले बंगाल के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनोज तिवारी ने सम्मानित किया।

भाला फेंक के कोच उवे हॉन हटाये गये, एएफआई ने कहा दो नये विदेशी कोच की नियुक्ति होगी

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने घोषणा की कि उसने भाला फेंक के राष्ट्रीय कोच उवे हॉन से नाता तोड़ दिया है क्योंकि वह उनके प्रदर्शन से खुश नहीं था और वह जल्द ही दो नये विदेशी कोच नियुक्त करेगा।पूर्व विश्व रिकार्ड धारक 59 वर्षीय जर्मन हॉन का अनुबंध तोक्यो ओलंपिक तक ही था।

एएफआई अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने कहा, ‘‘हम दो नये कोच की नियुक्ति करने जा रहे हैं तथा हम उवे हॉन को बदल रहे हैं क्योंकि हम उनके प्रदर्शन से खुश नहीं हैं। हम तूर (गोला फेंक के एथलीट ताजिंदरपाल सिंह तूर) के लिये भी विदेशी कोच देख रहे हैं।’’

सुमरिवाला महासंघ की कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में एएफआई की योजना समिति के अध्यक्ष ललित भनोट और उपाध्यक्ष अंजू बॉबी जार्ज ने भी हिस्सा लिया।

हॉन को ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और तोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले दो अन्य एथलीटों शिवपाल सिंह और अनु रानी जैसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिये नवंबर 2017 में एक साल के लिये मुख्य कोच नियुक्त किया गया था।

चोपड़ा राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल 2018 में उनकी निगरानी में खेले लेकिन इसके बाद जर्मनी के ही क्लॉस बार्टोनीज यह भूमिका निभाने लगे थे।

हॉन ने ओलंपिक से पहले यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और एएफआई ने अनुबंध स्वीकार करने के लिये उन्हें ‘ब्लैकमेल’ किया था। दोनों संस्थाओं ने हालांकि इस आरोप को खारिज कर दिया था।

बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गयी जिनमें एएफआई के जूनियर (जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों का विकास) कार्यक्रम को नया स्वरूप देना, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसी शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले अभ्यास टूर्नामेंट का आयोजन और विशेषकर जूनियर के लिये कोचिंग कार्यक्रम में आमूलचूल बदलाव करना शामिल है।’’(भाषा)



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