दूसरे सत्र से पहले उत्साहित हैं आईएसएल आयोजक और टीमें

नई दिल्ली| Last Updated: गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015 (16:27 IST)
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नई दिल्ली। पहले सत्र में मिली अप्रतिम सफलता से फुटबॉल पंडितों को चौंकाने वाले इंडियन सुपर लीग का दूसरा सत्र शनिवार को शुरू हो गया, जिसमें प्रायोजन राजस्व दोगुने होंगे और टीम मालिकों को चौथे साल के आखिर तक हानिरहित स्थिति में पहुंचने की उम्मीद है।
 
कई शीर्ष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलरों की मौजूदगी से सजा आईएसएल काफी हिट रहा था और सभी आठ शहरों में काफी संख्या में दर्शक मैदान पर उमड़े थे।आईएमजी रिलायंस और प्रसारण साझेदार स्टार स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट को एआईएफएफ से मान्यता मिली है और पहले ही सत्र में यह दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा दर्शक संख्या वाली लीग बन गई।
 
दूसरे सत्र का आगाज तीन अक्टूबर को गत चैम्पियन एटलेटिको डि कोलकाता और चेन्नइयिन एफसी के बीच चेन्नई में होने वाले मैच से होगा। इसे कॉर्पोरेट जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और समझा जाता है कि आईएसएल आयोजकों का प्रायोजन राजस्व 100 करोड़ तक पहुंच गया है।
 
आईएसएल के एक सूत्र ने बताया कि, ‘दूसरे साल में प्रायोजन राजस्व दोगुना हो गया है। पिछले साल के 55 करोड़ की तुलना में यह इस साल 100 करोड़ पहुंच जाएगा। इससे पता चलता है कि कॉर्पोरेट जगत की आईएसएल में कितनी दिलचस्पी है।’ आईएसएल वेबसाइट के अनुसार हीरो टाइटल प्रायोजक है जबकि मारूति सुजुकी और फ्लिपकार्ट सहायक प्रायोजक हैं।
 
आधिकारिक साझेदारों में अमूल, प्यूमा, मुथूट ग्रुप, गेटोरेड, वोलिनी, डीएचएल, सीग्रम्स इम्पीरियल ब्लू म्युजिक सीडी, यू क्विट आई क्विट हैं। सिर्फ आईएसएल आयोजक ही नहीं बल्कि आठों टीमों को भी इस साल अच्छे प्रायोजक मिले हैं । 
 
एक टीम अधिकारी ने बताया कि, ‘पिछले साल जर्सी के सामने के हिस्से पर प्रायोजन लोगो की कीमत पांच से छह करोड़ रूपए थी, जबकि अब यह आठ से दस करोड़ हो गई है। इस दर से हमें चौथे सत्र के आखिर तक हानिरहित (ब्रेक इवन) स्थिति में पहुंचने की उम्मीद है।’
 
एटीके ने जर्सी के सामने के हिस्से में प्रायोजन लोगो के लिए स्टील कंपनी एसआरएमबी सृजन लिमिटेड से करार किया है। कंपनी का मुख्य प्रायोजक एयरसेल है, जबकि सहायक प्रायोजकों में लक्स कोजी और अपोलो म्युनिख हैं। पुणे एफसी सिटी का किट प्रायोजक एडीडास है। (भाषा)



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