मशहूर फुटबॉल कमेंटेटर नोवी कपाड़िया का निधन, मोटो न्यूरोन की बीमारी से थे पीड़ित

पुनः संशोधित गुरुवार, 18 नवंबर 2021 (20:03 IST)
नई दिल्ली। वरिष्ठ खेल पत्रकार और फुटबॉल मामलों के जाने माने विशेषज्ञ नोवी कपाड़िया का गुरुवार दोपहर निधन हो गया। उन्होंने दोपहर में अंतिम सांस ली। नोवी कपाड़िया को फुटबॉल का विशेषज्ञ कहा जाता था। वे दिल्ली यूनीवर्सिटी में प्रोफेसर भी रह चुके थे। इसके अलावा नोवी कपाड़िया ने कई किताबें भी लिखी हैं। उन्होंने अधिकतर किताबें फुटबॉल को लेकर लिखी। नोवी कपाड़िया काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। नोवी कपाड़िया एक महीने से ज्यादा से वैंटीलेटर पर थे।

भारतीय फुटबॉल की आवाज कहे जाने वाले मशहूर समीक्षक और कमेंटेटर नोवी कपाडिया "मोटो न्यूरोन" नाम की एक खास बीमारी से पीड़ित थे और करीब पिछले एक महीने से आईसीयू में भर्ती थे। यह बीमारी रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क में जाती है, जिससे ये अंग समय गुजरने के साथ काम करना बंद कर देते हैं। इस बीमारी ने कुछ साल पहले कपाडिया पर असर डाला था और उन्होंने पिछले दो साल से खुद को घर में कैद कर लिया था ।
नोवी कपाडिया ने नौ फीफा विश्व कप कवर किए थे और भारत में उनके स्तर का फुटबॉल जानकार या पत्रकार उंगलियों पर गिनने लायक हैं। कपाडिया ने अपने वृहद ज्ञान का लोहा मनवाते हुए बड़ी संख्या में फुटबॉलप्रेमियों को अपना प्रशंसक बनाया था और खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि वह अपने समकक्षों और पत्रकारों के बीच भी खासे लोकप्रिय थे। फुटबॉल से जुड़े रहने के अलावा कपाडिया एसजीटीबी खालसा कॉलेज (दिल्ली युनिवर्सिटी) में अंग्रेजी के प्रोफेसर और डिप्टी प्रॉक्टर पदों पर भी रहे थे।
कपाडिया ने फुटबॉल के ऊपर कई किताबें भी लिखीं, जो खासी लोकप्रिय हुईं। उनकी लिखी किताबों में 'बेयरफुट टू बूट्स, ' द मैनी लाइव्स ऑफ इंडियन फुटबॉल' प्रमुख रूप से हैं। कपाडिया के निधन की खबर से फुटबॉलप्रेमी बहुत ज्यादा दुखी हैं और सोशल मीडिया पर इस दिग्गज समीक्षक को ये फैंस श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और दिल्ली खेल पत्रकार संघ ने कपाडिया को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें फुटबॉल का पंडित बताया है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने भी नोवी कपाड़िया के निधन पर ट्वीट कर दुख व्यक्त करते हुए लिखा, “नोवी कपाड़िया के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। वह मशहूर पत्रकार, कॉमेंटेटर और फुटबॉल पंडित थे। भारतीय फुटबॉल की कवरेज करते हुए उन्होंने जो योगदान दिया है उसे हमेशा याद रखा जाएगा।'
पिछले साल केंद्रीय खेल मंत्रालय ने मशहूर फुटबॉल विशेषज्ञ नोवी कपाड़िया को उनकी चिकित्सा जरुरतों के लिए 4 लाख रुपए का चेक दिया था ।पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बात की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था , 'मशहूर फुटबॉल विशेषज्ञ नोवी कपाड़िया को चिकित्सा जरुरत के लिए 4 लाख रुपए का चेक दिया। इसके साथ ही मानव संसाधन मंत्रालय को उनकी पेंशन चालू करने के लिए कहा जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय कल्याण कोष के प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा ताकि इसका फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।'
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर नोवी कपाड़िया बीमार चल रहे थे और उन्हें 2 साल पहले रिटायर होने के बाद से उनकी पेंशन नहीं मिल रही थी जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था ।

मीडिया में नोवी की बीमारी और उन्हें पेंशन ना मिल पाने की खबरें प्रमुखता से आई हैं जिसके बाद खेल मंत्रालय ने इस पर संज्ञान लिया और नोवी को उनकी चिकित्सा जरुरतों के लिए 4 लाख रुपए का चेक प्रदान किया।



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