सरकार से बिना सलाह लिए राष्ट्रमंडल खेलों से हटने पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने हॉकी इंडिया को लताड़ा

पुनः संशोधित रविवार, 10 अक्टूबर 2021 (19:25 IST)
नई दिल्ली: खेल मंत्री ने अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से हटने का एकतरफा फैसला करने के लिये हॉकी इंडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय महासंघ का ऐसा कोई भी निर्णय करने से पहले सरकार के साथ परामर्श करना जरूरी होता है।

ठाकुर ने कहा कि देश में ओलंपिक खेलों का मुख्य वित्त पोषक होने के कारण सरकार को राष्ट्रीय टीम के प्रतिनिधित्व पर निर्णय करने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि किसी भी महासंघ को इस तरह का बयान देने से बचना चाहिए और पहले सरकार के साथ चर्चा करनी चाहिए क्योंकि यह महासंघ की टीम नहीं, राष्ट्रीय टीम है।’’

ठाकुर ने कहा, ‘‘इस 130 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में केवल 18 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते है। यह (राष्ट्रमंडल खेल) वैश्विक प्रतियोगिता है और मेरा मानना है कि उन्हें (हॉकी इंडिया) को सरकार और संबंधित विभाग से बात करनी चाहिए। फैसला सरकार करेगी।’’

हॉकी इंडिया ने कोविड-19 से जुड़ी चिंताओं और ब्रिटेन के पृथकवास से जुड़े भेदभावपूर्ण ऩियमों के कारण मंगलवार को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से हटने का फैसला किया जिसके बाद ठाकुर का कड़ा बयान आया है।
हॉकी इंडिया ने इसके साथ ही कहा था कि बर्मिंघम खेलों (28 जुलाई से आठ अगस्त) और हांगजोउ एशियाई खेलों (10 से 25 सितंबर) के बीच केवल 32 दिन का समय है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर टीम 2024 में होने वाले पेरिस ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई कर जाएगी।

मंत्री ने कहा कि देश में हॉकी प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं तथा उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि पेशेवर खिलाड़ियों के लिये लगातार दो टूर्नामेंटों में खेलना नयी बात नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में हॉकी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। अगर आप क्रिकेट देखें तो आईपीएल चल रहा है और फिर विश्व कप है। अगर क्रिकेटर एक के बाद एक दो टूर्नामेंट खेल सकते हैं, तो दूसरे खेलों के खिलाड़ी क्यों नहीं खेल सकते हैं।’’

ठाकुर ने कहा, ‘‘मैं समझ सकता हूं कि एशियाई खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है और मैं इस संदर्भ में नहीं जा रहा हूं। मैं सिर्फ यह कह रहा हूं कि भारतीय टीम कहां खेलेगी, यह केवल महासंघ नहीं सरकार पर भी निर्भर करता है।’’

इस बीच ठाकुर ने कहा कि इस साल के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिये चयनसमिति की बैठक अगले 10 दिन में हो जाएगी।उन्होंने कहा, ‘‘चयन समिति अगले 10 दिन में बैठक करेगी जिसमें वह पुरस्कार विजेताओं पर फैसला करेगी। राष्ट्रपति से समय मिलने के बाद पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे।’’

टोक्यो की कामयाबी ने हॉकी को देश में नया जीवन दिया: ठाकुर

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने रविवार को प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में होने वाली 'दिल्ली हॉकी वीकेंड लीग 2021-22' का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर ठाकुर ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में पुरुष और महिला टीमों की सफलता ने भारत में हॉकी को एक खेल के रूप में नवजीवन दिया है। कार्यक्रम में अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए ठाकुर ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और वह दिल्ली हॉकी को इस पहल के लिए बधाई देते हैं।

इस तरह की पहल जमीनी स्तर पर अधिक प्रतिभाओं को शामिल करने में मदद करेगी। उन्‍होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विश्‍वस्‍तरीय उत्कृष्टता के लिए जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को प्रोत्‍साहन देना है। प्रशिक्षण और प्रतियोगिताएं समान रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये एथलीटों के मनोबल को बढ़ाते हैं।

मंत्री ने कहा, "हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक राज्य इस तरह के आयोजन करें, ताकि हॉकी को बढ़ावा दिया जा सके और युवा प्रतिभाओं को अपने कौशल को और निखारने का अवसर मिले।"

दिल्ली हॉकी महासंघ के सहयोग से भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) द्वारा आयोजित की जा रही इस हॉकी लीग में ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली कुल 36 टीमें होंगी और बाद के चरणों में अधिक टीमें भी भाग ले सकती हैं। यह प्रतिस्‍पर्धा आज से शुरू हो रही है और प्रत्‍येक सप्‍ताहांत पर 4 मैच खेले जाएंगे। लीग का पहला मैच दिल्ली विश्वविद्यालय के श्याम लाल कॉलेज और फेथ क्लब (एक स्वतंत्र हॉकी क्लब) के बीच खेला गया।

लीग के शुभारंभ समारोह में पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी और पद्मश्री जफर इकबाल, हॉकी विश्व कप (1975) के स्वर्ण पदक विजेता ब्रिगेडियर एचजेएस चिमनी, और पूर्व भारतीय हॉकी गोलकीपर एवं अर्जुन पुरस्‍कार प्राप्‍तकर्ता हेलेन मैरी इनोसेंट ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।



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