'बेस्ट यंग प्लेयर’ के लिए काँटे का मुकाबला

जोहान्सबर्ग| वार्ता|
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उलटी गिनती शुरू हो गई है और इसके साथ ही जहाँ लोगों की जुबान पर मेस्सी, रूनी, रोनाल्डो का नाम चढ़ने लग गया है वहीं कई ऐसे युवा फुटबॉलर हैं जो दो दिन बाद होने वाले विश्व कप में अपना जलवा बिखेरकर सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी बनने के साथ भविष्य के स्टार बनने के लिए तैयार हैं।


विश्व कप में भाग ले रही सभी 32 टीमों में कुछ युवा खिलाड़ी जरूर हैं, लेकिन इनमें से कुछ को ही मैदान में उतरकर अपना कौशल दिखाने का पर्याप्त समय मिलेगा। इनमें न्यूजीलैंड के क्रिस वुड, नाइजीरिया के हरुना लुकमान, मैक्सिको के जोनाथन डोस सांतोस और कालरेस वेला, जर्मनी के थामस मुलर और टोनी क्रूज, घाना के जोनाथन मेनसा के बीच इस विश्व कप का ‘बेस्ट यंग प्लेयर’ पुरस्कार पाने के लिए होड़ मची रहेगी।
विश्व कप में कुल 736 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिसमें से केवल सात खिलाड़ी ही 20 साल से कम उम्र के हैं लेकिन पुरस्कार की दौड़ में 21 साल तक के फुटबॉलर शामिल होते हैं इसलिए मुकाबला आसान नहीं होगा।

जो भी खिलाड़ी यह पुरस्कार हासिल करेगा वह पेले (1958), फ्रेंज बैकनबाउर (1966), माइकल ओवेन (1998), लंडन डोनोवान (2002) और लुकास पोडोलस्की (2006) जैसे स्टार खिलाड़ियों की जमात में शामिल होगा।


सुपर ईगल्स नाइजीरिया के 20 वर्षीय लुकमान ऐसे खिलाड़ी हैं जो डिफेंडर से लेकर फारवर्ड तक किसी भी पोजीशन में खेलने में सक्षम हैं लेकिन उन्हें सेंटर मिडफील्ड की पोजीशन अधिक पसंद है। उनकी अगुआई में नाइजीरिया ने 2007 में फीफा विश्व कप अंडर-17 का खिताब जीता था। नाइजीरिया में उन्हें सुपर स्टार का दर्जा हासिल है लेकिन अब वह दुनिया को भी अपने पांवों का करिश्मा दिखाने के लिए बेताब हैं।
न्यूजीलैंड के 20 साल के वुड ने भी केवल संख्या बढ़ाने के लिए दक्षिण अफ्रीका जाने का टिकट नहीं पाया है। वह टीम के नियमित सदस्य हैं और उन्हें कुछ मैचों में शुरुआती एकादश में भी जगह मिलती रही है। अग्रिम पंक्ति में ऑल व्हाइट्स टीम की काफी उम्मीदें सात दिसंबर 1991 को जन्में इस खिलाड़ी पर भी टिकी रहेंगी।

जर्मनी के टोनी क्रूस के बारे में कहा जाता है कि एक दिन वह दुनिया के महान फुटबॉलरों में अपना नाम दर्ज कराएँगे। उन्हें फीफा विश्व कप अंडर-17 में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। जर्मनी की टीम में ही ब्रायन म्यूनिख के मिडफील्डर थामस मुलर शामिल हैं,जिनकी प्रभावशाली खेल शैली और गोल करने की कला के कई लोग दीवाने बन सकते हैं।
विश्व कप में जो सात खिलाड़ी 20 साल से कम उम्र के हैं उनमें क्रिस वुड, और लुकमान के अलावा डेनमार्क के क्रिस्टयन एरिक्सन, कैमरून के जोल मातिप और विन्सेंट अबोबाकर, घाना के जोनाथन मेनसा और स्विट्जरलैंड के जेरदान साकिरी भी शामिल हैं। अबोबकर 22 जनवरी 1992 को जन्में हैं और विश्व कप में भाग लेने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं।

इनमें से मेनसा को घाना के प्रतिभाशाली फुटबॉलरों में गिना जाता है। यह डिफेंडर उस टीम का हिस्सा था, जिसने पिछले साल अक्टूबर में अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप जीती थी। कैमरून की टीम में शामिल अबोबकर एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो अब भी अपने देश के ही क्लबों से खेलते हैं। (भाषा)



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