कोरिया-न्यूजीलैंड में काँटे की टक्कर

नई दिल्ली| वार्ता| पुनः संशोधित गुरुवार, 4 मार्च 2010 (17:14 IST)
एशियाई शक्ति कोरिया और के बीच शुक्रवार को यहाँ मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में के पूल ए के मुकाबले में काँटे का संघर्ष देखने को मिलेगा।


कोरिया और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों ने अबतक एक-एक मैच जीता है। लेकिन न्यूजीलैंड अपना दूसरा मैच हार चुका है जबकि कोरिया का पहला मैच गत चैंपियन जर्मनी के खिलाफ 2-2 की बराबरी पर छूटा था।

कोरिया ने अपने दूसरे मैच में अर्जेंटीना को आखिरी मिनट में रेफरल की बदौलत मिले पेनल्टी कॉर्नर से 2-1 से हराया था।

न्यूजीलैंड ने अपना पहला मैच 3-2 से जीता था लेकिन उसे अपने दूसरे मैच में हॉलैंड से 3-1 की पराजय झेलनी पड़ी। कोरिया के इस समय जहाँ चार अंक हैं वहीं न्यूजीलैंड के खाते में तीन अंक हैं। सेमीफाइनल की होड़ में बने रहने के लिए दोनों ही टीमें इस मैच में जीत हासिल करने उतरेंगी, जिससे निश्चित रूप से एक शानदार मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है।

दोनों ही टीमें जानती हैं कि इस मैच में जो टीम हारेगी उसके लिए सेमीफाइनल की राह बहुत मुश्किल हो जाएगी। कोरिया को इस मैच के बाद रविवार को कमजोर कनाडा से लेकिन मंगलवार को शक्तिशाली हॉलैंड से खेलना है।

कोरिया ने जैसा बढ़िया खेल जर्मनी के खिलाफ दिखाया था वह उसे अर्जेंटीना के खिलाफ दोहरा तो नहीं सका था लेकिन आखिरी मिनट में रेफरल से उसे जो पेनल्टी कॉर्नर मिला था उस पर नेम हयून वू ने सटीक निशाना साधते हुए अपनी टीम को 2-1 से जीत दिला दी थी।
कोरियाई टीम हालाँकि तेज गति से हॉकी खेलती है लेकिन प्रतिद्वंद्वी टीम उसकी गति को धीमा कर उसे परेशानी में डाल सकती है। न्यूजीलैंड को इस एशियाई टीम के खिलाफ मैदान में उतरते समय इस बात का खासा ध्यान रखना होगा।

न्यूजीलैंड ने हॉलैंड के खिलाफ पहले ही मिनट में गोल से बढ़त बनाई थी मगर उसके बाद हॉलैंड ने एक के बाद एक तीन गोल दागते हुए किवी टीम का संघर्ष समाप्त कर दिया था। न्यूजीलैंड की टीम भी तेज गति की हॉकी खेलती है मगर उसकी फिनिशिंग कमजोर है।
किवी टीम प्रबंधन इस बात पर पूरी तरह ध्यान देगा कि कोरिया के खिलाफ मैच में उसके फारवर्ड गोल करने के मौके न चूके। दोनों टीमों के बीच विश्वकप में अब तक एक बार मुकाबला हुआ है और न्यूजीलैंड ने ।998 के विश्वकप में पूल ए के मैच में कोरियाई टीम को 3-1 से हराया था। (वार्ता)



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