सावन का तीसरा सोमवार : कौन से शुभ संयोग में करें पूजा और कब बचें राहुकाल से




को का तीसरा सोमवार है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों द्वारा सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है।


जो भक्त सावन सोमवार व्रत सच्चे मन करता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही इस व्रत से कुंडली में चंद्र ग्रह से जुड़े सभी दोष दूर होते हैं।

अविववाहित लड़कियों को योग्य वर प्राप्त होता है और शादीशुदा भक्तों का वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।

सावन सोमवार व्रत से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। वहीं चंद्र ग्रह अपनी स्वराशि कर्क में विराजमान होंगे। सावन सोमवार में राहु काल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। राहु काल को अशुभ योग माना गया है। इस योग में पूजा और शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
सावन सोमवार के दिन राहुकाल कब है
09 अगस्त को राहु काल का समय प्रात: 07 बजकर 26 मिनट से प्रात: 09 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त में करें पूजन
इस दिन अभिजीत मुहूर्त प्रात: 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक है। माना जाता है कि इस समय कोई भी कार्य करने पर विजय प्राप्त होती है।
सावन सोमवार व्रत विधि
सुबह दिन जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प करें।
फिर शिव मंदिर जाकर भोलेनाथ का गंगा जल चढ़ाएं।
साथ ही माता पार्वती और नंदीजी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं।
पंचामृत से रुद्राभिषेक करें, बिल्व पत्र अर्पित करें।
भगवान शिव को उनकी प्रिय चीजें भांग-धतूरा, चंदन, अक्षत चढ़ाएं।
प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी शक्कर का भोग लगाएं।
धूप, दीप से गणेश जी की आरती करें।
अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
शाम को पूजा के बाद व्रत खोलकर सात्विक भोजन ग्रहण करें।

शिवजी को अर्पित करें ये चीजें
भगवान भोले भंडारी को बिल्व पत्र बहुत ही प्रिय होता है।
जो भी शिवलिंग पर नियमित रूप से बिल्व पत्र चढ़ाता है उसकी हर तरह की मनोकामना पूरी होती है।
भगवान शिव को शमी के पत्ते पसंद होते हैं इसलिए सावन के हर दिन शिवलिंग पर शमी के पत्ते जरूर चढ़ाएं।
भगवान शिव का दूध और गंगाजल से अभिषेक करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
शिवजी को आंकड़ा प्रिय होता है... शिवजी की कृपा पाने के लिए इसे जरूर चढ़ाएं।

शिवजी को प्रिय अन्य फूल
भगवान को कनेर, बेला और चमेली का फूल बहुत ही प्रिय होता है।

बेला के पुष्पों से पूजन करने पर भगवान शिव मनोनुकूल जीवनसाथी प्रदान करते हैं।
अपराजिता के पुष्पों से शिव की पूजा करने से वाहन सुख मिलता है...
चमेली के फूल चढ़ाने से अच्छे वस्त्रों की अभिलाषा पूरी होती है।

सावन के महीने में शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से जीवन में सभी तरह की सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

तीसरे सोमवार के संयोग
09 अगस्त 2021 को सावन का तीसरा सोमवार है।
भगवान शिव की आराधना के इस दिन बहुत ही अच्छा संयोग बन रहा है।

इस दिन अश्लेषा नक्षत्र लगेगा। यह भाग्यशाली योग है। इसके बाद मघा लग जाएगा।
कुल मिलाकर इस सोमवार को बहुत ही सौभाग्यशाली माना जा सकता है।
इसके अलावा 09 अगस्त को कर्क राशि में चंद्रमा और सूर्य दोनों विराजमान होंगे।
वहीं सिंह राशि में शुक्र, मंगल और बुध ग्रह की युति बन रही है।
09 अगस्त को राहु काल का समय सुबह 07 बजकर 26 मिनट से सुबह 09 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

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