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सर्वपितृ अमावस्या पर पीपल, तुलसी और बिल्वपत्र सहित कौन से पौधे को पानी देना चाहिए

रविवार,सितम्बर 25, 2022
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25 सितंबर 2022 रविवार के दिन सर्वपितृ अमावस्या है। इस दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पूर्वज, जिनकी तिथि ज्ञात नहीं है या जिनकी तिथि पर उनका श्राद्ध करना भूल गए हैं तो उन सभी का सर्व पितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करना चाहिए क्योंकि इस दिन सभी पितृ श्राद्धकर्ता ...
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24 सितंबर 2022 शनिवार के दिन चतुर्दशी का श्राद्ध है। इसके बाद 25 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध रखा जाएगा। किसी कारणवश जवान मौत हो जाती है जो इस मौत को अकाल अर्थात असमय हुई मृत्यु कहते हैं। चाहे वह हत्या, आत्महत्य या किसी प्रकार की दुर्घटना ...
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25 सितंबर 2022 को सर्वपितृ अमावस्या है और इस तिथि पर पितरों को तर्पण और श्राद्ध देते हुए विदाई की जाएगी। पितृ पक्ष के दौरान 16 दिनों तक पितरदेव स्वर्ग लोक से अपने परिजनों के बीच आते हैं और श्रद्धा पूर्वक भोजन ग्रहण कर तृप्त होते हैं। इन दिनों पितृ ...
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25 सितंबर 2022, रविवार को सर्वपितृ अमावस्या रहेगी। इस दिन सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों तथा जिनकी तिथि ज्ञात नहीं है उनका भी श्राद्ध किया जाता है। यदि आप किसी कारणवश अपने दिवंगतों की तिथि अनुसार श्राद्ध नहीं कर पाए हों तो इस दिन श्राद्ध किया जा सकता ...
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कुछ लोगों के यहां पर किसी कारण वश जवान मौत हो जाती है। इस मौत को अकाल अर्थात असमय हुई मृत्यु कहते हैं। चाहे वह हत्या, आत्महत्य या किसी प्रकार की दुर्घटना हो। यह भी हो सकता है कि किसी गंभीर रोग के कारण असमय ही देहांत हो गया हो। यदि आपके घर में किसी ...
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श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान आदि कर्म करने के बाद भोजन कराए जाने की परंपरा है। बहुत से लोग यह कर्म नदी के किनारे करने के बाद भोजन कराते हैं और बहुत से घर पर ही यह कर्म करने के बाद भोजन कराते हैं। आओ जानते हैं कि किन किन को परोसा जाता है भोजन, जिससे पितृ ...
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Shraddha amavasya 2022 : धार्मिक शास्त्रों में पितृपक्ष की अमावस्या को अमरत्व का दिन माना गया है। इस दिन आप सभी पितरों के निमित्त एक साथ तर्पण, दान तथा पूजन कर सकते हैं। जिन पितरों की तिथि या तारीख हमें ध्यान न हो, जो अज्ञात हों, उन सभी पितरों का ...
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Sarva pitru moksha amavasya 2022 : Sarva pitru amavasya : इस बार 25 सितंबर रविवार को सर्वपितृ अमावस्या रहेगी। इस दिन सभी ज्ञात और अज्ञात दिवंगतों का श्राद्ध किया जाता है। आओ जानते हैं किसे और किसका श्राद्ध करने का अधिकार है।
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25 सितंबर 2022 रविवार को सर्वपितृ अमावस्या का पर्व है। मध्यान्ह काल में श्राद्ध करें। कहते हैं कि जो पितृ उनकी मृत्यु तिथि पर नहीं आ पाते हैं, आते हैं तो हम उस समय श्राद्ध नहीं कर पाते हैं या जिन्हें हम नहीं जानते हैं, उन भूले-बिसरे पितरों का भी ...
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Pitru Moksha Amavasya 2022: इस बार 25 सितंबर 2022, रविवार को सर्वपितृ अमावस्या हैं। श्राद्ध पक्ष में यह पितरों को प्रसन्न करने का अंतिम दिन है। इस दिन कुछ सरल कार्य करने से भी पितृ देव प्रसन्न होकर आपको शुभाशीष देते हैं। आइए जानते हैं इस दिन क्या ...
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Sarvapitri amavasya 2022 india: 10 सितंबर से 16 श्राद्ध प्रारंभ हो गए हैं। इस पितृ पक्ष में दिवंगतों की तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म करने का विधान है। यदि किसी को अपने पितरों की तिथि ज्ञात नहीं है तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन सभी ज्ञात और अज्ञात ...
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Shradh Paksha Pind Daan : कहते हैं कि श्रीराम जी के वनवास के दौरान ही राजा दशरथ जी का देहांत हो गया था। तब वनवास के दौरान ही राम जी अपने अनुज लक्ष्मण और भार्या सीता के साथ गयाजी गए थे। वहां वे श्राद्ध के लिए कुछ सामग्री लेने के लिए नगर की ओर जा रहे ...
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Pitru paksha 2022 : इस बार श्राद्ध पक्ष 25 सितंबर 2022 तक जारी रहेगा। उससे पहले 23 सितंबर, शुक्रवार को प्रदोष व्रत पड़ रहा है तथा इस व्रत में शिव जी के पूजन का विशेष महत्व माना गया है। आइए यहां जानते हैं इस दिन किए जाने वाले पांच खास उपायों के बारे ...
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एकादशी के अलावा द्वादशी के श्राद्ध को भी संन्यासियों का श्राद्ध कहा जाता है। द्वादशी तिथि के देवता भी विष्णु ही है। आश्‍विन माह के कृष्ण पक्ष की 12वीं तिथि के दिन यह श्राद्ध रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 22 सितंबर 2022 गुरुवार को यह ...
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10 सितंबर से पितृ पक्ष चल रहा है जो 25 सितंबर 2022 को समाप्त होगा। इसलिए श्राद्धपक्ष में पिंडदान और तर्पण जरूर करना चाहिए। श्राद्ध पक्ष की 16 तिथियां होती हैं। उनमें से कुछ तिथियां बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। उन्हीं तिथियों में एकादशी तिथि का ...
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पितृ पक्ष चल रहे हैं। श्राद्ध करने का अधिकार सर्वप्रथम पुत्र को है तथा क्रमश: पुत्र, पौत्र, प्रपौत्र, दौहित्र, पत्नी, भाई, भतीजा, पिता, माता, पुत्रवधू, बहन, भानजा तथा सगौत्री कहे गए हैं। इनमें ज्यादा या सभी करें तो भी फल प्राप्ति सभी को होती है। 16 ...
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पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म करने से पितृदोष से मुक्ति मिलने के साथ ही पितरों को भी मुक्ति मिलती है। इसलिए श्राद्धपक्ष में पिंडदान और तर्पण जरूर करना चाहिए। पितृपक्ष में दशमी के श्राद्ध का खासा महत्व बताया गया है। दशामी को जिनका देहांत हुआ है उनका ...
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Matra navami 2022: पितृपक्ष 10 सितंबर 2022, शनिवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आरंभ हो गए हैं जिसका समापन 25 सितंबर 2022, रविवार को आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि अर्थात सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या को होगा। आओ जानते हैं ...
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Pitru Paksha 2022 : 10 सितंबर से 25 सितंबर 2022 तक 16 श्राद्ध चलेंगे। इसे पितृ पक्ष और श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है। इन 16 दिनों के दौरान 10 प्रकार के पौधों का रोपण करने से ऋषि, देव और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। यदि आप पौधा रोपण नहीं कर पा रहे हैं ...
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