0

सुखी रहना है तो इन 4 रंगों को अपने जीवन में शामिल करें

बुधवार,अक्टूबर 20, 2021
0
1
भारत के बंटवारे में सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीरी, पंजाबी, सिंधी और बंगालियों को हुआ। खासकर विभाजन तो पंजाब और बंगाल का ही हुआ था। बंगाल की बात करें तो एक ऐसा दौर था जबकि अंग्रेजों द्वारा बंगाल का विभाजन किया जा रहा था तो संपूर्ण बंगालियों ने एक स्वर ...
1
2
भारतीय राज्य उत्तराखंड में गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सर्वोच्च केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर। इस संपूर्ण क्षेत्र को केदारनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। यह स्थान छोटा चार धाम में से एक है। ...
2
3
हिन्दू धर्म और ज्योतिष के अनुसार सूर्यास्त के बाद कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिन्हें नहीं करना चाहिए। उन्हें करने से घर में रोग, शोक और संकट पैदा होते हैं और साथ ही देवी लक्ष्मी रूठ जाती है। आओ जानते हैं उन्हीं कार्यों में से 10 ऐसे कार्य जिन्हें भूलकर ...
3
4
वेद और शास्त्रों का ज्ञाता रावण महापंडित था। आश्विन माह की दशमी के दिन प्रभु श्रीराम ने उसका वध कर दिया था। रावण नाम का दुनिया में कोई दुसरा आदमी कभी नहीं हुआ। कोई अपने बच्चे का नाम रावण नहीं रखता है। आओ जानते हैं रावण के बारे में ऐसा अनसुने रहस्य ...
4
4
5
कलयुग में भवसागर को पार लगाने वाले दो ही हैं नाम चाहे कृष्ण कहो या राम। रामदूत हनुमानजी इन दोनों के ही सेवक हैं। ये दो नहीं असल में एक ही हैं। हनुमानजी को बलशालियों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस संपूर्ण ब्रह्मांड में उनके आराध्य और आराध्य के ...
5
6
हिन्दू वेद और पुराणों में प्राचीन या आदिम काल के ऐसे जीव-जंतुओं का उल्लेख है जिनके बारे में जानकर आप चकित रह जाएंगे। आपने ऐसे प्राणी किसी जुरासिक फिल्म में या हॉलीवुड की साइंस फिक्शन या फ़ैन्टसी फिल्मों भी नहीं देखें होंगे। आओ जानते हैं ऐसे ही 10 ...
6
7
जब कोई देह छोड़ता है तो वह उसके कर्मों के अनुसार कई तरह की संभावनाएं बनती है। पहला यह कि वह अन्य योनी धारण कर लेता है, दूसरा पितृलोक चला जाता है, तीसरा वह कई काल तक प्रेत योनी में भटकता रहता है और चौथा वह अनिश्‍चितकाल तक
7
8
घर या मंदिर में पूजा करने के लिए कुछ विशेष सामग्री का होना जरूरी है। उन सभी को मिलाकर ही पूजा की जाती है। हालांकि पूजा सामग्री तो बहुत सारी होती है, लेकिन यहां प्रस्तुत है पूजा के 20 प्रतीक वस्तुएं।
8
8
9
हिन्दू धर्म में त्रिदेवियों में से एक है माता लक्ष्मी। दीपावली के दिन इनकी विशेष पूजा होती है साथ ही विशेष अवसरों पर महालक्ष्मी की घर में स्थापना करके उनकी पूजा की जाती है। खासकर महाराष्ट्र में महालक्ष्‍मी की पूजा का प्रचलन है। हम अक्सर 2 नाम सुनते ...
9
10
कन्नौज के महान सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर फिलहाल विवाद चल रहा है, लेकिन जानकार करते हैं सूर्यवंशी, चंद्रवंशी, अग्निवंशी, ऋषिवंशी, नागवंशी, भौमवंशी आदि वंशों में बंटा हुआ है छत्रिय वंश। जहां तक गुर्जर समुदाय की बात हैं वे सभी सूर्यवंशी हैं। ...
10
11
आओ जानते हैं कि गंगाजल की पवित्रता की 10 महत्वपूर्ण बातें।
11
12
समाधि एक बहुत ही पवित्र और अध्यात्मिक शब्द है। इसका संबंध किसी मरने वाले से नहीं है बल्कि मोक्ष, कैवल्य, स्थितप्रज्ञ, निर्वाण प्राप्त व्यक्ति से है। शिवजी हमेशा समाधि में लीन रहते है। अत: इस शब्द का संबंध किसी मरने वाले के क्रिया कर्म के तरीके से ...
12
13
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी (12वें दिन) के दिन भुवनेश्वरी देवी की जयंती मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 2021 में ये 18 सितम्बर को मनाई जाएगी। आओ जानते हैं माता भुवनेश्वरी के संबंध में 10 अनजाने रहस्य।
13
14
प्रवृति के अनुसार दस महाविद्या के तीन समूह हैं। पहला:- सौम्य कोटि (त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, मातंगी, कमला), दूसरा:- उग्र कोटि (काली, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी), तीसरा:- सौम्य-उग्र कोटि (तारा और त्रिपुर भैरवी)। दस महा विद्या : 1.काली, 2.तारा, ...
14
15
भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी कहते हैं। इसके अलावा इसे जलझूलनी यानी डोल ग्यारस भी कहते हैं। इसके अलावा इसे वामन और पद्मा एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 17 सितंबर 2021 शुक्रवार को रहेगी। डोल ग्यारस के दिन आजमाएं 5 खास ...
15
16
भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी कहते हैं। इसके अलावा इसे जलझूलनी यानी डोल ग्यारस भी कहते हैं। इसके अलावा इसे वामन और पद्मा एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 17 सितंबर 2021 शुक्रवार को रहेगी। आओ जानते हैं श्रीकृष्‍ण के जलवा ...
16
17
प्राचीनकाल से ही लोग खाना खाने के बाद मीठा जरूर खाते हैं। हिन्दू शास्त्र और आयुर्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। मीठा खाने के संबंध में तो आपको पता ही होगा लेकिन बहुत कम लोग नहीं जानते होंगे कि खाने के पहले तीखा या कहें कि चरका क्यों खाते हैं। आओ ...
17
18
एटा। उत्तर प्रदेश के एटा में 5वीं सदी के बहुमूल्य शिलालेख, पुरातात्विक अवशेष और एक प्राचीन मंदिर के होने के सबूत मिले हैं। बताया जा रहा है कि एएसआई के आगरा सर्कल ने 1500 साल पहले गुप्त वंश के समय में अवशेष एटा के बिल्सढ़ गांव में खोज निकाले हैं। ये ...
18
19
राधा और श्रीकृष्‍ण का प्रेम अमर है। राधा ने श्रीकृष्‍ण से और श्रीकृष्ण ने राधा से नि:स्वार्थ और आत्मिक प्रेम किया था। इसी प्रेम का कारण आज श्रीकृष्ण के नाम के आगे राधा लगता है...राधे कृष्ण। कोई रुक्मिणी कृष्ण क्यों नहीं कहता जबकि रुक्मिणी भी तो राधा ...
19