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माघ माह का तिल चतुर्थी व्रत 21 जनवरी को, पढ़ें पौराणिक व्रत कथा

गुरुवार,जनवरी 20, 2022
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माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा, गंगा में डुबकी लगाने से क्या सच में धुलते हैं पाप? गंगा स्नान से पापों का नाश होना बतलाया गया है, परंतु नित्य गंगा स्नान करने वाले लोग भी पाप में प्रवृत्त होते देखे जाते हैं।
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मोर पंख (peacock feather) का जितना महत्व भारत के लोगों में हैं, उतना शायद ही किसी अन्य देश के लोगों में होगा। भारत में मोर को नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) दूर करने में सबसे प्रभावशाली माना जाता है।
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रामायण में हनुमानजी के पराक्रम के संबंध में सैंकड़ों रोचक कथाएं प्रचलित हैं। उनके बचपने से लेकर कलयुग तक तो हजारों कथाएं हमें पढ़ने को मिल जाती हैं। आओ जानते हैं यहां पर मात्र 5 ऐसी पौराणिक कथाएं जो बड़ी रोचक हैं।
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शनिवार, 5 फरवरी को वसंत पंचमी (Basant Panchami) है और वसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। वसंत पंचमी (Vasant Panchami 2022) को श्री पंचमी (Shree Panchami) तथा ज्ञान पंचमी (Gyan Panchami) भी कहते हैं।
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आपने भगवान विष्णु के दशावतार की कथा तो पढ़ी या सुनी होगी। लेकिन हम इससे अलग हटक आपको ऐसी पौराणिक कथा बताने वाले हैं जिससे आपके शायद की पढ़ा या सुना होगा। आओ आज हम बताते हैं भगवान विष्णु और गरुड़ की पौराणिक कथा।
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पौष मास में चतुर्थी (Paush chaturthi Vrat) का व्रत कर रहे व्रतधारियों को दोनों हाथों में पुष्प लेकर श्री गणेश जी का ध्यान तथा पूजन करने के पश्चात पौष गणेश चतुर्थी की यह कथा अवश्य ही पढ़ना अथवा सुनना चाहिए।
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भारतवर्ष की महान महिलाओं में से एक माता अनुसुइया को पांच पतिव्रता पत्नियों में स्थान मिला हुआ है। द्रौपदी, सुलक्षणा, सावित्री और मंदोदरी को भी पतिव्रता पत्नि माना जाता है। आओ जानते हैं सती अनुसूइया की कथा।
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प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को भगवान दत्तात्रेय की जयंती मनाई जाती है। भगवान दत्तात्रेय को गुरु परंपरा का आदि गुरु माना जाता है। इस बार उनकी जयंती 18 दिसंबर 2021 को मनाई जाती है। श्रीमद्भागवत में महर्षि अत्रि एवं माता अनुसूया के यहां ...
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अत्रिपत्नी अनसूया के समक्ष आपको सतीत्व नगण्य है। तीनों देवियों ने अपने स्वामियों- विष्णु, महेश और ब्रह्मा से देवर्षि नारद की यह बात बताई और उनसे अनसूया के पातिव्रत्य की परीक्षा करने को कहा।
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पुराणों में विष्णु-लक्ष्मी विवाह, शिव-पार्वती विवाह, गणेश-रिद्धि-सिद्धि विवाह, श्रीकृष्‍ण रुक्मिणी और सत्यभामा विवाह के साथी ही श्रीराम और सीता के विावह के बहुत चर्चा होती है। इनके विवाह का पुराणों में सुंदर चित्रण मिलता है। प्रभु श्रीराम के विवाह ...
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पौराणिक कथाओं की श्रृंखला में इस बार हम आपके लिए लाएं हैं भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक भगवान नील वराह की बहुत ही रोचक कथा, जिसे आपने अभी तक नहीं सुना होगा। आओ जानते हैं कि क्या है यह कथा।
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Masik Shivratri Story धार्मिक पौराणिक कथा के अनुसार
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गुरु प्रदोष त्रयोदशी व्रत करने वाले को 100 गायें दान करने का फल प्राप्त होता है तथा यह सभी प्रकार के कष्ट और पापों को नष्ट करता है। इस व्रत की कथा श्रवण करने से यानी सुनने से ऐश्वर्य और विजय का शुभ वरदान मिलता है। Guru Pradosh Vrat Katha
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हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार अगहन/मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी (Vaitarni ekadashi) कहा जाता है। इस वर्ष यह एकादशी 30 नवंबर 2021, दिन मंगलवार को पड़ रही है। इस व्रत को वैतरणी एकादशी भी कहते हैं, क्योंकि इस दिन देवी एकादशी का ...
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भैरव का शाब्दिक अर्थ होता है रक्षा करने वाला या रक्षक। भैरव भगवान शिव के पांचवें अवतार हैं, जिनके मुख्य दो रूप है- काल भैरव और बटुक भैरव। अधिकांश लोग काल भैरव को ही बटुक भैरव मानते हैं, जो की गलत है, हालांकि दोनों शिवरूप ही है परंतु इनमें अगाध भेद ...
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प्राचीन काल में त्रेतायुग में दशरथ नामक एक प्रतापी राजा थे। वे राजा आखेट प्रिय थे। एक बार अनजाने में ही उन्होंने एक श्रवणकुमार नामक ब्राह्मण का आखेट में वध कर दिया
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भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन राहु ने अमृत पान किया हुआ था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु के नाम से जाना गया। इसी कारण राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को ...
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Kartik Purnima 2021 : कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु ने मानव जीवन को बचाने के लिए मत्स्य अवतार लिया था। हिन्दू पुराणों अनुसार एक समय ऐसा आया था जबकि धरती पर भयानक वर्षा हुई थी जिसके चलते संपूर्ण धरती जल में डूब गई थी, लेकिन सिर्फ कैलाश पर्वत ...
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Vaikunth Chaturdashi Stories पुराणों में वैकुंठ चतुर्दशी की प्रमुख रूप से ये 3 कथाएं मिलती हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इन्हें वैकुंठ चतुर्दशी के दिन पढ़ने से 14000 पाप कर्मों का दोष मिट जाता है। वेबदुनिया पाठकों के लिए यहां प्रस्तुत हैं वो ...
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