काली शाल का कमाल!

शाल से इलाज करने वाले गणेश भाई

ganesh
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यहाँ एक बार इलाज करवाने के बाद तीन से पाँच बार आना पड़ता है। इनकी ख्याति इतनी दूर-दूर तक फैल गई है कि कई राज्यों के लोग किसी डॉक्टर से इलाज करवाने की बजाय रोग ठीक होने की आस लेकर गणेश भाई के दरबार में चले आते हैं। यहाँ की खास बात यह है कि ये गोरखधंधा पुलिस के साये में हो रहा है। रोजाना भक्तों का ताँता लगने की वजह से इलाज के वक्त यहाँ कई पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं।

बाबा, महाराज आदि संबोधन से नफरत करने वाले गणेश भाई का कहना है कि रोगियों को कैसे ठीक करता हूँ, मैं खुद नहीं जानता, ये तो बस देवी माँ की कृपा है। गणेश भाई की शक्ति से प्रभावित होकर उनके एक भक्त ने तो उन्हें 12 एकड़ जमीन दान में दे दी, जहाँ अब माँ अम्बे व कालिका माता का मंदिर बनना प्रस्तावित है, जिसके लिए भक्तों से चंदा भी वसूला जा रहा है।

-वेबदुनियडेस्कक्या किसी भी तरह की बीमारी को बिना दवा के मा‍त्र शॉल ओढ़ाकर और मार-पीटकर ठीक किया जा सकता है? आइए, आस्था और अंधविश्वास की इस कड़ी में हम आपको एक ऐसे शख्स से रूबरू करवाते हैं, जो देवी माँ के आशीर्वाद से लोगों के रोग दूर भगाने का दावा करता है।इस स्टोरी को देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें और फोटो गैलरी देखने के लिए यहां क्लिक करें-
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के बड़गाँव में गणेश भाई नामक एक ‍व्यक्ति ने अपना डेरा जमाया हुआ है, जहाँ वे बड़े अनूठे तरीके से मरीजों का उपचार करते हैं। वे पहले मरीज को अपनी काली शाल ओढ़ाते हैं और फिर देवी माँ की आराधना करते हुए शाल हटाकर मरीज को मारते हैं। उनका दावा है कि ऐसा करने से वे एड्स, शुगर, लकवा, पोलियो, कैंसर सहित हर प्रकार की बीमारी का इलाज कर सकते हैं।
विज्ञान को चुनौती देने वाले गणेश भाई का 'धंधा' तो फल-फूल रहा है और दिन-प्रतिदिन यहाँ लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। डॉक्टर से बढ़कर लोग इस बाबा पर विश्वास कर रहे हैं। क्या वाकई गणेश भाई मरीजों को राहत दे रहे हैं या प्रशासन की आड़ लेकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? अपनी राय से हमें जरूर अवगत कराएँ।



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