BJP में बागियों की थाह लेने पहुंचे विजय बहुगुणा, मुख्यमंत्री धामी से की मुलाकात

एन. पांडेय| Last Updated: बुधवार, 27 अक्टूबर 2021 (23:24 IST)
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। पार्टी में बगावतियों की थाह लेने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा अचानक पहुंचे। देहरादून आकर वे भाजपा के राज्य संगठन महामंत्री से मिले और उसके बाद वे पार्टी में असंतुष्ट बताए जा रहे विधायक उमेश शर्मा काऊ और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह से मिले। आज सुबह उन्होंने बताया कि पार्टी में बगावत संबंधी खबरें निराधार हैं।
उनके अनुसार हम 2016 में की नीतियों से खफा होकर जितने लोग बीजेपी में शामिल हुए थे उनमें सभी एकसाथ हैं। बहुगुणा के अनुसार कोरोना की वजह से अपने साथियों के साथ बातचीत मैं कर नहीं पाया था ऐसे में अब हुई है।बातचीत में उनके तमाम मुद्दों को लेकर भी बातचीत हुई है। उनके अनुसार किसी में कोई नाराजगी नहीं है। हां कुछ मुद्दे हैं जिनको लेकर मुख्यमंत्री या पार्टी नेतृत्व से बात करूंगा।

विजय बहुगुणा के अनुसार हम सबकी कोशिश है कि 2022 में भाजपा को जीत दिलाई जाए। विजय बहुगुणा ने यशपाल आर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि यशपाल आर्य कभी भी हमारे साथ कांग्रेस छोड़कर नहीं आए थे।उन्होंने नामांकन से 3 दिन पहले कांग्रेस छोड़ी थी। उन पर एक कहावत सटीक बैठती है कि जो पत्थर ज्यादा लुढ़कते हैं उनमें घास कभी नहीं उगती।

विजय बहुगुणा ने हरीश रावत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हरीश रावत भले ही बड़े नेता हैं लेकिन सब जानते हैं कि उनके क्या हालात हैं। बहुगुणा ने हरीश रावत पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की लहर चल रही है लेकिन कहीं इस लहर में वो ही ना डूब जाए।

इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मिले और दोनों असंतुष्ट माने जा रहे नेताओं से सम्बन्धित जानकारी उन्होंने मुख्यमंत्री को दी। कहा जा रहा है कि इसके बाद वे केन्द्रीय नेताओं से भी यह जानकारी साझा कर बागी तेवर दिखाने वालों को रोकने का प्रयास करेंगे।

बहुगुणा के तंज पर हरीश कहां चुप रहने वाले थे।उन्होंने बहुगुणा पर पलटवार करते हुए कहा कि विजय बहुगुणा को अगर उत्तराखंड आना पड़ गया तो उससे विजय बहुगुणा को भी रोजगार मिल गया।भाजपा के अंदर जबरदस्त गड़बड़ है और गड़बड़ को लेकर उनका शीर्ष नेतृत्व चिंतित है।

हरीश रावत ने साफतौर पर यह भी कहा कि विजय बहुगुणा का कांग्रेस में दर्द केवल एक था कि उनको राज्यसभा नहीं भेजा गया।उन्हें तो बीजेपी ने भी राज्यसभा नहीं भेजा,ऐसे में लगता है कि कहीं विजय बहुगुणा भाजपा से राज्यसभा ना भेजे जाने के मुद्दे पर आप में एंट्री तो नहीं करने जा रहे हैं। कांग्रेस तो अब शायद उनको लेगी ही नहीं।

एक तरफ जहां तमाम तरह के मनौव्वल का दौर चल रहा है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस बीच हरक सिंह पर इशारा करते हुए कहा कि कुछ सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। अगर आपको जाना है तो जाइए, किसने रोका है। उन्होंने कहा कि जिनको जाना है जाएं। यशपाल आर्य गए हैं, व्यक्तिगत रूप से मैं उनका सम्मान करता हूं। वह चले भी गए, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की बयानबाजी नहीं की।पार्टी ने सबको सम्मान दिया है।मंत्रिमंडल में भी आधा मंत्रालय उन्हीं लोगों को दिया गया है।



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