पहाड़ से बरसी आफत, कार पर गिरी चट्टान, पति-पत्नी की मौत

एन. पांडेय| पुनः संशोधित रविवार, 3 जुलाई 2022 (20:01 IST)
हमें फॉलो करें
देहरादून। उत्तराखंड में पहाड़ से बरस रही है। एक सप्ताह के भीतर कई ऐसे हादसे सामने आए जिनमें पहाड़ी से गिरे पत्थर बोल्डर से दबकर वाहनों में कई लोग मारे गए।रविवार को चमोली जिले के ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टान टूटने से कार में दबे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई।
चट्टान टूटने की यह घटना कर्णप्रयाग ग्वालदम हाईवे पर बगोली के पास हुई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बोल्डर को हटाया। कार पूरी तरह से पिचक गई। कार के अंदर एक महिला व पुरुष का शव क्षत-विक्षत स्थिति में पाया गया। दोनों शवों को वाहन से बाहर निकाला गया और पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान बलबीर सिंह और उनकी पत्‍नी सावित्री देवी निवासी मेटा कुलसारी चमोली के रूप में हुई।

बताया जा रहा है कि वाहन से वह देहरादून से कुलसारी जा रहे थे।मृतक बलवीर सिंह की गांव में ही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान है। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा पर आए आगरा निवासी एक परिवार के बच्चे की कंडी से गिरकर मौत हो गई। लिनचोली के समीप कंडी टूटने से बच्चा खाई में गिर गया। वहीं बच्चों को लेकर जा रहा मजदूर हादसे के बाद ही फरार हो गई।

बच्चे का शव खाई से निकाल लिया गया है। आगरा निवासी शिवा अपने माता, पिता और भाई के साथ केदारनाथ यात्रा पर आया हुआ था। गौरीकुंड से पूरा परिवार भीमबली तक घोड़े से गया। इसके बाद भीमबली से ये लोग पैदल जाने लगे।रास्ते से शिवा को कंडी से भेजा गया।

लेकिन लिनचोली के समीप बच्चा कंडी से 200 मीटर नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से मजदूर मौके से फरार हो गया। बच्चे का शव खाई से निकाल दिया है। पुलिस ने मामले में सोनप्रयाग कोतवाली में नेपाली मजदूर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।

चारधाम यात्रियों की रिकॉर्ड संख्या : उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2022 पिछले सभी रिकार्ड तोड़ रही है। तीर्थयात्रियों की संख्या के लिहाज से यात्रा में इस बार भीड़ सबसे अधिक उमड़ी है। चारधाम यात्रियों की संख्या रविवार तक साढ़े पच्चीस लाख के निकट पहुंच चुकी है। सड़क मार्गों में कहीं-कहीं भूस्खलन जोन सक्रिय होने से मानसूनी इस सीजन में कहीं कहीं मार्ग पर बाधाएं जरूर आ रही हैं, लेकिन यात्रा सुचारू चल रही है।

बदरीनाथ धाम में अभी तक नौ लाख पंद्रह हजार, केदारनाथ में आठ लाख सैंतालीस हजार, गंगोत्री में चार लाख सैंतीस हजार तथा यमुनोत्री पहुंचे तीन लाख सैंतीस हजार से अधिक तीर्थयात्री पहुँच चुके हैं। इनके अलावा श्री हेमकुंट साहिब लोकपाल लक्ष्मण मंदिर तीर्थ एक लाख पैंसठ हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।

हेलीकॉप्टर से केदारनाथ में 82009 तीर्थयात्री पहुंचे। यात्रा के दरमियान इन धामों के दर्शन को आए 206 यात्रियों की मौत भी हो चुकी है।केदारनाथ में 98 श्रद्धालु, गंगोत्री में 13 श्रद्धालु और यमुनोत्री में 42 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है जबकि हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए एक श्रद्धालु की भी मौत हुई है। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रतिदिन के यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है तथा भूस्खलन से सड़क मार्ग बाधित हो रहे है।

लेकिन यात्रा निरंतर चल रही है। प्रदेश सरकार, पुलिस-प्रशासन, आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, उत्तराखंड पर्यटन, बद्री-केदार मंदिर समिति द्वारा यात्रियों से अपील की जा रही है कि मौसम के अलर्ट सहित बारिश-भूस्खलन तथा सड़कों की स्थिति के अनुसार यात्रा मार्गों पर आगे बढ़े। अधिक बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों में रूक जाए। रात्रि के समय यात्रा में सावधानी रखें।

उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों की सुविधा-सुरक्षा हेतु तीर्थयात्रियों के पंजीकरण को अनिवार्य किया है तीर्थयात्री उत्तराखंड पर्यटन की वेबसाइट से घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश के अलावा भी चारधाम के सभी फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर फोटोमेट्रिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :