पंजाब के CM चन्नी का आरोप, ईडी की छापेमारी मुझे फंसाने का षड्यंत्र...

Last Updated: बुधवार, 19 जनवरी 2022 (20:48 IST)
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीत उन्हें उस मामले में फंसाने के लिए षड्यंत्र रच रही है, जिसे लेकर राज्य में कई स्थानों पर ने छापेमारी की है। चन्नी ने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव होते हैं, केंद्र में भाजपा नीत सरकार राजनीतिक विपक्षियों को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
चन्नी ने अपने रिश्तेदार के आवास पर ईडी द्वारा मंगलवार को की गई छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा, इस मामले में मुझे फंसाने के लिए एक षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघीय जांच एजेंसी के कर्मी इस मामले में उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। चन्नी ने सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कुछ मंत्रियों के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पंजाब में अवैध बालू खनन के खिलाफ जारी धनशोधन रोधी जांच के सिलसिले में की गई छापेमारी के दौरान 10 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की गई, जिसमें से आठ करोड़ रुपए चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह उर्फ हनी से जुड़े परिसरों से जब्त किए गए। सूत्रों ने बताया कि दो करोड़ रुपए की नकदी संदीप कुमार नाम के एक शख्स के ठिकाने से बरामद हुई है।

चन्नी ने अपने भतीजे के परिसरों पर ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर जिला) पुलिस द्वारा 2018 में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम शामिल भी नहीं था। बहरहाल, अधिकारियों ने कहा कि नवांशहर पुलिस की 2018 की प्राथमिकी और राज्य में अवैध रेत खनन के कारोबार में शामिल कुछ कंपनियों एवं व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को मिली इसी प्रकार की अन्य शिकायतों का संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई की गई।

चन्नी ने अपने भतीजे के परिसरों में ईडी की छापेमारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिरोजपुर की हालिया यात्रा से जोड़ने की कोशिश की। इस यात्रा के दौरान मोदी का काफिला किसानों के प्रदर्शन के कारण 15 से 20 मिनट तक रोके जाने के बाद प्रधानमंत्री को रैली को संबोधित किए बिना लौटना पड़ा था।

मुख्यमंत्री ने ईडी की छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा, यदि मोदी को लौटना पड़ा, तो इसमें मेरी क्या गलती है? मुझसे बदला क्यों लिया जा रहा है? पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है।

चन्नी के रिश्तेदार सहित अन्य से 10 करोड़ रुपए की नकदी जब्त : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब में अवैध बालू खनन के खिलाफ जारी धनशोधन निरोधी जांच के सिलसिले में की गई छापेमारी के दौरान 10 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की है। इसमें मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एक रिश्तेदार के ठिकाने से जब्त किए गए 8 करोड़ रुपए भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन मामले में पंजाब के चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और पठानकोट सहित अन्य शहरों में मंगलवार को दर्जनभर ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई थी, जो बुधवार तड़के खत्म हुई। उन्होंने बताया कि यह छापेमारी धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की गई थी और इस दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की छापेमारी के दौरान दस करोड़ रुपए की नकदी भी जब्त हुई, जिसमें भूपिंदर सिंह उर्फ हनी के ठिकाने से मिले लगभग आठ करोड़ रुपए शामिल हैं। हनी रिश्ते में मुख्यमंत्री चन्नी का भतीजा लगता है। सूत्रों ने बताया कि दो करोड़ रुपए की नकदी संदीप कुमार नाम के एक शख्स के ठिकाने से बरामद हुई है।

सूत्रों की मानें तो ईडी छापेमारी के दायरे में आए लोगों को विस्तृत पूछताछ के लिए जल्द समन भेज सकती है। उन्होंने बताया कि इन लोगों से बीते चौबीस घंटों में कई दौर की प्रारंभिक पूछताछ की गई है। ईडी कुदरतदीप सिंह नाम के एक शख्स से हनी के संबंध खंगाल रही है, जो इस जांच का केंद्र है। उन्होंने कहा कि हनी और कुदरतदीप एक कंपनी में साझेदार हैं।

ईडी ने अवैध खनन मामले में बीते साल नवंबर में आपराधिक मामला दर्ज किया था। सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने पाया है कि पंजाब में गैर-अधिसूचित इलाकों में खनन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं और ‘खनन माफिया’ इससे अर्जित अवैध धन का शोधन कर निजी व बेनामी संपत्ति खड़ी कर रहे हैं।(भाषा)



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