13 साल की उम्र में कॉलेज पहुंची इंदौर की 'करामाती कन्या', बीए एलएलबी में चाहती है प्रवेश

पुनः संशोधित शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021 (19:30 IST)
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(मध्यप्रदेश)। महज 13 साल की उम्र में 10वीं के बाद सीधे 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अकादमिक कीर्तिमान रचने वाली को नियम-कायदों के कारण स्नातक स्तर की कानून की पढ़ाई के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नियम के चलते उसे बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में इसलिए प्रवेश नहीं मिल पा रहा क्योंकि उसकी उम्र 18 साल से कम है।

'करामाती कन्या' के रूप में मशहूर हो रही तनिष्का (13) ने शुक्रवार को कहा कि मैं बड़ी होकर शीर्ष न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश बनना चाहती हूं। इसलिए मैं कानून की पढ़ाई करना चाहती हूं।

तनिष्का के पिता सुजीत की कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले साल शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। होनहार छात्रा की माता अनुभा ने बताया कि वह अपनी बेटी की इच्छा के मुताबिक उसे इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलवाना चाहती थीं। लेकिन, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि नियमों के मुताबिक इस पाठ्यक्रम में कम से कम 18 साल के विद्यार्थी को ही दाखिला दिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आखिरकार मैंने मजबूर होकर अपनी बेटी को बीए (मनोविज्ञान) पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाया, ताकि उसका साल खराब न हो।

उधर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अनिल शर्मा ने कहा कि हमारे बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से 60 सीटें स्वीकृत हैं। ये सभी सीटें पहले ही भर चुकी हैं। इसलिए तनिष्का को बीए (मनोविज्ञान) में पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया गया और वह इसकी पढ़ाई भी शुरू कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हम शुरुआत से ही तनिष्का की पूरी मदद कर रहे हैं।
इस बीच, संसद के बजट सत्र में हिस्सा ले रहे इंदौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद शंकर लालवानी ने दिल्ली से फोन पर बताया कि बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में तनिष्का के दाखिले की विशेष अनुमति के लिए उन्होंने शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की।

लालवानी ने बताया कि पोखरियाल ने मुझसे कहा कि वह पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम में तनिष्का के दाखिले के मामले में उम्र संबंधी नियमों को शिथिल करने के बारे में पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से बात करेंगे और इसके बाद उचित निर्णय किया जाएगा।
लालवानी ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को तनिष्का की विलक्षण प्रतिभा के बारे में बताया, तो उन्होंने 'करामाती कन्या' के नाम वीडियो संदेश जारी कर उसकी पीठ थपथपाई। ईरानी ने इस संदेश में कहा कि तनिष्का, आपने छोटी-सी उम्र में 12वीं पास कर ली। मैं आपको आशीर्वाद देती हूं और आपका अभिनंदन करती हूं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने यह भी कहा कि हम सब आशावादी हैं कि आप इसी तरह न केवल पढ़ाई-लिखाई, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी योगदान के माध्यम से नए कीर्तिमान रचेंगी और देश, इंदौर और अपने परिवार का नाम रोशन करेंगी।

तनिष्का ने पिछले साल स्वाध्यायी छात्रा के रूप में अपने घर में ही पढ़ाई करते हुए 10वीं के बाद सीधे 12वीं के वाणिज्य संकाय में 62.8 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की थी। होनहार छात्रा ने अंग्रेजी (विशेष) और हिन्दी (सामान्य) में विशेष योग्यता भी हासिल की थी।



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