चीनी मिल घोटाला : योगीराज में बढ़ीं मायावती की मुश्किलें...

लखनऊ| Last Updated: शनिवार, 8 अप्रैल 2017 (11:29 IST)
लखनऊ। यूपी के सीएम ने मायावती सरकार में चीनी मिल बेचने में हुए घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ी तो 2010-11 में हुए 1100 करोड़ रुपए के इस घोटाले की सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है। योगी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी संपत्तियां को औने-पौने दामों पर बेचने का कोई हक नहीं है। यह जनता की संपत्ति है। इसका दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।

माया सरकार में उत्तर प्रदेश शुगर कॉरपोरेशन और राज्य चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड की कुल 21 चीनी मिलों को औने-पौने दामों में बेच दिया गया था। सीएजी ने इस मामले की जांच की थी, जिसमें 1179 करोड़ का घाटा पाया गया था।

इन चीनी मिलों को
पोंटी चढ्ढा समूह के अलावा कुछ अन्य व्यवसायियों ने खरीद लिया था। सीएजी की रिपोर्ट के खुलासे के बावजूद इस मामले में पूर्व की अखिलेश सरकार ने कोई ऐक्शन नहीं लिया था।

इसके अलावा एक अन्‍य घटनाक्रम में आयकर विभाग ने शुक्रवार को ही बसपा प्रमुख मायावती के भाई आनंद कुमार से जुड़ी फर्मों व कारोबारों के दर्जन भर परिसरों में जांच पड़ताल की। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे की यह कार्रवाई दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में की जा रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'कुमार व उनके सहयोगियों की कंपनियों के साथ करीबी कारोबारी रिश्ते रखने वाली कुछ कारोबारी इकाइयों व बिल्डरों के खिलाफ भी सर्वे व सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। ऐसा माना जाता है कि इन इकाइयों ने शेयर पूंजी, शेयर प्रीमियम के रूप में अच्छा खासा निवेश किया है।' इस तरह के सौदों की वास्तविकता की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की सर्वे की कार्रवाई के तहत किसी इकाई के केवल व्यावसायिक परिसर में ही जांच पड़ताल की जाती है। इसके तहत संबद्ध इकाई के आवासीय परिसरों में कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

अधिकारियों का कहना है कि सर्वे कार्रवाई के तहत विभाग आनंद कुमार व अन्य से जुड़ी इकाइयों द्वारा किए गए वित्तीय लेन देन की सत्यता की पुष्टि कर रहा है। अधिकारी अचल संपत्तियों में किए गए निवेश व उसके स्रोत की जानकारी जुटा रहे हैं।



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