Uttarakhand : कपाट खुलने के 4 माह बाद शुरू हुई चारधाम यात्रा, तड़के से धामों में पहुंचे श्रद्धालु, गंगोत्री धाम में दर्शन करने वाले इंदौर के प्रथम दंपति

निष्ठा पांडे| Last Updated: शनिवार, 18 सितम्बर 2021 (22:20 IST)
देहरादून। चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद में शनिवार को 335 श्रद्धालु पहुंचे। देवस्थानम बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार द्वारा चारधाम यात्रा के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। शासन द्वारा जारी एसओपी का पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा चमोली जिले के ही सिख तीर्थ हेमकुंड साब के भी कपाट आज खोले गए।
चारधाम यात्रा के साथ ही समुद्र तल से 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पांचवें धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के बाद 100 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब की दरबार में मत्था टेका। हेमकुंड गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि यात्रा की समाप्ति की तारीख ट्रस्ट द्वारा अभी निश्चित नहीं की गई है।

हमारा पूरा प्रयास है कि यात्रा को अधिक से अधिक समय तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहे। हेमकुंड गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि ऋषिकेश गुरुद्वारा के ट्रस्ट कार्यालय में पंजीकरण कराकर पास लेकर ही प्रस्थान करें। हेमकुंड साहिब तक आने के लिए श्रद्धालुओं को बर्फीले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।

केदारनाथ धाम में यात्रा के पहले दिन 452 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे।

इनमें 22 स्थानीय लोग भी शामिल हैं। यात्रा पड़ावों पर तीर्थयात्रियों की चहल-कदमी से वीरान पड़े बाजारों में रौनक लौट आई है। केदारघाटी के 80 प्रतिशत लोगों की रोजी-रोटी चारधाम यात्रा पर ही टिकी हुई है। 6 माह यात्रा में काम करने के बाद यहां के लोग सालभर का गुजारा करते हैं। यात्रा खुलने से वाहन चालक, डंडी-कंडी, घोड़ा-खच्चर, ढाबा, होटल व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

केदारनाथ धाम में स्वास्थ्य सेवाएं देने को सिक्स सिग्मा टीम के चिकित्सक भेजे गए हैं। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को चिकित्सकों की सलाह है कि वे केदारनाथ धाम में गर्म कपड़े और जूते पहनकर धाम में पहुंचे, साथ ही खाली पेट यात्रा न करें। धाम में नेटवर्क की बेहतर व्यवस्था है।

में शनिवार को मध्यप्रदेश के इंदौर से आए बुजुर्ग साठे दंपति ने पहले दर्शन का सौभाग्य पाया। साठे दंपति कोरोना में यात्रा खुलने के बाद गंगोत्री धाम में मां गंगा के दर्शन का सौभाग्य पाने वाले पहले यात्री बनकर प्रफुल्लित नजर आये। इंदौर, मध्यप्रदेश निवासी बीएम साठे (79 वर्ष) और उनकी पत्नी वर्षीय शोभा साठे शनिवार को धाम खोले जाने के पहले दिन (73 वर्ष) गंगोत्री धाम पहुंचे। साठे दंपति ने कहा कि गंगोत्री धाम में स्वर्ग की अनुभूति हो रही है। हमने प्रार्थना की है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर पाएं। बीएम साठे 20 साल पूर्व कृषि विभाग में सहायक निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।



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