आकाशवाणी इंदौर में हिन्दी पखवाड़ा सम्पन्न

इंदौर| Last Updated: मंगलवार, 16 सितम्बर 2014 (22:16 IST)
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इंदौर। 'जब हिन्दी की गंगा ऊपर से बहेगी तो फिर वह देशभर में बहने लगेगी। आकाशवाणी, दूरदर्शन और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने हिन्दी के प्रचार प्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।' यह बात में 'हिन्दी दिवस' के मौके पर आयोजित 'हिन्दी पखवाड़ा' के समापन व पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि जे.एस अहीरवाल (क्षेत्रीय निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, इंदौर) ने व्यक्त किए।
 
उन्होंने कहा कि आजादी के पूर्व हिन्दी ही पूरे देश में व्यवहार में आने वाली भाषा थी, इसीलिए महात्मा गांधी ने इसे राष्ट्रभाषा बनाए जाने की बात कही थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जब देश में राजभाषा बनाए जाने का प्रश्न आया तो संविधान सभा ने 14 सितम्बर 1949 के दिन हिन्दी को ही राजभाषा के रूप में मान्य किया और तभी से हिन्दी हमारी राजभाषा है और हर 14 सितम्बर को मनाया जाता है।
 
अहीरवाल ने यह भी कहा कि आकाशवाणी, दूरदर्शन और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने हिन्दी के प्रचार प्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय निदेशक ने आकाशवाणी इंदौर में आयोजित 15 दिवसीय 'राजभाषा पत्रिका प्रदर्शनी' का अवलोकन करते हुए इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पत्रिकाएं भी देश में हिन्दी का प्रचार प्रसार करने में अमूल्य योगदान दे रहीं हैं। 
 
अपने अध्‍यक्षीय संबोधन में केन्द्राध्यक्ष एसके कदम उपनिदेशक (अभि.) ने कहा कि आज हम 98 प्रतिशत पत्राचार हिन्दी में करने लगे हैं, इसलिए अब हम अपना शत प्रतिशत कार्य भी हिन्दी में कर सकते हैं। उन्होंने सभी से अपना कार्यालयीन कार्य राजभाषा हिन्दी में करने का आव्हान करते हुए कहा कि आज विश्व में हिन्दी का तीसरा स्थान है, देश में हिन्दी राजभाषा है और अब यह पूरी तरह से राष्ट्रभाषा का स्थान ले लेगी। 
 
समारोह में विशेष रूप से उपस्थित कार्यक्रम प्रमुख डॉ. रेखा वासुदेव सहायक निदेशक (कार्यक्रम) ने कहा कि हम पूरे राष्ट्र में बेझिझक अपना काम हिन्दी में कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज पर्यटन, फिल्में और आकाशवाणी-दूरदर्शन के कारण न केवल भारतवर्ष में हिन्दी का प्रसार हुआ है, बल्कि अब व्यावसायिक आवश्यकता की वजह से भी हिन्दी सारे विश्व में स्थापित हो रही है। उन्होंने सभी प्रतियोगियों को हिन्दी पखवाड़े के दौरान प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए बधाई दी। 
 
इस मौके पर एल.एल. पटेल निदेशक (अभियांत्रिकी) ने कहा कि महात्मा गांधी, दयानंद सरस्वती, रवीन्द्र नाथ टैगोर जैसे मनीषियों ने देश में हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने का जो सपना देखा था, वह जरूर पूरा होगा। प्रारंभ में सहायक निदेशक (राजभाषा) आर. सी. आर्या ने स्वागत भाषण दिया। संतोष अग्निहोत्री ने महादेवी वर्मा के हिन्दी गीत की प्रस्तुति दी। 
 
त्रिम्बक वि. चांदोरकर, हिन्दी अनुवादक ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिन्दी पखवाड़े की जानकारी दी तथा हिन्दी दिवस के मौके पर जारी प्रसार भारती के मुख्य  कार्यकारी अधिकारी जवाहर सरकार तथा आकाशवाणी महानिदेशक एफ. शहरयार के संदेशों का वाचन किया। 
 
हिन्दी पखवाड़े के दौरान आयोजित हुई विभिन्न 39 प्रतियोगिताओं में 36 विजेता प्रतियोगियों को नकद पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही साथ राजभाषा विभाग की हिन्दी में डिक्टेशन देने तथा हिन्दी में कार्य करने संबंधी प्रोत्साहन योजनाओं के पुरस्कारों का वितरण भी किया गया। 



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