नरेन्द्र मोदी...एक तिलिस्म

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इंदौर। सत्ता शीर्ष तक पहुंचने की नरेन्द्र मोदी की यात्रा निश्चित ही किसी 'तिलिस्म' से कम नहीं है। उन्होंने उन तमाम अटकलों और राजनीतिक विश्लेषणों को झुठला दिया, जिन्हें उनकी सफलता पर संदेह था। अब तो प्रबंधन के छात्र भी नरेन्द्र भाई की उपलब्धियों से सबक सीख रहे हैं। मोदी के इसी तिलिस्म को तोड़ने या यूं कहें की समझने की कोशिश की है इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी ने।


पिछले दो-तीन माह में मोदी के जीवन पर आधारित दर्जनों किताबें बाजार में आ चुकी हैं, लेकिन हिन्दुस्तानी की किताब विशुद्ध पत्रकारीय दस्तावेज है। प्रकाश जी के मुताबिक मोदी पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लेंगे मुझे भी असंभव लगता था, लेकिन यह चमत्कार हो गया। यह नरेन्द्र मोदी का का तिलिस्म ही था, जिसने विरोधियों का पत्ता साफ कर दिया। उन्होंने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। भाजपा के बड़े बड़े नेताओं को भी।
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प्रकाश हिन्दुस्तानी की किताब 'चायवाले से प्रधानमंत्री : नरेन्द्र मोदी एक तिलिस्म' मोदी पर लिखा गया बहुत ही दिलचस्प दस्तावेज है। हिन्दुस्तानी के मुताबिक यह किताब नरेन्द्र मोदी की जीवनी नहीं है। यह मोदी के उस असंभव कार्य का पत्रकारीय दस्तावेज है, जो उन्होंने संभव कर दिखाया।

वे कहते हैं कि मोदी की उपलब्धि हिमालय को पिघलाकर उसकी जगह से हटाने जैसा दुष्कर कार्य था, जो उन्होंने कर दिखाया। इस कार्य में हर जगह बाधाएं थीं। पार्टी में विरोधी स्वर थे। गुजरात में, देश में, विदेश में भी मोदी विरोधी प्रचार आंधी थी, जिसे उन्होंने अपने पक्ष में आई सुनामी में तब्दील कर दिया।

एक साधारण घर में जन्मे और बचपन में चाय बेचने वाले ने जो काम कर दिखाया, वह न केवल कड़ी मेहनत का नतीजा है, बल्कि सही रणनीति, मीडिया मैनेजमेंट, सोशल एक्टिविज्म, वाकपटुता, भाषण देने कला, सादगी, भविष्य की योजनाओं का सही-सही निर्धारण, सही टीम का चयन आदि खूबियों का समन्वय है। प्रकाश हिन्दुस्तानी ने इस पुस्तक को लिखने के लिए नरेन्द्र मोदी की वेबसाइट, ब्लॉग, सोशल मीडिया, टीवी न्यूज चैनल, अखबार आदि की मदद ली है



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