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शरद पूर्णिमा खीर: इस ड्रायफ्रूट्स साबूदाना खीर से चंद्रदेव होंगे प्रसन्न, देंगे वरदान

रविवार,अक्टूबर 17, 2021
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खीर बनाने से एक-दो घंटे पूर्व चावल धोकर पानी में गला दें। दूध को मोटे तले वाले बर्तन में डालकर गैस पर चढ़ा दें। चार-पांच उबाल लें। पूरा पानी निथार कर चावल को दूध में डाल दें। बीच-बीच में चलाती रहें और गाढ़ा होने तक पकाएं।
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क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग तरह के बर्तनों की अपनी विशेषताएं होती है, और उनमें खाना पकाने पर उनके गुणों का असर भोजन में भी आ जाता है। आज हम आपको बता रहे हैं 6 ऐसे बर्तनों के बारे में जिन्हें अधिकांश जगह भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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इन खास नमकीन व्यंजनों के बिना अधूरा है दशहरे का पावन त्योहार, पढ़ें 3 सरल विधियां...
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दशहरा पर्व पर गिल्की के पकौड़े बनाने की परंपरा पुराने समय से जारी है। इसके साथ ही कई तरह के मीठे और नमकीन व्यंजन भी बनाकर इस त्योहार को मनाया जाता है। आप भी जानिए दशहरा पर्व की खास व्यंजन विधियां...
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सबसे पहले दोनों दालों को कचोरी बनाने के 3-4 घंटे पूर्व भिगो दें। कुछ दाल छोड़ कर बाकी को दरदरा पीस लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा तेल लेकर सौंफ का बघार व हींग डालें,
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दशहरा, जिसे हम विजयदशमी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन तरह-तरह के व्यंजन बनाकर इस पर्व को मनाया जाता है। यहां जानिए दशहरा पर्व के खास 5 लाजवाब रेसिपीज-
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सर्दी-खांसी, छींक, बुखार आदि ठीक करने के लिए कैसे खास बनानी है हमें यह कढ़ी? आइए देखते हैं- कढ़ी की सामग्री, विधि सब कुछ यहां प्रस्तुत है। तो लीजिए गरमा-गरम कढ़ी का मजा और दूर भगाइए अपनी सर्दी को और जल्दी हो जाइए स्वस्थ।
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साबूदाने को चार घंटे पहले भिगो लें। मूंगफली को भी अलग से भिगोकर दरदरा पीस लें। उबले आलू को साबूदाने व मूंगफली के साथ अच्छी तरह मिला लें व सारे मसाले को भी मिला लें।
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आलू का चटपटा फलाहारी नमकीन बनाने के लिए सबसे पहले आलुओं को छीलकर मोटा-मोटा कद्दूकस कर (किस) लें।
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क्या आपको भी लगता है कि खिचड़ी सिर्फ रोगियों का खाना है, तो यह आपकी बहुत बड़ी गलतफहमी है...। अलग-अलग सामग्री के साथ बनने वाली स्वादिष्ट खिचड़ी आपको सेहत के बेहतरीन फायदे भी देती है। जानिए इस पौष्ट‍िक आहार खिचड़ी के 5 फायदे और 3 व्यंजन विधियां...
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सबसे पहले एक कड़ाही में घी गरम करके कद्दूकस की हुई लौकी डाल दें और हल्का भूनकर अलग रख लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा पानी डालें, फिर चीनी डालें।
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सबसे पहले मखाने को घी में भून लें। अब सूखे नारियल के गोले के पतले-पतले लंबे टुकड़े काटकर गरी तैयार करके इन्हें भी हल्का-सा भून लें।
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साबूदाने को रात में गला दें। सुबह दही डालकर मिक्सर में पीसें। राजगिरे का आटा भी इसमें मिलाए। नमक डालकर डोसे का घोल तैयार करें।
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नवरात्रि व्रत में फलाहार का भी अपना महत्व है। ऐसे समय में फलाहार के नाम पर हम कुछ भी खा लेते हैं, यहां आपके लिए लेकर आएं हैं 5 तरह के खास व्यंजन, जो हेल्दी होने के साथ-साथ आपका एनर्जी लेवल भी मेंटेन रखेंगे।
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साबूदाने को धोकर पानी में भिगो दें। थोड़ी देर बाद इसका पानी निथारकर 1-2 घंटे के लिए रख दें। अब मूंगफली को दरदरा पीस लें और आलू को छीलकर मैश करें।
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नवरात्रि पर्व में व्रतधारी उपवास करते हैं, ऐसे समय में व्रत के दौरान अपने खान-पान यानी उपवास के दिनों में आपकी क्या डाइट होनी चाहिए इसका ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है।
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पितृ पक्ष भोग : शाही मालपुए

रविवार,अक्टूबर 3, 2021
सर्वप्रथम चीनी के अलावा बाकी सारी सामग्री को दूध के साथ मिलाकर गाढ़ा घोल बना लें। इसे 3-4 घंटे तक रखे रहें। एक कड़ाही में घी
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सर्वप्रथम दूध को एक मोटे तल वाले बर्तन में गाढ़ा होने तक उबालें। तत्पश्चात उसमें शक्कर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और पूरी तरह गाढ़ा होने दें। ऊपर से इलायची व मेवा की कतरन डाल दें।
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आश्विन कृष्ण अष्‍टमी को गजलक्ष्मी या महालक्ष्मी व्रत का बहुत महत्व है। श्राद्ध महालय के दौरान आने वाली इस अष्टमी के दिन धन की देवी महालक्ष्मी को इस खीर का नैवेद्य
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