सोशल मीडिया से दूरी बनाकर UPSC टॉप करने वाले अब फेक अकाउंट से परेशान

सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट से परेशान UPSC टॉपर्स

Author विकास सिंह| Last Updated: शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021 (14:22 IST)
भोपाल। यूपीएससी-2020 में टॉप कर IAS अफसर बनने वाले टॉपर्स इन दिनों परेशान है। परेशानी की वजह इन टॉपर्स के सोशल मीडिया पर बने है। यूपीएससी में टॉप करने वाले टॉपर्स के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इतने फेक अकाउंट हो गए है कि वह अब परेशान हो गए है। दिलचस्प बात यह है कि इन टॉपर्स अब तक सोशल मीडिया से या तो दूरी बना कर रखे थे या बहुत कम सक्रिय थे। वहीं अब यूपीएससी में टॉप करने के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हो रहे है पोस्ट से भी परेशान है।


UPSC-2020 में टॉप करने वाले अपने फेक अकाउंट से इतना परेशान हो गए है कि उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वह ट्विटर पर हैं. उनके सिर्फ पांच हज़ार के करीब फॉलोवर्स हैं, लेकिन उनके नाम से जो फर्जी अकाउंट चल रहा है, उस पर काफी ज्यादा फॉलोवर हो चुके हैं।

शुभम कहते हैं कि वह फेसबुक, यूट्यूब पर नहीं हैं, लेकिन उनके नाम के पेज बने हैं और कोई खुद ही पब्लिसिटी करने में जुटा है। शुभम का कहना है कि उनका ट्विटर पर अकाउंट @SHUBHAMKR_IAS के नाम से है, बाकी सभी फर्ज़ी नाम से चल रहे हैं।
वहीं यूपीएससी में सेंकड टॉपर भोपाल की जागृति अवस्थी भी सोशल मीडिया पर बने फेक अकाउंट से परेशान है। जागृति कहती हैं कि वह अभी सोशल मीडिया पर किसी भी प्लेटफॉर्म पर नहीं है लेकिन उनके सोशल मीडिया पर कई फेक अकाउंट है।

अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी में दूसरा स्थान हासिल करने वाली जागृति कहती है कि तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूरी बना कर रखी। उनका मानना है कि सोशल मीडिया से इंफॉर्मेशन तो मिलती है, लेकिन वह डिस्ट्रैक्शन का कारण भी बनता है।

इसके साथ यूपीएससी-2020 में तीसरे स्थान पर रहने वाली अंकित जैन सोशल मीडिया पर बने अपने फर्जी अकाउंट को लेकर अब कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रही है। ट्विटर के साथ इंस्टाग्राम पर बने अपने फर्जी अकाउंट से परेशान है। इतना ही नहीं अंकिता जैन को फेक अकाउंट से ही रिक्वेस्ट मिल रही है।

अंकित जैन इंस्टाग्राम पर बन रहे लगातार अपने अकाउंट को लेकर लोगों को बराबर जागरुक भी कर रही है। वहींं सोशल मीडिया के जानकर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट को एक गंभीर अपराध बताते हुए कहते हैं कि हैकर्स इसके जरिए लोगों को अपना निशाना भी बनाते है।



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