Maharashtra Political Crisis : महाराष्ट्र में नहीं लगेगा राष्ट्रपति शासन, शरद पवार का बड़ा बयान- शिंदे के साथ गए मंत्री होंगे बर्खास्त

पुनः संशोधित रविवार, 26 जून 2022 (22:13 IST)
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच एनसीपी प्रमुख का बड़ा बयान सामने आया है। राकांपा प्रमुख ने महाराष्ट्र में लगाए जाने की संभावना को खारिज कर दिया। शरद पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाविकास आघाडी (एमवीए) सरकार ने गुवाहाटी में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने वाले मंत्रियों को बर्खास्त करने की तैयार कर ली है।
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दिल्ली पहुंचे पवार ने पत्रकारों को कहा कि एमवीए सहयोगियों ने ठाकरे को बागियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया है और एक या दो दिन में कदम उठाए जाएंगे। पवार ने बागी नेता शिंदे के साथ शामिल होने वाले राज्य सरकार के मंत्रियों को बर्खास्त करने के सवालों पर कहा कि यह मुख्यमंत्री के दायरे में आता है। वे एक या दो दिन में कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बगावत की है, वे महाराष्ट्र में वैकल्पिक सरकार चाहते हैं। अगर आपको राष्ट्रपति शासन ही लगाना है तो इतने विधायकों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने का क्या मतलब है। मेरी समझ के मुताबिक राष्ट्रपति शासन की संभावना नहीं है। अगर ऐसा होता है तो चुनाव कराए जाएंगे।

राकांपा प्रमुख ने बागी विधायकों को मुंबई आने और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संख्याबल साबित करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि वे संख्याबल होने का दावा करते हैं। अगर उनके पास पर्याप्त संख्या है तो वे गुवाहाटी में क्यों बैठे हैं? मुंबई आइए और लोकतांत्रिक तरीके से संख्याबल साबित कीजिए। पवार ने कहा कि एमवीए साझेदारों को ठाकरे के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है और वे ‘अंत तक’ उनका समर्थन करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है कि हमने गठबंधन सरकार बनायी है और हम पूरी तरह इसका समर्थन करेंगे। हम अंत तक उद्धव ठाकरे का समर्थन करेंगे। हमारी प्रतिबद्धता उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के प्रति है।

पवार ने कहा कि शिवसेना कैडर 40-50 नेताओं द्वारा लिए गए अलग रुख को कभी नहीं अपनाएगा और ठाकरे के साथ खड़ा रहेगा। राकांपा नेता ने कहा कि जिस शिवसेना को मैं जानता हूं वह कभी किसी बगावती को नहीं अपनाएगी। शिवसैनिकों की बड़ी ताकत है और उन्होंने काफी प्रयासों से संगठन बनाया है। इसका संगठन पर कोई असर नहीं होगा। उद्धव ठाकरे विजयी साबित होंगे।



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