प्रधानमंत्री मोदी का दावा झूठा, भ्रष्टाचार में भारत एशिया में टॉप पर

पुनः संशोधित मंगलवार, 7 मार्च 2017 (19:42 IST)
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मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भले ही यह दावा करें कि उनकी सरकार ने देश में कालेधन पर नकेल कस दी गई है..दिल्ली में मैं खुद देश का चौकीदार बनकर बैठा हूं...न तो खुद खाऊंगा और न किसी को खाने दूंगा.. नीचे से ऊपर तक पैसों के लेन-देन का जो भ्रष्टाचार फैला है, उस पर लगाम लगा दूंगा.. लेकिन मोदी के इन तमाम दावों की हवा फुस्स हो गई है क्योंकि जो नई रिपोर्ट आई है, उसमें खुलासा हुआ है कि एशिया महाद्वीप के 16 देशों में उच्चतम दर भारत में है। रिपोर्ट के कहती है कि भारत में करीब दो तिहाई लोगों को अपना काम कराने के लिए रिश्वत देना पड़‍ती है।
उक्त खुलासा करने वाली संस्था का नाम है ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल, जिसने यह रिपोर्ट जारी की है। यह अंतरराष्ट्रीय संस्था भ्रष्टाचार पर निगाह रखती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए देश में हर 10 लोगों में से सात व्यक्तियों को भ्रष्टाचार का रास्ता चुनना पड़ता है।
 
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक एशिया प्रशांत के 16 देशों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भारत व सबसे कम भ्रष्टाचार में है। सर्वे में जापान में सिर्फ 0.2 फीसदी लोगों ने रिश्वत देने की बात कही है, जबकि भारत में सबसे ज्यादा 40 फीसदी लोगों ने माना है कि उन्हें अपना काम कराने के लिए रिश्वत देना पड़ी। हालांकि सर्वे में 50 फीसदी लोगों का रुख सकारात्मक भी रहा। उनका मानना है कि सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने की हरसंभव कोशिश कर रही है।



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