PM मोदी बोले- भारत स्टार्ट-अप के क्षेत्र में दुनिया की अगुवाई कर रहा...

पुनः संशोधित रविवार, 28 नवंबर 2021 (15:21 IST)
हमें फॉलो करें
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आज का युग स्टार्ट-अप का युग है और भारत इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है जहां 70 से अधिक स्टार्ट-अप एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन को पार कर गए हैं। एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन को पार करने वाली ‘स्टार्ट-अप’ इकाइयों को ‘यूनिकॉर्न’ कहा जाता है।
मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी युवा आबादी वाले किसी भी देश में तीन चीजें- विचार एवं नवोन्मेष, जोखिम लेने का जुनून और ‘कर सकने’ की भावना बहुत महत्‍वपूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि जब ये तीन चीजें साथ आती हैं, अभूतपूर्व परिणाम हासिल होते हैं और करिश्मा होता है।

मोदी ने कहा, इन दिनों हम अपने चारों तरफ स्टार्ट-अप, स्टार्ट-अप, स्टार्ट-अप सुनते हैं। यह सच है कि यह स्टार्ट-अप का युग है और यह भी सच है कि स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भारत एक तरह से दुनिया में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि साल दर साल स्टार्ट-अप को रिकॉर्ड मिल रहा है और यह क्षेत्र तेज गति से विकास कर रहा है।

मोदी ने कहा, देश के छोटे शहरों में भी स्टार्ट-अप की पहुंच बढ़ी है। शब्द आजकल काफी चर्चा में है। यूनिकॉर्न एक स्टार्ट-अप है जिसका मूल्यांकन एक अरब डॉलर, करीब 7,000 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा, साल 2015 तक, देश में नौ से 10 यूनिकॉर्न थे, आपको जानकर बहुत खुशी होगी कि भारत अब यूनिकॉर्न की दुनिया में भी काफी ऊपर है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल एक बड़ा बदलाव आया है और महज 10 महीनों में, भारत में हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक बड़ी बात है क्योंकि भारत के युवाओं ने कोविड वैश्विक महामारी के बीच यह सफलता हासिल की है।

मोदी ने कहा, आज भारत में 70 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं यानी 70 से ज्यादा स्टार्ट-अप ने एक अरब डॉलर के मूल्यांकन को पार कर लिया है। अपने कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दिसंबर के महीने में, नौसेना दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है, और 16 दिसंबर को, यह 1971 के युद्ध में जीत का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा।

मोदी ने कहा, इन सभी अवसरों पर मैं अपने सशस्त्र बलों, हमारे सैनिकों, विशेषकर उन वीर माताओं को याद करता हूं जिन्होंने इन योद्धाओं को जन्म दिया।(भाषा)




और भी पढ़ें :