केजरीवाल बोले, दिल्ली को वैश्विक शहर बनाने की दिशा में हमने एक विजन और बजट रखा

Last Updated: मंगलवार, 3 अगस्त 2021 (19:17 IST)
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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री ने 'दिल्ली@2047' मंच का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज मुझे बेहद खुशी है कि दिल्ली@2047 का हम लोग इस प्लेटफार्म के साथ शुभारंभ कर रहे हैं। इस साल जब हमने विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया था तो इसकी एक छोटी सी रूपरेखा हम लोगों ने विधानसभा में प्रस्तुत की थी। चूंकि दिल्ली देश की राजधानी है। पूरी दुनिया भर से लोग सबसे पहले दिल्ली आते हैं और फिर यहां से बाकी देश के अंदर जाते हैं।
दुनियाभर के लोग दिल्ली के जरिए पूरे देश को देखते हैं। दिल्ली एक ऐसी जगह है, जो सबके लिए गर्व की बात है। हमें दिल्ली को एक ग्लोबल सिटी की तरह विकसित करना है। आज अगर हम अपने घर में बैठे हैं तो हम यह नहीं कह सकते हैं कि दिल्ली के अंदर बहुत सारी चीजें ठीक हैं। हमें अभी दिल्ली के अंदर बहुत सारी चीजों का पता लगाना है और बहुत सारी समस्याओं को अभी ठीक करना है। 2047 में देश जब आजादी के 100 साल पूरे कर लेगा, तब दिल्ली को हमें कहां लेकर जाना है, उसका एक रोडमैप हम लोगों को तैयार करनी है। हम लोगों ने उस दृष्टिकोण से बजट में एक रखा था और उसके लिए एक बजट भी रखा था ताकि उस दिशा में काम शुरू हो सके।

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प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के बराबर हो : केजरीवाल ने कहा कि 'दिल्ली@2047' की जब हम बात करते हैं तो एक बार हमारे मन में यह भी आता है कि कही ऐसा तो नहीं कि हम यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि अभी तो ठीक ठाक है, 2047 में बात करेंगे, लेकिन यह हमारा उद्देश्य नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली में बहुत सारी समस्याएं हैं, उन समस्याओं की, उन क्षेत्रों और उन सेक्टर की एक सूची बनानी है। उनके सभी के समाधान निकालने हैं, उनकी एक समय सीमा बनानी है और उनके माइलस्टोंस बनाने हैं। दिल्ली में कुछ समस्याएं हैं, जो साल भर में भी ठीक हो सकती हैं, जबकि कुछ समस्याएं हैं, जो 2 साल में भी ठीक हो सकती हैं। इसके अलावा, कुछ चीजें हैं, जो शायद 2047 तक जाएंगी। जैसे हमने इस बार जब विधानसभा में रखा कि हम अपनी दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के बराबर लेकर जाएंगे या मैं कहूं कि हम 2048 के ओलंपिक के लिए बिड करेंगे। यह चीजें लंबे समय में प्राप्त होंगी। यह कल प्राप्त नहीं हो सकती हैं, यह एक या दो साल में प्राप्त नहीं हो सकती हैं। लेकिन अगर मैं कहूं कि हम 24 घंटे में दिल्ली में पानी देंगे तो इसका 2047 तक इंतजार नहीं करना चाहिए। यह अगले 1, 2 या 3 साल में हो जानी चाहिए। कम से कम अगले विधानसभी चुनाव के पहले तो दिल्ली के अंदर 24 घंटे पानी मिलना ही चाहिए।


हम ईमानदारी से समस्याओं का समाधान ढूंढने का प्रयास करते हैं : मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह, बहुत सारी समस्याएं है। हम लोग नए-नए राजनीति में आए हैं। हमें राजनीति उतनी अच्छी करनी नहीं आती है, लेकिन समस्याओं का समाधान ढूंढने का हम ईमानदारी से प्रयास करते हैं। पिछले 5 साल के हमारे अनुभव हैं, उसने यह दिखाया कि समाधान निकाले जा सकते हैं, समाधान ढूंढने जा सकते हैं। इसके लिए सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति होनी चाहिए। अभी जैसे कहा गया कि तकनीकि समाधान तो मिल जाएंगे, तकनीकि समाधान तो उपलब्ध हैं। आज दुनिया इतनी प्रगति कर चुकी है कि कोई भी समस्या हो, उसका समाधान निकल सकता है। उस समाधान को हम लोगों को लागू करना है। पिछले 5 साल के अंदर कुछ सेक्टर में दिल्ली सरकार ने अच्छे प्रयास किए। उसको सब लोगों ने देखा। शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रयास किया। आज मुझे कहते हुए बहुत खुशी हो रही है। परसों 12वीं क्लास के नतीजे आए हैं और आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि हमारे दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों के नतीजे 99.97 फीसदी आए हैं। पिछले 70 साल के भारत के इतिहास में सरकारी स्कूलों के 99.97 फीसदी नतीजे कभी कभी सुना नहीं होगा। पिछले 5 साल से दिल्ली के सरकारी स्कूलों के नतीजे निजी स्कूलों से ज्यादा अच्छे आ रहे हैं। अतः हम लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि को हासिल किया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ ठीक हो गया है। शिक्षा को लेकर अभी बहुत कुछ करना बाकी है और बहुत सारे सपने हैं, उसको भी अभी लागू करेंगे। अभी हमने एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई है और एक एंटरप्रिन्योरशिप यूनिवर्सिटी बनाई है। इसके अलावा और भी बहुत सारे काम करने हैं। लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में जो हुआ, वह यह दिखाता है कि हो तो सकता है। यह संभव है, किया जा सकता है।


सभी पुराने ट्रांसफार्मर और केबल बदलवाए : केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा की तरह ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी काफी उपलब्धियां हासिल की। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की बहुत बुरी हालत थी। सरकारी अस्पताल ठीक किए गए। मोहल्ला क्लीनिक का एक बहुत बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया। पॉलीक्लिनिक का एक बहुत बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया। एक तरह से दिल्ली के हर नागरिक को स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र मिला है। क्योंकि हमने दिल्ली के अंदर हर नागरिक का पूरा इलाज मुफ्त कर दिया है। उसके लिए फंड जुगाड़े, जहां से भी फंड जुगाड़े, लेकिन अब दिल्ली में कोई भी आदमी यह नहीं कह सकता है कि मैं बीमार हूं। मेरे को कैंसर है, मेरे को इतनी बड़ी बीमारी है, मेरे को इलाज के लिए 15 लाख रुपए लगेंगे। उसके इलाज के जितने भी पैसे लगेंगे, उसका सरकारी अस्पताल में अच्छा इलाज होगा, इसकी भी गारंटी है। वह जाकर अपना इलाज करा सकता है। हमने बिजली के क्षेत्र में बहुत शानदार काम किया। मेरे को याद है, 2015 में हमारी सरकार बनी थी। 2014 की गर्मियां मुझे याद है, जब दिल्ली के अंदर 7-7, 8-8 घंटे के पावर कट लगा करते थे। आज दिल्ली में 24 घंटे बिजली आती है। आज भी वही बिजली कंपनियां हैं, लेकिन आज हमारे पास राजनीतिक इच्छा शक्ति है। हमने बिजली कंपनियों के साथ मिलकर 2015 से लेकर अगले दो-तीन साल तक हमने खड़े होकर पुराने ट्रांसफार्मर और केबल बदलवाए। नतीजन, आज दिल्ली में 24 घंटे बिजली मिलती है।


100 से अधिक सरकारी सेवाएं डोरस्टेप पर : केजरीवाल ने कहा कि आज सर्विसेज के क्षेत्र में 100 से ज्यादा सरकारी सर्विस ऐसी हैं, जो आपको डोरस्टेप पर मिलती हैं। हमने एक फोन नंबर जारी कर दिया है। आप उस नंबर पर फोन कीजिए। जैसे पिज्ज़ा ऑर्डर करते हैं। आप फोन करते हैं और पिज्जा आपके घर आ जाता है। उसी तरह, उस नंबर पर आप फोन कीजिए और आप कहिए कि मुझे अपना राशन कार्ड बनवाना है तो वह आपसे पूछेंगे कि हम कितने बजे आपके घर आए हैं। आप अपनी सुविधानुसार अपना समय बता दीजिए, वो आपके घर आएंगे और आपका राशन कार्ड बना कर जाएंगे। आपको इसके लिए सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। आपको अपने दफ्तर से छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है, आपको लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है, आपको दलाल को पैसे देने की जरूरत नहीं है, आपको घर आकर डोरस्टेप डिलीवरी कर के जाएंगे।
दिल्ली सरकार मुनाफे में चल रही है : सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार के जो वित्तीय हालत थी, हमने उसको ठीक किया। सीएजी की पिछले साल रिपोर्ट आई है। उस रिपोर्ट में लिखा है कि पूरे देश में दिल्ली सरकार इकलौती सरकार है, जो मुनाफे में चल रही है। हमारी सरकार घाटे में नहीं चल रही है। अब हम मुनाफे में चल रहे हैं। एक-एक प्रोजेक्ट में तकनीक या वित्तीय संरचना का इस्तेमाल करके ईमानदारी से सरकार चल रही है। हमारी नियत अच्छी थी, इसलिए हर प्रोजेक्ट के अंदर हमने पैसे बचाएं हैं और एक तरह से हमने सरकार को आर्थिक रूप से टिकाउ और उत्तरदाई बनाया है। अभी भी बहुत सारी चीजें करनी बाकी है। जिस पर अभी काम चल रहा है। दिल्ली की सड़कें चौड़ी तो बहुत हैं, लेकिन अच्छी नहीं है। वह ठीक से डिज़ाइन नहीं हैं। उन सड़कों को यूरोपियन मानक पर बनाना चाहते हैं। इसलिए हमने पहले 500 किलोमीटर की सड़कों को लिया है। उसके बाद हम आगे जाएंगे और धीरे-धीरे हम दिल्ली की सारी सड़कों को यूरोपियन मानक पर बनाएंगे। हम चाहते हैं कि सारी सड़कें यूरोपीय मानक पर बनें।
हमने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई है : केजरीवाल ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली के अंदर 24 घंटे पानी आना चाहिए। जैसे यूरोपियन देशों में होता है कि हम जब टोंटी खोलें तो उसमें से सीधे पीने का पानी आना चाहिए। ट्रांसपोर्ट को ठीक करना है। हम दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर काम कर रहे हैं। जैसा कि जस्मीन शाह ने बताया कि हमारा पूरा का पूरा ट्रांसपोर्ट सिस्टम इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील हो जाए। दिल्ली के अंदर बहुत बड़े स्तर पर झीलों को विकसित किया जा रहा है। पुराने जमाने में बहुत सारी झीलें होती थीं, आज उस पर अतिक्रमण हो गया है। उन सभी अतिक्रमण को हटा कर अब बहुत सारी झीलों को विकसित किया जा रहा है। दिल्ली सरकार का एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है जि सके अंदर पार्क्स एंड गार्डेन बनाए जा रहे हैं। उसमें स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए को शामिल कर बहुत बड़े स्तर के ऊपर पार्क्स और गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। हम लोगों ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई है और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को लेकर हमारा मुख्य मकसद यही है कि एक तरफ ज्यादा से ज्यादा जनसंख्या स्पोर्ट्स में शामिल करें और खिलाड़ी तैयार करें ताकि अगली बार ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा मेडल लेकर आ सकें।
हम सभी सभी समस्याओं को ठीक कर सकते हैं : केजरीवाल ने अंत में कहा कि हमारे लिए दिल्ली गर्व और दिल्ली देश की राजधानी है, लेकिन दिल्ली में चारों तरफ इतनी गंदी है। उस गंदगी को साफ करना है। हमें सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) पर काम करना है। यह कर सकते हैं। आप अंतरराष्ट्रीय टैंडर दीजिए, आपके पास ढेरों कंपनियां आ जाएंगी, जो दिल्ली को साफ करने के लिए तैयार है। आजकल तो कूड़ा भी बिकता है। इस पर हम लोग काम कर रहे हैं। दिल्ली की हवा को साफ करना है। दिल्ली बहुत ज्यादा प्रदूषण है। जल और वायु प्रदूषण भी है। यमुना को साफ करना है। इस तरह, हम लोगों को बहुत सारे काम करने हैं। यह सारे काम हम अकेले नहीं कर सकते हैं। यह बहुत बड़ा काम है और इसमें आप सब लोगों का सहयोग चाहिए। इसमें दिल्ली के नागरिकों और कॉर्पोरेट सेक्टर का भी सहयोग चाहिए। अभी हमने देखा कि कोरोना कितनी बड़ी महामारी थी। दिल्ली की इसलिए तारीफ हो रही है कि दिल्ली में हम लोगों ने सबको साथ लेकर काम किया। खासकर कॉर्पोरेट सेक्टर का हमें बहुत सहयोग मिला। हमने जिसको भी फोन उठा कर फोन किया कि हमें इतने सिलेंडर चाहिए। मैं यह बताते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं कि किसी भी कॉर्पोरेट ग्रुप ने हमें कभी मना नहीं किया और सब लोगों ने सहयोग किया। ऐसे कॉर्पोरेट की एक लंबी सूची है। तब हमें यह लगा कि हम सब लोग मिल जाएं तो अगर कोरोना जैसी बीमारी से निपट सकते हैं तो हम सभी मिलकर इन सारे सेक्टर्स को भी हम ठीक कर सकते हैं। आप सब लोगों का सहयोग चाहिए और आज यह प्लेटफार्म इसीलिए विकसित किया गया है जि समें हम आपसे चेक लिखवाने के लिए नहीं आएंगे। हमें आपकी विशेषज्ञता चाहिए, हमें आपके विचार चाहिए, हमें आपकी भागीदारी चाहिए और हमें आपकी पार्टनरशिप चाहिए। हम कंधे से कंधा मिलाकर, आपके साथ मिलकर दिल्ली को 21वीं सदी की दिल्ली बनाना चाहते हैं ताकि हम 2047 में जब बैठे तो हम कहें कि हमें अपनी दिल्ली के उपर गर्व है। हमें एक ऐसी दिल्ली बनानी है जि स पर हम सभी लोगों को गर्व हो और एक ऐसी दिल्ली बनानी है जि समें गरीब से गरीब आदमी भी अच्छे से रह सके, इज्जत से रह सके और आराम से रह सके।



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