Weather Update: मुंबई में हाईटाइड का अलर्ट, राजस्थान में मानसून की दस्तक, असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर

Last Updated: शुक्रवार, 1 जुलाई 2022 (08:44 IST)
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नई दिल्ली। उत्तरी महाराष्ट्र तट से दक्षिण कर्नाटक तट तक समुद्र के औसत स्तर पर अपतटीय ट्रफ बनी हुई है। एक चक्रवाती परिसंचरण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी के बीच ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। में भारी बारिश के बीच समुद्र में हाईटाइड आ सकती है। इस दौरान 4 से 5 मीटर तक लहरें उठने की संभावना है। इस दौरान अगर भारी बारिश जारी रही तो शहर के निचले इलाके पानी में डूब सकते हैं। इससे कोरोना काल में मुंबई की मुसीबतें और बढ़ जाएंगी।

चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पाकिस्तान के मध्य भागों और उत्तर-पश्चिमी पंजाब के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। पूर्वी पश्चिम ट्रफ रेखा पंजाब से पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक हरियाणा, दक्षिण उत्तरप्रदेश, पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा होते हुए ओडिशा के तट तक फैली हुई है।

स्काईमेटवेदरडॉटकॉम के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान कोंकण और गोवा के अधिकांश हिस्सों, तटीय कर्नाटक, उत्तरी केरल के कुछ हिस्सों, पूर्वी उत्तरप्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश में मध्यम से भारी बारिश हुई।
उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय, मध्य उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हुई और पूर्वोत्तर और दक्षिण गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई।
शेष पूर्वोत्तर भारत, केरल, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, हरियाणा के कुछ हिस्सों, दिल्ली, उत्तरी मध्यप्रदेश के शेष हिस्सों, रायलसीमा के कुछ हिस्सों, तटीय आंध्रप्रदेश और विदर्भ और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। आंतरिक तमिलनाडु, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की बारिश हुई।
अगले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, दक्षिण पश्चिम उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक और उत्तरी केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों, दिल्ली और दक्षिण छत्तीसगढ़ में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, रायलसीमा, तटीय आंध्रप्रदेश और लक्षद्वीप में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान और कच्छ को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।
मुंबई में : मुंबई में भारी बारिश के बीच समुद्र में हाईटाइड आ सकती है। इस दौरान 4 से 5 मीटर तक लहरें उठने की संभावना है। इस दौरान अगर भारी बारिश जारी रही तो शहर के निचले इलाके पानी में डूब सकते हैं। इससे कोरोना काल में मुंबई की मुसीबतें और बढ़ जाएंगी।
राजस्थान में की दस्तक : राजस्थान में मानसून ने सामान्य से 8 दिन की देरी से गुरुवार को पूर्वी राजस्थान के कोटा और भरतपुर संभाग से दस्तक दी। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के भतरपुर, दौसा, अलवर, बारां व जयपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश दौसा के लावन में 100 मिलीमीटर दर्ज की गई।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आमतौर पर राजस्थान में मानसून का प्रवेश दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के कोटा और उदयपुर संभाग से होता है लेकिन इस बार दक्षिण राजस्थान से न होकर पूर्वी राजस्थान के अलवर, कोटा और भरतपुर से मानसून ने प्रवेश किया है।

में बाढ़ की स्थिति गंभीर : असम में बाढ़ के हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। यहां के 25 जिलों में 29 लाख से अधिक लोग गुरुवार को इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित रहे। इसके साथ ही बाढ़ से पिछले 24 घंटे में 8 और लोगों की मौत हो गई। बेकी, कोपिली, बराक और कुशियारा समेत कई स्थानों पर ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि अन्य कई नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। कछार के सिलचर शहर के कई हिस्से 11 दिन से अधिक समय से जलमग्न हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 159 हो गई जिसमें 6 जिलों- नागांव, लखीमपुर, बारपेटा, बिश्वनाथ, धेमाजी और मोरीगांव में 8 और लोगों की मौत हो गई।(फ़ाइल चित्र)



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