मौसम खराब होने के चलते CDS बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर क्रैश होने की आशंका, बोले MI-17 V-5 हेलिकॉप्टर उड़ा चुके एयर कॉमोडोर मृगेन्द्र सिंह (रि.)

CDS बिपिन रावत को ले जाने वाले हेलिकॉप्टर MI-17 V-5 की उड़ान से पहले पूरे प्रोटोकॉल को किया गया होगा फॉलो

Author विकास सिंह| Last Updated: बुधवार, 8 दिसंबर 2021 (16:44 IST)
तमिलनाडु के कुन्नूर में CDS बिपिन रावत समेत सेना के 14 अफसरों को ले जा रहा MI-17 V-5 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। हादसे का शिकार हुए हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत और अन्य स्टॉफ भी था। अब तक हादसे में कई लोगों की मौत की खबर भी है। वीवीआईपी ड्यूटी में लगे हेलिकॉप्टर MI-17 V-5 के हादसे के शिकार होने के बाद हेलिकॉप्टर को लेकर भी कई सवाल उठ रहे है। पूरे हादसे को लेकर ‘वेबदुनिया’ ने MI-17 V-5 हेलिकॉप्टर उड़ा चुके एयर कॉमोडोर मृगेन्द्र सिंह (रि.) से खास बातचीत की।


‘वेबदुनिया’ से बातचीत में मृगेंद्र सिंह MI-17 V-5 हेलिकॉप्टर को लेकर उठ रहे सभी सवालों को खारिज करते हुए कहते है कि MI-17 V-5 रूस में निर्मित एडवांस तकनीक से लैस हेलिकॉप्टर है और प्राथमिक तौर पर हादसे में हेलिकॉप्टर में कोई प्रॉब्लम नहीं नजर आ रही है। हेलिकॉप्टर के पुराने होने की खबरें पूरी तरह गलत है।

मैंने खुद MI-17 V-5 हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी है और यह ट्विन इंजन वाला हेलिकॉप्टर है। ऐसे डबल इंजन वाले हेलिकॉप्टर में अगर एक इंजन में तकनीकी खराबी आती भी है तो दूसरा इंजन उसको टेकओवर कर लेता है और हेलिकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिग करा देता है।

‘वेबदुनिया’ से बातचीत में मृगेंद्र सिंह आगे कहते हैं कि प्राथमिक तौर पर मौसम खराब होने के चलते किसी पहाड़ी से टकराने से हादसा होने की आंशका है लेकिन हादसे पर कोई भी आधिकारिक जानकारी एयरफोर्स की तरफ से आने का हमें इंतजार करना चाहिए।

बताचीत में एयर कॉमोडोर मृगेन्द्र सिंह (रि.) कहते हैं कि उन्होंने पुणे में खुद जनरल बिपिन रावत के साथ काम किया था जब वह सदन आर्मी कमांडर थे। जनरल बिपिन रावत वह बहुत अच्छे अधिकारी थे तब वह इतनी ऊंचाई तक पहुंचने पाए और पूरी घटना बहुत दुखद है।


बातचीत में वह आगे कहते हैं कि सीडीएस बिपिन रावत को ले जाने वाले हेलिकॉप्टर MI-17 V-5 की उड़ान से पहले पूरे प्रोटोकॉल को फॉलो किया गया होगा। बातचीत में मृगेंद्र सिंह साफ कहते हैं कि एयरफोर्स की एसओपी और प्रोटोकॉल के हिसाब से कभी भी कोई भी व्यक्ति ज्यादा नहीं लिया जा सकता है। वीवीआईपी मूवमेंट में इस्तेमाल होने वाले MI-17 V5 हेलिकॉप्टर को जरूरत के हिसाब से मोडिफाइड किया जा सकता है। रिपोर्टस के मुताबिक हादसे के वक्त हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे।



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