सपा की रैली पर चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, SHO सस्पेंड, ACP से जवाब मांगा

Last Updated: शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 (23:54 IST)
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नई दिल्ली/लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बिना अनुमति रैली करने के मामले में ने शुक्रवार को कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने रैली क्षेत्र के एसएचओ (SHO) को सस्पेंड कर दिया है, जबकि असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर से इस संबंध में जवाब तलब किया है।


रैली स्थल पर भीड़ जुटाने और कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के मामले में चुनाव आयोग गौतमपल्ली के एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले कोविड नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सपा के 2500 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

लखनऊ के पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि सपा कार्यालय में कोविड नियमों के उल्लंघन के मामले में गौतमपल्ली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गौतमपल्ली थाने के उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह की तहरीर पर करीब 2500 सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भादसं की धारा 188 (निर्देशों का उल्लंघन), 269 (रोग का संक्रमण फैलाना) 270 (संक्रमण फैलाकर दूसरों की जान जोखिम में डालना) और 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना) के अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
उपनिरीक्षक ने तहरीर में आरोप लगाया है कि शुक्रवार को दो से ढाई हजार सपा कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय के आसपास विक्रमादित्य मार्ग पर बेतरतीब वाहनों को खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध किया और सपा कार्यालय में अवैध ढंग से जमावड़ा (भीड़ जुटान) लगाया।

तहरीर में यह भी कहा गया है कि कार्यकर्ताओं को लाउडस्पीकर से भीड़ खत्म करने और लोगों से वाहनों को हटाने के लिए समझाया बुझाया गया, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने चुनाव आचार संहिता और कोविड के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि समाजवादी पार्टी के कार्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को देखा गया जिनमें अधिकतर बिना मास्क पहने हुए थे।
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की एक टीम वहां गई थी, प्रथम दृष्टया कोविड-19 मानदंडों का उल्लंघन हुआ और इसकी जांच की गई और इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
चुनाव आयोग ने कोविड -19 मामलों में निरंतर वृद्धि का हवाला देते हुए 5 चुनावी राज्यों में 15 जनवरी तक सार्वजनिक रैलियों, रोड शो और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए 16-सूत्रीय दिशा निर्देशों को सूचीबद्ध करते हुए सार्वजनिक रैलियों और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया तथा घर-घर प्रचार के लिए प्रचारकों की टीम की संख्या उम्मीदवारों समेत 5 तक सीमित कर दिया।



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