राज्यसभा में उठी मातृभाषा को बढ़ावा देने की मांग, शून्यकाल में उठा मुद्दा

Last Updated: शुक्रवार, 6 अगस्त 2021 (12:48 IST)
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प्रमुख बिंदु
  • राज्यसभा में उठी मातृभाषा को बढ़ावा देने की मांग
  • हरनाथ सिंह यादव ने उठाया मुद्दा
  • शून्यकाल में उठा मुद्दा
नई दिल्ली। मातृभाषा को बढ़ावा देने की करते हुए राज्यसभा में भाजपा के एक सदस्य ने शुक्रवार को कहा कि अंग्रेजी भाषा को लेकर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन इसकी वजह से अपनी मातृभाषा नहीं पिछड़नी चाहिए। शून्यकाल के दौरान भाजपा के हरनाथ सिंह यादव ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में दिए जाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी पहल है और इससे मातृभाषा को बढ़ावा मिलेगा। जब यादव यह मुद्दा उठा रहे थे तब विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य सदन में अपने अपने मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर आसन के समक्ष हंगामा कर रहे थे।
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हंगामे के बीच ही यादव ने कहा कि पुणे के एक प्रतिष्ठित संस्थान में परीक्षा अंग्रेजी में ही होती है। अंग्रेजी के संस्थानों की देश में कमी नहीं है और इन संस्थानों में हिन्दी एक वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है जिसमें पास होना भी जरूरी नहीं होता। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा और उसके महत्व को लेकर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन इसकी वजह से अन्य भाषाएं बोलने वालों का मनोबल टूटता है और ये लोग पिछड़ जाते हैं। अंग्रेजी भाषा की वजह से मातृभाषा पिछड़नी नहीं चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए।(भाषा)



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