विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : कांग्रेस का तंज, कहा- UP चुनाव आते ही PM को विभाजन की आई याद

पुनः संशोधित शनिवार, 14 अगस्त 2021 (20:43 IST)
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नई दिल्ली। ने देश के बंटवारे के समय के लोगों के संघर्षों एवं बलिदान की याद में ‘विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को लेकर शनिवार को उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पहले पाकिस्तान को उसके स्वतंत्रता दिवस एवं राष्ट्रीय दिवस पर बधाई देते हैं तथा फिर उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के नजदीक आने पर विभाजन को याद करते हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि भाजपा के ‘विभाजनकारी छल-कपट’ की पोल अब खुल चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि 14 अगस्त को लोगों के संघर्षों एवं बलिदान की याद में के रूप में मनाया जाएगा और कहा कि बंटवारे के दर्द को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। मोदी ने कहा कि विभाजन के कारण हुई हिसा और नासमझी में की गई नफरत से लाखों लोग विस्थापित हो गए और अनेक लोगों ने जान गंवा दी।
सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री के एक पुराने ट्वीट और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को लिखे गए उनके पत्र को शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘‘विभाजनकारी छल-कपट की पोल खुली, अब देश को नही बरगला सकते। 22 मार्च को पाकिस्तान को बधाई। याद रहे 22 मार्च वो दिन है जब मुस्लिम लीग ने (22 मार्च, 1940) को बंटवारे का प्रस्ताव पारित किया था। पिछले 14 अगस्त को भी पाक को बधाई। उत्तर प्रदेश का चुनाव आते ही विभाजन की याद आई। वाह साहेब !’’
कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री का जो जो ट्वीट शेयर किया, वो 14 अगस्त, 2015 का है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। सुरजेवाला ने जिस पत्र का हवाला दिया, वो प्रधानमंत्री ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को वहां के ‘राष्ट्रीय दिवस’ पर लिखा था। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह घोषणा करने से पहले इस पर माफी मांगनी चाहिए थी कि उनके ‘वैचारिक पूर्वजों’ और मुस्लिम लीग के कारण ही देश का बंटवारा हुआ।
उन्होंने दावा किया, ‘‘इनके वैचारिक पूर्वजों और मुस्लिम लीग ने मिलकर जो माहौल बनाया था उस वजह से बंटवारा हुआ। इन्हें पहले माफ़ी मांगनी चाहिए।’’ खेड़ा ने कहा कि बंटवारे के समय मेरे परिवार के 14 सदस्य मारे गए थे। ये कौन होते हैं हमारी टीस दूर करने वाले ? इनकी वजह से मेरी टीस है और आज यह टीस फिर बढ़ रही है। (भाषा)



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