किंगफिशर ने ऋण में की 263 करोड़ की हेराफेरी, माल्या भी आरोपी

नई दिल्ली| पुनः संशोधित बुधवार, 25 जनवरी 2017 (07:50 IST)
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नई दिल्ली। ने मंगलवार को आईडीबीआई बैंक चूक मामले में आरोपपत्र दायर किया। यह मामला से संबंधित है। इस मामले में एयरलाइंस के प्रवर्तक विजय माल्या वांछित आरोपी हैं। अदालत माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित कर चुकी है।
 
मुंबई में विशेष अदालत के समक्ष दाखिल आरोपपत्र में आरोप लगाया गया है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने आईडीबीआई बैंक से हासिल 900 करोड़ रुपए के ऋण में 263 करोड़ रुपए का हेरफेर किया और इसका व्यक्तिगत इस्तेमाल किया।
 
जांच एजेंसी ने इस मामले में पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस तथा नौ अन्य को आरोपी बनाया है। इनमें आईडीबीआई बैंक के पूर्व चेयरमैन योगेश अग्रवाल भी शामिल हैं जिन्हें कल 2015 के ऋण चूक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
 
इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी की धाराओं तथा भ्रष्टाचार रोधक कानून के प्रावधानों के तहत मामला दायर किया गया है।
 
सीबीआई सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस के कार्यकारियों द्वारा ऋण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए संदिग्ध लेन-देन को लेकर अपनी जांच खुली रखी हैं।
 
उन्होंने कहा कि जांच में यह तथ्य सामने आया है कि 900 करोड़ रुपए के ऋण में 263 करोड़ रुपए का हेरफेर किया गया। इस राशि का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन कर व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए किया गया। 
 
किंगफिशर एयरलाइंस और आईडीबीआई बैंक के पूर्व अधिकारियों के साथ सोमवार को नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी को आशंका है कि ये लोग गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। सीबीआई ने इन लोगों की हिरासत नहीं मांगी है और गिरफ्तारी का उद्देश्य सबूतों और गवाहों को प्रभावित करने के किसी प्रयास को रोकना है।
 
सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र के बाद अब सीबीआई के सामने ब्रिटेन में माल्या के प्रत्यर्पण के लिए अधिकारियों से संपर्क करने का रास्ता खुल गया है। समझा जाता है कि माल्या लंदन में हैं। सूत्रों ने कहा कि एजेंसी को माल्या के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट मिल गया है। माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। (भाषा) 



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