न्यायमूर्ति शरद अरविन्द बोबडे देश के 47वें प्रधान न्यायाधीश नियुक्त, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

पुनः संशोधित मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019 (16:02 IST)
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नई दिल्ली। न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे को मंगलवार को देश का 47वां नियुक्त किया गया। वे 18 नवंबर को प्रधान न्यायाधीश पद की शपथ ग्रहण करेंगे। कानून मंत्रालय ने मंगलवार को न्यायमूर्ति बोबडे की देश के नए प्रधान न्यायाधीश पद पर नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की। न्यायमूर्ति बोबडे करीब 17 महीने प्रधान न्यायाधीश रहेंगे।
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न्यायमूर्ति बोबडे की नियुक्ति प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के स्थान पर की गई है, जो 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। न्यायमूर्ति बोबडे 23 अप्रैल, 2021 तक देश के प्रधान न्यायाधीश रहेंगे।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने स्थापित परपंरा के अनुरूप पिछले सप्ताह ही अपने उत्तराधिकारी के रूप में शीर्ष अदालत के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति बोबडे की नियुक्ति की सिफारिश की थी। न्यायमूर्ति बोबडे ने 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल में पंजीकरण कराने के बाद बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में वकालत शुरू की। उन्हें 1998 में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोनीत किया गया।
न्यायमूर्ति बोबडे की 29 मार्च 2000 को बंबई उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश पद पर नियुक्ति हुई। वे 16 अक्टूबर 2012 को मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने और 12 अप्रैल 2013 को पदोन्नति देकर उन्हें उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश बनाया गया।



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