रूस-यूक्रेन में युद्ध की आहट के बीच मध्यप्रदेश के फंसे 100 छात्रों को निकालने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया से लगाई गुहार

Author विकास सिंह| Last Updated: रविवार, 20 फ़रवरी 2022 (01:14 IST)
हमें फॉलो करें
भोपाल। और युद्ध की आहट सुनाई देने के बाद अब के यूक्रेन में फंसे स्टूडेट्स के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। यूक्रेन में कार ब्लास्ट और गैस पाइपलाइन में विस्फोट के के बाद अब इस बात की आंशका बढ़ गई है कि रूस यूक्रेन पर हमला कर सकता है। यूक्रेन में 20 हजार के करीब भारतीय छात्र फंसे हुए हैं जिनमें मध्यप्रदेश के लगभग 100 के करीब छात्र शामिल है। जिनमें इंदौर, रीवा के साथ कई अन्य जिलों के स्टूडेंट्स शामिल है।

रूप और यूक्रेन में बढ़ते तनाव के बाद यह स्टूडेंट्स अपनी घर वापसी को लेकर चितिंत है। वहीं छात्रों के परिजनों ने सरकार से छात्रों को जल्द सुरक्षित वतन वापसी की मांग की है। दरअसल मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए पिछले कुछ सालों से यह सभी स्टूडेंट्स यूक्रेन में रह रहे हैं।

युद्ध की स्थिति बनने के बाद अब इन छात्रों के परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इंदौर के कुछ परिवारों ने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से बच्चों की वापसी को लेकर गुहार लगाई तो उन्होंने केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से फोन पर चर्चा की।
मंत्री तुलसी सिलावट के मुताबिक केन्द्रीय विमानन मंत्री ने भरोसा दिया है विदेश मंत्रालय से लगातार संवाद जारी है और अनुमति मिलते ही वहां फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए विमान यूक्रेन के लिये भेजा जायेगा। यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों को सकुशल वापस लाया जायेगा।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत सरकार लगातार हर स्थिति को देख रही है और बच्चों की सकुशल घर वापसी शीघ्र कराई जायेगी। जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के मुताबिक अब तक जो जानकारी मिली है उसके अनुसार मध्यप्रदेश के करीब 100 से अधिक छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं जिनमें सबसे अधिक छात्र इंदौर के हैं।
वहीं केंद्र सरकार ने भारतीयों को यूक्रेन छोड़ने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। यूक्रेन की राजधानी कीव में भारतीय दूतावास ने भारतीय छात्रों से कहा है कि यदि उनका यूक्रेन में रहना जरूरी नहीं है तो वे अस्‍थायी रूप से यूक्रेन छोड़ दें। वहीं एयर इंडिया के विमान यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए अभियान शुरु करने जा रहे है।

रूस और यूक्रेन में युद्ध की आहट :
रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच अब युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। दोनों ही देश अब युद्ध के मुंहाने पर पहुंचते हुए दिखाई दे रहे है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित अलगाववादियों के कब्जे वाले शहर डोनेट्स्क में एक विस्फोट हुआ है। जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रमुख डेनिस सिनेंकोव की जीप पूरी तरह से तबाह हो गई है।

डोनेट्सक में विस्फोट को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के 'फॉल्स फ्लैग अभियान' की शुरुआत माना जा रहा है जिसकी अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थीं। वहीं यह यूक्रेन पर रूसी हमले का पहला चरण भी हो सकता है जिसका अमेरिका लगातार दावा कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबर है कि फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन के तहत व्लादिमीर पुतिन की सेना ने खुद कार को बम से उड़ाया ताकि यह दावा किया जा सके कि यूक्रेन का पूर्वी क्षेत्र और यहां रहने वाले रूसी नागरिक खतरे में हैं। इस खतरे को बहाना बनाकर रूसी सैनिक और टैंक सीमा पार करते हुए यूक्रेन पर हमला कर सकेंगे।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस को चेतावनी दी है। बाइडेन ने कहा है कि विवाद को बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है, अब भी देर नहीं हुई है। रूस अब भी कूटनीतिक तरीके से इस समस्या का हल चुन सकता है,अब भी टेबल पर बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है।



और भी पढ़ें :