सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों के चंदे का मुद्दा उठा सकते हैं नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली| Last Updated: सोमवार, 30 जनवरी 2017 (12:04 IST)
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संसद के बजट सत्र से पहले सोमवार को लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन और सरकार की ओर संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि बजट सत्र में संसद का काम सुचारु रूप से चलाया जा सके। इससे पहले शीतकालीन सत्र में नोटबंदी पर हंगामे के चलते पूरा सत्र बर्बाद हो गया था।
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने संसद के बजट सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया है। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने सुबह पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में बैठक बुलाई है जबकि लोकसभा अध्यक्ष ने रात्रिभोज पर शाम 7 बजे बैठक बुलाई है।
 
बजट सत्र का पहला हिस्सा 9 फरवरी तक होगा क्योंकि इस दौरान उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरू होगा और 12 अप्रैल तक चलेगा। संसद का बजट सत्र मंगलवार से शुरू हो रहा है। 31 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण देंगे। केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया जाना है और इसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण को भी पटल पर रखा जा सकता।
 
माना जा रहा है कि सरकार की ओर से बुलाई गई बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी चंदे में पारदर्शिता के मुद्दे को उठा सकते हैं। 
 
सदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने भी सभी दलों को विचार-विमर्श के लिए बुलाया है. इसमें सरकरा विपक्ष के साथ मतभेद के मुद्दों पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करेगी ताकि हंगामे से बचा जा सके। सरकार की ओर से बुलाई गई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति दलों के में पारदर्शिता का मुद्दा उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी चुनावी रैलियों में फंडिंग में पारदर्शिता का मुद्दा उठाते रहे हैं। 



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