बाल मजदूर बना फिल्म महोत्सव का जूरी

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
इस साल 14 वर्षीय मनन अंसारी के लिए कुछ खास लेकर आया है। बात बहुत दिनों की नहीं है जब अंसारी झारखंड की एक अभ्रक खान में के रूप में काम करता था लेकिन बाल मजदूरी से मुक्त होने के बाद अब उसकी दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है।


अंसारी हैदराबाद में आज से शुरू हो रहे 16 वें अंतरराष्ट्रीय बाल के लिए ज्यूरी का सदस्य चुना गया है। वह फिलहाल जयपुर के एक एनजीओ बाल आश्रम में रह रहा है, जो बाल अधिकार के क्षेत्र में पुनर्वास सह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है।
बाल मजदूरी के खिलाफ काम करने वाले और एनजीओ के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि अंसारी जूरी सदस्य के तौर पर चुना गया है, जो सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का फैसला करेगा।


उल्लेखनीय है कि इस महोत्सव के दौरान सिकंदराबाद और हैदराबाद के आठ स्थानों पर 20 देशों की 70 फिल्में दिखाई जाएगा। महोत्सव एक सप्ताह चलेगा। (भाषा)



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