दसवीं बोर्ड खत्म करने के खिलाफ हैं मनमोहन

नई दिल्ली| वार्ता| पुनः संशोधित रविवार, 15 नवंबर 2009 (00:15 IST)
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प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह दसवीं की बोर्ड परीक्षा को खत्म करने के लिए अचानक लिए गए फैसले के विरूद्ध है। इस फैसले से देशभर में छात्रों अभिभावकों तथा शिक्षाविदों के बीच काफी तीखी प्रतिक्रिया हुई है।


बच्चों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम लोग अब भी इस मुद्दे पर बहस कर रहे हैं। यह अभी एक प्रयोग के स्तर पर है। उन्होंने कहा कि कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री का ध्यान जब इस बात की ओर खींचा गया कि क्या दसवीं का बोर्ड खत्म होने से बच्चे पढाई में कमजोर नही हो जाएँगे तो उन्होंने यह टिप्पणी की को खत्म करने तथा उसकी जगह ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने का फैसला गत दिनों मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने लिया।

एक प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सर्वशिक्षा अभियान के तहत सभी बच्चों को शिक्षित करना चाहती है तथा नरेगा के तहत किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाना चाहती है ताकि वे अपने बच्चों को शिक्षित कर सकें।


डॉ. सिंह ने कहा कि अभी इस दिशा में काफी कुछ किया जाना बाकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के बच्चे सौभाग्यशाली हैं कि गाँवों में बिजली, सड़क तथा डॉक्टर हैं। जब मैं जवान था, तब मेरे पास जूते नहीं थे। हम लोग क्लास में जमीन पर बैठते थे और बैठने के लिए घर से एक बोरा लेकर आते थे। जब बारिश होती थी तो हमें मुश्किल होती थी। मैं तो लालटेन की रोशनी में पढ़ता था। (वार्ता)



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