अमित शाह बोले, मणिपुर में पिछले 5 साल में न नाकेबंदी हुई, न कोई बंद

Last Updated: मंगलवार, 11 जनवरी 2022 (17:18 IST)
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री ने गुरुवार को कहा कि पिछले 5 सालों में में एक बार भी नाकेबंदी या बंद नहीं हुआ और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बड़ी सफलता हासिल की है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मणिपुर में 2,450 करोड़ रुपए के 29 विकास कार्यों का करते हुए और आधारशिला रखते हुए शाह ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में मणिपुर में हिंसा को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है और जब तक स्थिरता और शांति नहीं होगी, विकास असंभव है।
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उन्होंने कहा कि इन 5 सालों में न तो कभी कोई नाकाबंदी की गई है, न ही कोई बंद हुआ और हिंसा पर भी काफी हद तक काबू पाया गया है। जब तक स्थिरता और शांति नहीं होगी, विकास असंभव है। गृहमंत्री ने कहा कि सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मणिपुर में हर जगह विकास ले जाने में बड़ी सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि बीरेन सिंह सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उसने मणिपुर के लिए स्थिरता, शांति और विकास के रास्ते खोल दिए हैं। शाह ने कहा कि मणिपुर ने पिछली सरकारों के दौरान देखी गई नाकाबंदी, हिंसा, भ्रष्टाचार, बंद और नशीले पदार्थों के व्यापार की परंपरा से बाहर आने का सफल प्रयास किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की 21 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया और 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी। गुरुवार को 265 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन और 2,194 करोड़ रुपए की 14 परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है।
शाह ने कहा कि पिछली सरकारों के लंबे शासन में ऐसे 2 दिन बता दीजिए जब 5,500 करोड़ रुपए के कामों का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ हो। गृहमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई मार्ग खोले हैं और प्रधानमंत्री कहते हैं कि ये 8 राज्य भारत की 'अष्टलक्ष्मी' हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े सात सालों में केंद्रीय मंत्रियों ने पूर्वोत्तर के कई दौरे किए हैं और खुद प्रधानमंत्री कई बार इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। शाह ने कहा कि बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा विवाद जैसी कई समस्याओं को समझौतों के जरिए सुलझाया गया, जबकि ब्रू-रियांग समझौते और बोडो समझौते सहित कई शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में करीब 3,000 उग्रवादियों ने अपने हथियार डाल दिए हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं और ये युवा अब देश के विकास की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। भाजपा नेता ने कहा कि पिछली सरकारों के समय पर 'अस्थिरता', 'विद्रोह' और 'असमानता थी जबकि उन्होंने 'नवाचार', 'अवसंचरना' और 'एकीकरण' दिया। उन्होंने कहा कि एकीकरण से ही देश एक हो सकता है और पूर्वोत्तर एक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि मणिपुरी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए (मणिपुर की) रानी मां और सभी आदिवासी नेताओं पर एक संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंडमान में महाराजा कुलचंद्र और उनके साथियों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और जहां लड़ाई हुई उस जगह का नाम माउंट मणिपुर रखकर मोदी सरकार ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी है। शाह ने कहा कि ये मणिपुर ही है जिसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष में स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार बनाया था और मंगलवार को आजाद हिंद फौज का पहला झंडा फहराने का मौका भी मणिपुर को ही मिला।



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