0

रशिया-यूक्रेन युद्ध और महाभारत, भारत के लोग क्या कभी सीख पाएंगे यह 12 नीति

शनिवार,मार्च 5, 2022
jelinski and putin
0
1
जब एथेंस का अस्तित्व भी नहीं था तब भारत में लोकतंत्र था। लोकतंत्र की अवधारणा भारत की देन है। वेदों में और महाभारत में इसके सूत्र मिलते हैं। बौद्ध काल में वज्जी, लिच्छवी, वैशाली जैसे गंणतंत्र संघ लोकतांत्रिक व्यवस्था के उदाहरण हैं। वैशाली के पहले ...
1
2
Pandav Panchami 2021 : दीपावली के बाद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पांडव पंचमी के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के आदेश से पांडवों ने कौरवों को जिस दिन हराया था, उस दिन पंचमी थी। इसीलिए तभी से पांचों पांडवों की पूजा होती पांडव पंचमी मनाई ...
2
3
भीष्म ने युद्ध के पहले और बाद में बहुत ही महत्वपूर्ण बातें कही थी। ऐसी कई बातें थी जिसे उन्होंने धृतराष्ट्र, दुर्योधन, कृष्ण, अर्जुन और युधिष्ठिर से कहा था। शरशय्या पर लेटे भीष्म ने युधिष्ठिर को संबोधित करके सभी को उपदेश दिया। उनके उपदेशों में ...
3
4
महाभारत में श्रीमद्भागवत गीता के अलावा अनु गीता, हंस गीता, पराशर गीता, बोध्य गीता, विचरव्नु गीता, हारीत गीता, काम गीता, पिंगला गीता, वृत्र गीता, शंपाक गीता, उद्धव गीता, मंकि गीता, व्याध गीता जैसी अनेक गीताएं हैं। इसके अलावा गुरु गीता, अष्ट्रवक गीता, ...
4
4
5
महाभारत की कथा में कई अंतरकथाएं हैं और कई कथाएं जनश्रुति या मान्यता के आधार पर भी हैं। उन्हीं में से एक कथा है एकलव्य की। सभी जानते हैं कि एकलव्य को गुरु द्रोण ने शिक्षा नहीं दी थी और बाद में उन्होंने दक्षिणा के रूप में एकलव्य का अंगूठा मांग लिया ...
5
6
भगवान श्रीकृष्ण की नीति के चलते अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को चक्रव्यूह को भेदने का आदेश दिया गया। यह जानते हुए भी की अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदना तो जानते हैं लेकिन उससे बाहर निकलना नहीं जानते हैं। दरअसल, अभिमन्यु जब सुभद्रा के गर्भ में थे तभी चक्रव्यूह ...
6
7
महाभारत की ठीक तरह से शुरुआत राजा शांतनु की कहानी से होती है। राजा शांतनु के पुत्र भीष्म पितामह थे। आओ जानते हैं कि किस तरह राजा शांतनु के कारण कौरव और पांडवों के कुल का प्रारंभ हुआ किन 3 शर्तों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
7
8
पहले हमने बताया कि किसी तरह श्रीकृष्ण और श्रीमद्भागवत गीता से सीखें मैनेजमेंट के गुण। इस बार पढ़िये कि किस तरह सीखें आप महाभारत के पांडवों से जिंदगी जीने का गुर या सूत्र। दरअसल, महाभारत हमें बहुत कुछ सिखाती है परंतु हम उससे कुछ सीखना ही नहीं चाहते ...
8
8
9
कौरव और पांडवों के बीच जब राज्य बंटवारे को लेकर कलह चली, तो मामा शकुनि की अनुशंसा पर धृतराष्ट्र ने खांडवप्रस्थ नामक एक जंगल को देकर पांडवों को कुछ समय तक के लिए शांत कर दिया था। इस जंगल में एक महल था जो खंडहर हो चुका था। पांडवों के समक्ष अब उस जंगल ...
9
10
महाभारत के युद्ध की समाप्ति के बाद सभी पांडव सशरीर स्वर्ग गए थे। स्वर्ग अर्थात हिमालय के किसी क्षेत्र में जहां इंद्रादि का राज्य था। पांचों पांडव अपना राजपाट परीक्षित को सौंपकर जब स्वर्ग की कठिन यात्रा कर रहे थे तब इस यात्रा में द्रौपदी भी उनके साथ ...
10
11
हज़ार साल के युद्ध और तपस्या के बाद फिर एक कवच टूटा और नारायण की मृत्यु हो गयी। फिर नर ने आकर नारायण को पुनर्जीवित कर दिया, और यह चक्र फिर फिर चलता रहा।
11
12
अर्जुन और सुभद्रा के पुत्र वीर अभिमन्यु के बारे में सभी जानते हैं कि वे किस तरह चक्रव्यूह में फंसकर वीरगति को प्राप्त हो गए थे। आओ इस संबंध में जानते हैं बेहद ही खास रहस्य।
12
13
महाभारत यूं तो सैंकड़ों घटनाओं का संग्रह है, परंतु फिर भी कुछ ऐसी घटनाएं हैं जो जनमानस में प्रचलित हैं। आओ ऐसी ही घटनाओं की एक लिस्ट पर नजर डालते हैं।
13
14
अश्वत्थामा महाभारतकाल अर्थात द्वापरयुग में जन्मे थे। उनकी गिनती उस युग के श्रेष्ठ योद्धाओं में होती थी। वे गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र व कुरु वंश के राजगुरु कृपाचार्य के भानजे थे।
14
15
कहते हैं कि जरासंध ने अपने पराक्रम से 86 राजाओं को बंदी बना लिया था। बंदी राजाओं को उसने पहाड़ी किले में कैद कर लिया था। यह भी कहा जाता है कि जरासंध 100 राजाओं को बंदी बनाकर किसी विशेष दिन उनकी बलि देना चाहता था जिससे कि वह चक्रवर्ती सम्राट बन सके। ...
15
16
आप यह तो जानते ही हैं कि रामायण काल के श्री हनुमानजी, श्री जामवंतजी और मयासुर, परशुराम और दुर्वासा ऋषि सहित कई लोग महाभारत काल में भी मौजूद थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महाभारत भी भी राम कथा का वर्णन मिलता है।
16
17
ब्रह्मा के पुत्र अत्रि ने कर्दम ऋषि की पुत्री अनुसूया से विवाह किया था। अनुसूया की माता का नाम देवहूति था। अत्रि-दंपति की तपस्या और त्रिदेवों की प्रसन्नता के फलस्वरूप विष्णु के अंश से महायोगी दत्तात्रेय, ब्रह्मा के अंश से चन्द्रमा तथा शंकर के अंश से ...
17
18
महाभारत में द्युतक्रीड़ा के समय युद्धिष्ठिर ने द्रौपदी को दांव पर लगा दिया और दुर्योधन की ओर से मामा शकुनि ने द्रोपदी को जीत लिया। उस समय दुशासन द्रौपदी को बालों से पकड़कर घसीटते हुए सभा में ले आया। जब वहां द्रौपदी का अपमान हो रहा था तब भीष्मपितामह, ...
18
19
व्याथ गीता में मार्कण्डेय ऋषि युधिष्ठिर को ज्ञान देते हैं। यह गीता में महाभारत का हिस्सा है। दरअसल, इस गीता में एक शिकारी या कहें कि बहेलिया एक ब्राह्मण संन्यासी को शिक्षा देता है। यह कथा हमें महाभारत के वन पर्व में पढ़ने को मिलती है। यह कथा ...
19
20
धृतराष्ट्र ने समझाया कि पुत्र, यदि केवल 5 गांव देने से युद्ध टलता है, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है इसलिए अपनी हठ छोड़कर पांडवों से संधि कर लो ताकि ये विनाश टल जाए। दुर्योधन अब गुस्से में आकर बोला कि पिताश्री, मैं एक तिनके की भी भूमि उन पांडवों को ...
20
21
कुरुक्षेत्र में कौरव और पांडवों की लड़ाई में दुर्योधन कौरवों का सबसे बड़ा भाई था। दुर्योधन अधर्मी, जिद्दी और मूर्ख भी था। वह गांधारी और धृतराष्ट्र का पुत्र एवं कर्ण का मित्र था, परंतु वह अधिकतर बातें अपने मामा शकुनि की ही मानता था। दुर्योधन की जिद, ...
21
22
रामायण और महाभारत काल में भी मंदिर होते थे। इस बात के कई प्रमाण मिल जाएंगे। रामायण काल में मंदिर होते थे, इसके प्रमाण हैं। राम का काल आज से 7129 वर्ष पूर्व था अर्थात 5114 ईस्वी पूर्व। राम ने रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना की थी। इसका मतलब यह कि ...
22
23
एकलव्य के संबंध में बहुत भ्रम फैला हुआ है। एकलव्य एक राजपुत्र थे, भील थे, आदिवासी थे, निषाद थे या कि और कोई? क्या सच में ही गुरु द्रोणाचार्य ने इसलिए उन्हें शिक्षा नहीं दी क्योंकि वे एक भील थे? इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाती है। आओ जानते हैं ...
23
24
ऐसे कई योद्धा थे जो महाभारत के युद्ध या कहें कि कुरुक्षेत्र के युद्ध में भाग लेने से वंचित रह गए। यह भी कह सकते हैं कि श्रीकृष्ण की नीति के चलते ही ऐसा हुआ। आओ जानते हैं उन महान योद्धाओं के नाम जो महान युद्ध का हिस्सा नहीं बन सकते और यदि वे इस युद्ध ...
24
25
भीम ने दुर्योधन की जंघा उतार दी थी। वह खून में लथपथ होकर रणभूमि पर गिरा हुआ था। बस, कुछ ही समय में दम तोड़ने वाला था लेकिन भूमि पर गिरे हुए ही उसने श्रीकृष्ण की ओर देखते हुए अपने हाथ की तीन अंगुलियों को बार-बार उठाकर कुछ बताने का प्रयास किया। पीड़ा ...
25
26
रामेश्वर कुण्ड, एक समय श्री कृष्ण इसी कुण्ड के उत्तरी तट पर गोपियों के साथ वृक्षों की छाया में बैठकर श्रीराधिका के साथ हास–परिहास कर रहे थे।
26
27
कर्ण ने कृष्ण से पूछा - मेरा जन्म होते ही मेरी माँ ने मुझे त्याग दिया। क्या अवैध संतान होना मेरा दोष था ? द्रौपदी स्वयंवर में मेरा अपमान किया गया।
27
28
भगवान श्रीकृष्ण 64 कलाओं में दक्ष थे। एक ओर वे सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे, तो दूसरी ओर वे द्वंद्व युद्ध में भी माहिर थे। इसके अलावा उनके पास कई अस्त्र और शस्त्र थे। उनकी नारायणी सेना महाभारत काल की सबसे खतरनाक सेना थी। श्रीकृष्ण ने ही कलारिपट्टू नामक ...
28
29
महाभारत में कुं‍ती पुत्र युधिष्ठिर, अर्जुन और भीम एवं माद्री पुत्र नकुल और सहदेव की पत्नी द्रौपदी थीं। राजा द्रुपद की बेटी द्रौपदी को पांचाली भी कहा जाता है। द्रौपदी दिखने में बहुत ही सुंदर थी। पांचों पांडवों ने अन्य महिलाओं से भी विवाह किया था जैसे ...
29
30
जब पितामह भीष्म बाणों की शैया पर लेते हुए थे तब श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा:- भीष्म जीवन और मृत्यु के बीच लटक रहे हैं। जाओ, उनसे जो कुछ पूछना है, पूछ लो।' युधिष्ठिर, कृष्ण, कृप और पाण्डवों के साथ कुरुक्षेत्र में पहुंचे। मृत्यु शय्या पर पड़े हुए ...
30
31
शरशय्या पर लेटने के बाद भी भीष्म प्राण नहीं त्यागते हैं। भीष्म के शरशय्या पर लेट जाने के बाद युद्ध और 8 दिन चला और इसके बाद भीष्म मैदान में अकेले लेटे रहे। भीष्म यद्यपि शरशय्या पर पड़े हुए थे फिर भी उन्होंने श्रीकृष्ण के कहने से युद्ध के बाद ...
31
32
भीष्म पितामह शरशय्या पर 58 दिन तक रहे। उसके बाद उन्होंने शरीर त्याग दिया तब माघ महीने का शुक्ल पक्ष था। आओ जानते हैं कि इस दौरान उन्होंने जो शिक्षा दी उसमें से 11 खास सीख।
32