PM मोदी ने महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए राज्यों के वैट को ठहराया जिम्मेदार, बड़ा सवाल- क्या शिवराज सरकार कम करेगी VAT?

मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 121 रु/ली बिक रहा पेट्रोल, पेट्रोल पर 30 और डीजल पर 22 रु/ली वसूल रही भाजपा सरकार

Author विकास सिंह| Last Updated: बुधवार, 27 अप्रैल 2022 (16:03 IST)
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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में पेट्रोल और डीजल पर नहीं कम करने को लेकर गैर भाजपा शासित राज्यों को आड़े हाथों लिया। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों ने पर वैट नहीं घटाकर अपने नागरिकों को लाभ नहीं दिया और राजस्व कमाया है। बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि

महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और झारखंड ने किसी न किसी कारण से केंद्र की सलाह को नहीं माना और उनके नागरिकों पर बोझ जारी रहे।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि चेन्नई में पेट्रोल के दाम 111 रुपये के करीब हैं। जयपुर में 118 से ज्यादा,
हैदराबाद में 119 रुपये से ऊपर, कोलकाता में 115 रुपये से अधिक, मुंबई में तो 120 रुपये तक पहुंच गए हैं। वहीं
मुंबई के बगल में दमन-दीव में पेट्रोल का भाव 102 रुपये है, लखनऊ में 105 रुपये, जम्मू में 106 रुपये, गुवाहाटी में 105 रुपये, गुड़गांव में 105 रुपये तो वहीं छोटे से राज्य उत्तराखंड के देहरादून में पेट्रोल का दाम 103 रुपया है।
MP में पेट्रोल पर 30, डीजल पर 22 रुपया वैट-में भी और डीजल-प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भले ही मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले का नाम नहीं लिया हो जहां पर पेट्रोल इन दिनों 121 रुपए से अधिक प्रति लीटर और डीजल 104 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में पेट्रोल के दाम आज 119-120 रुपए के करीब है।

मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल के महंगा होने का सबसे बड़ा कारण टैक्स की अत्यधिक दर होना है। मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर 29 फीसदी वैट है। अगर पेट्रोल के प्रति लीटर दामों के हिसाब से देखे तो 118 रुपए लीटर पेट्रोल में 30 रुपए से अधिक का टैक्स है।
वहीं शिवराज सरकार डीजल पर प्रति लीटर 19 फीसदी टैक्स वसूली रही है। 101 रुपए लीटर बिकने वाले डीजल में 22 रुपए का केवल टैक्स है।

यूपी से 13 रु/ली. महंगा पेट्रोल- पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले पिछले साल नवंबर में जब केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइड ड्यूटी में कमी की थी तब प्रदेश सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल पर वैट और सेस को भी घटाया था लेकिन उसके बाद भी आज मध्यप्रदेश जिसकी सबसे अधिक सीमा उत्तर प्रदेश से लगती है वहां की तुलना में पेट्रोल 13 रुपए से अधिक प्रति लीटर महंगा है। मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह कहते है कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के दामों में इतना अंतर होने से प्रदेश के करीब 30 फीसदी पेट्रोल पंप व्यवसायी परेशान है।

MP में कम हो सकते है पेट्रोल/डीजल के रेट- मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि आज की स्थिति में प्रदेश सरकार पेट्रोल और डीजल में 3 से 4 रुपए प्रति लीटर की कमी कर सकती है। वहीं अजय सिंह कहते हैं कि पेट्रोल और डीजल को लेकर सरकार को अब वन नेशन-वन प्राइस की ओर बढ़ना चाहिए। पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई के पहुंचने के बाद लोगों को राहत तभी मिल सकती है जब वह GST के दायरे में आए।

ऐसे में जब मध्यप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल में टैक्स की कमी का मुद्दा उठाया है तो शिवराज सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट को कम करते लोगों को बड़ी राहत दे सकती है। वहीं मध्यप्रदेश से सटे राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्तारूढ दल है और इन राज्यों में पीएम मोदी के बयान के बाद टैक्स की कमी करना लगभग न के बराबर है तो मध्यप्रदेश दामों में कमी कर एक पॉलिटिक्स मैसेज भी दे सकता है।




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