रिमझिम बारिश से किसानों को राहत

भोपाल (वार्ता) | वार्ता| पुनः संशोधित रविवार, 16 अगस्त 2009 (22:00 IST)
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उत्तर पूर्वी सहित राज्य के कई जगहों पर जारी वर्षा से महसूस कर रहे हैं लेकिन जोरदार की अभी भी दरकार है।


लंबे अंतराल के बाद गत एक सप्ताह से मानसून के फिर सक्रिय हो होने से मध्यम से तेज बौछारों का सिलसिला जारी है। रिमझिम बरसात से फसलों को जीवन मिला है वहीं उमस भरी गर्मी से भी राहत महसूस की जा रही है। लेकिन जलाशयो में पर्याप्त जलसंग्रहण के लिए जोरदार बारिश का इंतजार है।

मौसम केंद्र के प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर चक्रवात बनने के साथ ही राज्य के ऊपर द्रोणिकाएँ भी छाई है, जिसके प्रभाव से वर्षा का दौर जारी है। कोई शक्तिशाली तंत्र नहीं होने से फिलहाल जोरदार वर्षा की संभावना नहीं है।

पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के चाचौड़ा में 50 मिलीमीटर, गुना में 40 नौगाँव में 30, जबलपुर, खजुराहो, टीकमगढ़, रायसेन और सैलाना में बीस-बीस मिलीमीटर वर्षा हुई।


अगले चौबीस घंटों के दौरान ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और उज्जैन संभागों के जिलों अनेक स्थानों पर और शेष हिस्सों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारे पड़ सकती है।
में घने बादल तो छाए रहे, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों की तरह आज भी हल्की वर्षा ही हुई। हालाँकि रिमझिम बरसात से झीलों की नगरी का मौसम सुहाना हो गया है। कल भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा।

शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम यानि 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब तक 680 मिलीमीटर वर्ष हो चुकी है, जो सामान्य से 37.7 मिलीमीटर कम है।



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