यह आंकड़ा बताता है कि अश्विन को ड्रॉप करने की कोहली ने जो वजह बताई है वह सरासर गलत है

पुनः संशोधित शुक्रवार, 3 सितम्बर 2021 (19:00 IST)
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विराट कोहली ने जबसे इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में को नहीं खिलाया है तब से वह फैंस और पूर्व क्रिकेटरों के निशाने पर हैं। टॉस के समय रविचंद्रन अश्विन को ना खिलाने की जो सफाई विराट कोहली ने दी थी वह यह थी कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा हैं इस कारण यह निर्णय लेना पड़ा।

उनकी यह सफाई सुनकर सिर्फ भारतीय ही नहीं इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों ने भी अपना सिर धुन लिया। एक क्रिकेट फैन को भी यह पता है कि बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाएं हाथ के स्पिनर को खेलना आसान होता है। फिर भी कोहली ने अश्विन को ना खिलाने पर सफाई दी वह भी ऐसी।

उल्टा रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर में सबसे ज्यादा विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों के ही लिए हैं। यह आंकड़े उनकी इस काबिलियत के गवाह हैं। 79 टेस्ट मैचों में 413 विकेट ले चुके अश्विन ने इसमें से करीब जिन आधे बल्लेबाजों को आउट किया वह बाएं हाथ के बल्लेबाज ही थे। अश्विन ने कुल 211 विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए हैं।

उनसे नीचे भारत के विरूद्ध खेल रहे जेम्स एंडरसन है जिन्होने अपने 165 मैचों में 630 टेस्ट विकेट निकाले हैं और इनमें से 192 विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों के हैं।

ऐसे में कोहली ने जो सफाई दी है उस आधार पर चौथे टेस्ट में रविंद्र जड़ेजा को बाहर होना था और रविचंद्रन अश्विन को अंतिम ग्यारह का हिस्सा होना था। कोहली के इस निर्णय पर कुछ ऐसे ट्वीट्स देखने को मिले।
वॉन से लेकर गावस्कर को लगी बेवकूफी पूर्ण बात

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा ,‘‘ ब्रिटेन में चार टेस्ट में एक में भी रविचंद्रन अश्विन का चयन नहीं होना सबसे बड़े ‘चयन नहीं करने ’ के फैसले में से है जो हमने देखे हैं। 413 टेस्ट विकेट और पांच टेस्ट शतक। पागलपन है।’’
आम तौर पर विवादास्पद टिप्पणी नहीं करने वाले मार्क वॉ ने उस पर जवाब लिखा ,‘‘ हैरानी हो रही है कि क्या भारतीय खेमे ने कुछ सोचा नहीं।’

लिटिल मास्टर सुनिल गावस्कर ने कहा कि क्या कोहली ने यह कहा कि चार बाएं हाथ के बल्लेबाज के सामने आर अश्विन से बेहतर रविंद्र जडेजा है। कोहली ने अपने तेज गेंदबाजों की बात कही। ’’

उन्होंने कहा ,‘‘ जडेजा की गेंदबाजी को देखो और क्या आपको यकीन है कि आप उसे इतने रन दे सकोगे कि वह चौथे या पांचवें दिन पिच में पड़ने वाली दरारों का इस्तेमाल कर सके।’’



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