भारत ने कराया चौथा टेस्ट ड्रॉ

सिडनी| Last Updated: शनिवार, 10 जनवरी 2015 (19:29 IST)
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सिडनी। ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 5वें और अंतिम दिन टूटती पिच पर विषम परिस्थितियों से उबरते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथा और अंतिम टेस्ट ड्रॉ कराया लेकिन मेजबान टीम श्रृंखला 2-0 से जीतने में सफल रही।
ऑस्ट्रेलिया के 349 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने अच्छी शुरुआत की। अंतिम सत्र में हालांकि उसने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए लेकिन अंत में टीम 89.5 ओवर में 7 विकेट पर 252 रन बनाकर मैच ड्रॉ कराने में सफल रही।
 
चाय तक भारत 2 विकेट पर 160 रन बनाकर अच्छी स्थिति में था और उसे अंतिम सत्र में जीत के लिए 33 ओवर में 189 रन की दरकार थी।
 
अंतिम सत्र में हालांकि पासा पलट गया, जब भारत ने जल्दी-जल्दी मुरली विजय (80), फॉर्म में चल रहे कप्तान विराट कोहली (46), सुरेश रैना (0), रिद्धिमान साहा (0) और रविचंद्रन अश्विन (1) के विकेट गंवा दिए जिससे ऑस्ट्रेलिया की जीत की उम्मीद जाग गई थी।
 
लेकिन अजिंक्य रहाणे (नाबाद 38) और भुवनेश्वर कुमार (नाबाद 20) ने तनावभरे लगभग 12 ओवर तक डटे रहकर मैच ड्रॉ करा दिया। इससे पहले भारत को पूरी श्रृंखला के दौरान अपने गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
 
ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड और ब्रिसबेन में जीत के साथ श्रृंखला 2-0 से जीतकर एक बार फिर बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की। मेलबोर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट ड्रॉ रहा था।
 
ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड ने 31, मिशेल स्टार्क ने 36 जबकि ऑफ स्पिनर नैथन लियोन ने 110 रन देकर 2-2 विकेट हासिल किए।
 
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी शुक्रवार के 6 विकेट पर 251 रन के स्कोर पर ही घोषित की जिससे भारत को श्रृंखला में अपनी पहली जीत दर्ज करने के लिए 90 ओवर में 349 रन का मुश्किल लक्ष्य मिला।
 
भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जल्द ही युवा सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (16) का विकेट गंवा दिया लेकिन विजय और रोहित शर्मा (36) ने दूसरे विकेट के लिए 56 रन जोड़कर पारी को संभाला।
 
विजय और राहुल ने भारत को धीमी लेकिन ठोस शुरुआत दिलाई। दोनों ने नई गेंद के खिलाफ सतर्क रवैया अपनाया जिससे पहले 7 ओवर में सिर्फ 9 रन बने।
 
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने 6ठे ओवर में ही स्पिनर नैथन लियोन को आक्रमण में लगा दिया। विजय ने पारी के 10वें ओवर में आक्रामक रवैया अपनाते हुए लियोन पर चौके और छक्के की मदद से 16 रन जुटाए।
 
दूसरी तरफ राहुल को क्रीज पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और वे विजय के साथ पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़ने के बाद पारी के 14वें ओवर में लियोन की गेंद पर बैकवर्ड शॉट लेग पर डेविड वार्नर को कैच दे बैठे।
 
राहुल के आउट होने पर रोहित क्रीज पर उतरे। रोहित पहली गेंद पर ही स्टंपिंग के करीबी मौके पर बाल-बाल बचे। राहुल के आउट होने के बाद 6.4 ओवर तक कोई रन नहीं बना। भारत ने 20वें ओवर में 50 रन पूरे किए।
 
रोहित ने पारी के 24वें ओवर में लियोन पर चौका और छक्का जड़ा और विजय के साथ मिलकर लंच तक टीम का स्कोर 1 विकेट पर 73 रन तक पहुंचाया।
 
लंच के बाद हालांकि रोहित अधिक देर तक नहीं टिक पाए। वे सकारात्मक सोच के साथ उतरे लेकिन शेन वॉटसन की गेंद पर स्मिथ ने स्लिप में शानदार कैच लपकते हुए उनकी पारी का अंत किया। 
 
उन्होंने 90 गेंदों में 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 39 रन बनाए। विजय का साथ देने इसके बाद कोहली उतरे। भारत ने पारी के 37वें ओवर में 100 रन पूरे किए। विजय हालांकि 42 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे, जब शान मार्श ने रेयान हैरिस की गेंद पर शॉर्ट कवर पर उनका कैच छोड़ दिया।
 
1 ओवर बाद भी विजय भाग्यशाली रहे, जब अंपायर रिचर्ड कैटलब्रा ने उनके खिलाफ हेजलवुड की पगबाधा की विश्वसनीय अपील को ठुकरा दिया जबकि रीप्ले में दिखा कि वे संभवत: आउट थे। विजय ने इसके बाद लियोन की गेंद पर 1 रन के साथ 135 गेंद पर श्रृंखला का अपना चौथा अर्द्धशतक पूरा किया।
 
भारत को अंतिम सत्र में 189 रन चाहिए थे जबकि उसके 8 विकेट शेष थे। टीम इंडिया सकारात्मक सोच के साथ उतरी और जोखिम उठाने की कोशिश की।
 
विजय और कोहली ने जीत के लिए प्रयास करने के इरादे के साथ उतरे लेकिन सलामी बल्लेबाज विजय जल्द ही हेजलवुड की गेंद पर विकेटकीपर ब्रेड हैडिन को कैच दे बैठे जिससे कप्तान के साथ उनकी तीसरे विकेट की 74 रन की साझेदारी का अंत हुआ। विजय ने 165 गेंद का सामना करते हुए 7 चौके और 2 छक्के मारे।
 
भारत ने 67वें ओवर में 200 रन पूरे किए लेकिन इसके तुरंत बाद कोहली ने स्टार्क की गेंद पर पहली स्लिप में वॉटसन को कैच थमा दिया। कोहली ने 95 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौके मारे। कोहली के आउट होने के साथ भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदें भी टूट गईं और अब उसका लक्ष्य मैच ड्रॉ कराना था।
 
स्टार्क ने इसके बाद रैना जबकि लियोन ने साहा को पैवेलियन भेजा। रैना मैच की दोनों पारियों में खाता खोलने में विफल रहे जिससे भारत ने 7 रन के भीतर 3 विकेट गंवाए।
 
अश्विन ने इसके बाद 22 गेंद का सामना किया और रहाणे के साथ मिलकर 7.1 ओवर तक टिके रहे जिसमें सिर्फ 9 रन बने। हेजलवुड ने हालांकि अश्विन को पगबाधा आउट करके भारत की मुसीबतें बढ़ा दीं।
 
भुवनेश्वर ने हालांकि इसके बाद रहाणे के साथ मिलकर कुछ आकर्षक शॉट खेले। दोनों ने 69 गेंदों में 35 रन जोड़ते हुए भारत को हार से बचाया। (भाषा)



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