टी-20 का विस्फोट करेंगे भारत और द. अफ्रीका

धर्मशाला| Last Updated: गुरुवार, 1 अक्टूबर 2015 (19:44 IST)
हमें फॉलो करें
धर्मशाला। और दक्षिण अफ्रीका की टीमें धर्मशाला की खूबसूरत वादियों में शुक्रवार को होने वाले पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में विस्फोट करने के लिए तैयार हो चुकी हैं।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 टी-20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले से 72 दिन के रोमांचक संघर्ष की दिशा भी तय हो जाएगी। दोनों टीमों में बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी से मुकाबले का दिलचस्प होना तय माना जा रहा है।
 
भारत ने हालांकि पिछले 12 महीनों में सिर्फ दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन उसके अधिकतर खिलाड़ियों को आईपीएल में क्रिकेट के सबसे छोटे टी-20 प्रारूप में खेलने का काफी अनुभव है। न केवल भारतीय खिलाड़ी बल्कि दक्षिण अफ्रीका के भी कई खिलाड़ी इस वर्ष आईपीएल में खेल चुके हैं और एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। 
 
हालांकि दक्षिण अफ्रीका की भारत दौरे की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसे मंगलवार को दिल्ली में भारत 'ए' की युवा टीम के हाथों टी-20 अभ्यास मैच में 189 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा था लेकिन अभ्यास मैच और अंतरराष्ट्रीय मैच में कहानी अलग-अलग हो जाती है।
 
दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले मुकाबले में अपनी पूरी ताकत के साथ उतरेगी जबकि भारत टी-20 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी श्रेष्ठता को बनाए रखने की कोशिश करेगा। भारत दक्षिण अफ्रीका को इस फॉर्मेट में 6 बार हरा चुका है। 
 
दोनों टीमों की नजरें इस सीरीज के जरिए अगले वर्ष भारत की मेजबानी में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए अपना संयोजन बिठाने पर लगी होंगी। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके महेन्द्र सिंह धोनी अपने पसंदीदा फॉर्मेट में कप्तान के रूप में लौट रहे हैं और इस फॉर्मेट में उनकी कप्तानी की भी कड़ी परीक्षा होगी।
 
टी-20 में एक विश्व कप और 2 आईपीएल खिताब जीत चुके धोनी की नजरें अगले वर्ष होने वाले विश्व कप पर लगी हुई हैं और वे यहां विजयी शुरुआत कर मेहमान टीम पर दबाव बनाना चाहेंगे। भारतीय टीम इस फॉर्मेट में बल्लेबाजी के लिहाज से काफी सशक्त नजर आती है।
 
शतक के साथ फिटनेस में वापसी कर चुके शिखर धवन, बेहद प्रतिभाशाली रोहित शर्मा, आक्रामक विराट कोहली, दिलकश सुरेश रैना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से भारतीय बल्लेबाजी के तरकश में वे सभी तीर मौजूद हैं, जो विपक्षी टीम के होश उड़ा सकते हैं।
 
टीम की गेंदबाजी मध्यम तेज गेंदबाजों भुवनेश्वर कुमार, मोहित शर्मा, श्रीनाथ अरविंद और ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी पर निर्भर करेगी कि वे धर्मशाला की परिस्थितियों का कैसा फायदा उठाते हैं। 
 
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और हाल में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले श्रीनाथ की धड़कनें बढ़ी हुई होंगी कि उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिल पाता है कि नहीं। डेथ ओवरों में भुवनेश्वर की गेंदबाजी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी, क्योंकि वे इन ओवरों में विपक्षी को रोकने में माहिर माने जाते हैं।
 
स्पिनरों के विभाग में ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल के बीच मुकाबला रहेगा। रवीन्द्र जडेजा की जगह पाने के लिए पटेल का दावा ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। पटेल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ और भारत 'ए' के लिए काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। हरभजन को उनके विशाल अनुभव का एडवांटेज मिल सकता है।
 
दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका की टीम कप्तान फाफ डु प्लेसिस की अगुवाई में इस सीरीज को विश्व कप की तैयारी के रूप में देख रही है। टीम की बल्लेबाजी बेहद मजबूत है लेकिन उसकी गेंदबाजी में अनुभव की कमी है। भारत को दक्षिण अफ्रीका के करिश्माई बल्लेबाज एबी डीविलियर्स और ऑलराउंडर जेपी डुमिनी से सतर्क रहना होगा।
 
डीविलियर्स अकेले अपने दम पर विपक्षी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाने की क्षमता रखते हैं और इस बात को वे कई बार साबित भी कर चुके हैं। डुमनी एक शानदार ऑलराउंडर हैं और आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान भी रह चुके हैं। डुमनी ने अभ्यास मैच में नाबाद अर्द्धशतक बनाने के अलावा एक विकेट भी लिया था। 
 
डुमनी का कहना है कि अभ्यास मैच में गेंदबाजों के प्रदर्शन से टीम कतई चिंतित नहीं है और उन्हें भरोसा है कि पहले मुकाबले में गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करेंगे। दक्षिण अफ्रीका ने अपने दो शीर्ष गेंदबाजों डेल स्टेन और मोर्ने मार्केल को विश्राम दिया है और कॉइल एबोट, मर्चेंट डी लांगे, एडीली क्रिस मारिस, कैगिसो रबादा और खाया जोंडो ने कुल 27 टी-20 मैच खेले हैं। 
 
दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी का दारोमदार अनुभवी लेग स्पिनर इमरान ताहिर के कंधों में रहेगा जिनके लिए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में कहा था कि भारत को उनके ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।
 
यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली की हार के बाद दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज धर्मशाला की परिस्थितियों से खुद को कितना अभ्यस्त कर पाएंगे। दक्षिण अफ्रीका का पिछले 1 वर्ष में टी-20 में 50-50 का प्रदर्शन रहा है। 
 
उसने 5 मैच जीते हैं और 5 मैच हारे हैं। दोनों ही टीमें धर्मशाला के खूबसूरत स्टेडियम में विजयी विस्फोट करने के लिए बेताब होंगी जिससे उम्मीद है कि क्रिकेटप्रेमियों को एक रोमांचक व संघर्षपूर्ण मुकाबला देखने को मिलेगा। (वार्ता)



और भी पढ़ें :