नो बॉल विवाद: कप्तान मिताली हुई नाराज, स्मृति मंधाना ने दिया यह बयान

Last Updated: शनिवार, 25 सितम्बर 2021 (11:57 IST)
मैकॉय:भारतीय कप्तान ने अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी से शुक्रवार को यहां आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे की आखिरी गेंद ‘नो बॉल’ डालने की उम्मीद नहीं की थी जिससे ‘करो या मरो’ का मुकाबला के हाथों से निकल गया।

आस्ट्रेलिया को अंतिम गेंद पर तीन रन की जरूरत थी लेकिन अत्याधिक ओस के कारण गोस्वामी के लिये गेंद पर नियत्रंण बनाना मुश्किल हो गया।

उन्होंने कमर के ऊपर फुलटॉस गेंद फेकी जो निकोल कैरी के बल्ले से छूकर सीधे भारतीय क्षेत्ररक्षक के हाथ में चली गयी जिससे भारतीय खेमे ने जश्न मनाना शुरू कर दिया लेकिन टीवी अंपायर ने इसे ‘नो बॉल’ घोषित किया।
ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम गेंद पर दो रन बनाकर मैच के साथ श्रृंखला जीत ली।

मिताली ने कहा, ‘‘मेरे लिये अंतिम गेंद काफी ‘नर्वस’ करने वाली थी क्योंकि इसमें कुछ भी हो सकता था, हमने ‘नो बॉल’ की उम्मीद नहीं की थी लेकिन यह खेल का हिस्सा है और हम सभी बहुत उत्साहित थे। आज हमने जैसा प्रदर्शन किया, वैसा करना जारी रखेंगे। ’’

हार के बावजूद मिताली ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों टीमों के लिये यह क्रिकेट का शानदार मैच था। मैच के दौरान करीब 550 रन बनाये गये, यह शानदार क्रिकेट प्रदर्शन था। हम फिर भी अगला मैच जीतना चाहते हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी विभाग ने शानदार काम किया, स्मृति और रिचा ने अच्छी बल्लेबाजी की। मेरे लिये अंतिम गेंद काफी नर्वस करने वाली थी क्योंकि कुछ भी हो सकता था। ’’

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बेथ मूनी बनी जिन्होंने आस्ट्रेलिया के लिये लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 125 रन की पारी खेली। उन्होंने कहा कि आदर्श यही होता कि मैच को अंतिम ओवर तक नहीं खिंचने देना चाहिए था।

मूनी ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैं निराश थी कि हम इसे अंतिम ओवर तक ले गये। कैरी के साथ साझेदारी शानदार रही, हमारी योजना वास्तव में अच्छी थी। हम अंदाजा लगा रहे थे कि वे अब कौन सी गेंद डालेंगे। ’’

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग ने भारतीय आक्रमण की प्रशंसा की जिसने यह मुकाबला करीबी बना दिया।उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने अच्छी गेंदबाजी की। जिस तरह से मैच खत्म हुआ, यह शानदार था। हमारी टीम में गहराई है, हमारे पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी में शानदार खिलाड़ी हैं। भारत ने मैच के ज्यादातर हिस्से में अच्छा खेल दिखाया। मैं इस जीत से काफी खुश हूं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जितने भी मैचों का हिस्सा रहे हैं, उसमें यह निश्चित रूप से काफी रोमांचक मैच रहा। हम तीसरे मैच में भी अच्छे मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं। ’’
मंधाना ने नो-बॉल के विवाद को कम करने की कोशिश की

भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच के अंतिम ओवर में नो-बॉल के विवाद को कम करने की कोशिश की जिससे मेजबान टीम को लगातार 26वें मैचों में जीत दर्ज करने का मौका मिला।

भारतीय टीम और अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे आखिरी ओवर में दबाव झेलने में नाकाम रहे जिससे ऑस्ट्रेलिया ने इस प्रारूप में लगातार जीत दर्ज करने के अपने रिकॉर्ड में और सुधार किया।

मंधाना ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हमने अभी तक एक टीम के रूप में उस गेंद को वास्तव में नहीं देखा है। हम बाहर मैदान पर थे, इसलिए यह तय करना बहुत मुश्किल है कि यह थी या नहीं। हमारे लिए इस बारे में कुछ कहना जल्दी होगी। हमें गेंद को देखना होगा और हम इसे देखेंगे।’’

मैच में 86 रन (94 गेंद) की शानदार पारी खेल भारत को सात विकेट पर 274 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाली मंधाना ने कहा, ‘‘ जब ये चीजें आपके पक्ष में जाती हैं, तो आप वास्तव में खुश होते हैं लेकिन विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते है। मैंने अभी तक गेंद को गंभीरता से नहीं देखा है।’’

मंधाना को हालांकि लय हासिल करने की खुशी है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सोच रही थी कि मुझे कहां सुधार करने की जरूरत है, टीम के सहयोगी सदस्य और हर कोई मेरा साथ दे रहा था। मुझे कुछ रन बनाने की खुशी है लेकिन 86 रन बनाकर आउट होने से निराश भी हूं। अगर मैं अपनी पारी जारी रखती तो मुझे अच्छा लगता।’’

उन्होंने कहा कि मैदान में ओस के कारण स्पिनरों के लिए गेंदबाजी करना आसान नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘ जब ओस होती है तो हमारे स्पिनर अलग दिखते हैं, गेंद पर पकड़ बनाना काफी मुश्किल होता है। लेकिन यह कोई बहाना नहीं हो सकता। जैसा कि मैंने कहा, ये ऐसी चीजें हैं जिनका हमने अभ्यास किया है, हम जानते थे कि ओस होगी। ओस एक बड़ा कारक था।’’

मैच में 125 रन की नाबाद पारी खेल टीम को जीत दिलाने वाले बेथ मूनी ने कहा, ‘‘ 52 रन चार विकेट गंवाने के बाद हमने शानदार वापसी की ।’’

मैच की आखिरी ओवर की अंतिम गेंद को नो-बॉल करार दिये जाने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ मैं मैदान से बाहर किसी से बात कर रही थी, वे कह रहे थे कि यह साफ तौर पर नो-बॉल थी। मुझे यकीन नहीं था, यह इतना करीबी मामला होगा।’’(भाषा)



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